ध्यान से देखें तो जीवन अपने में ही एक तपस्या है, आग में झुलसने जैसा है। जिनसे हम घृणा करते हैं, उनसे तो परेशान हैं ही, वास्तव में जिन्हें हम प्रेम करते हैं, उनकी ओर से भी कई तरह की परेशानियां झेलने को मिलती हैं। कैसी विडम्बना है? कोई मार्ग नहीं सूझता ना?
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गंगा का स्पर्श अपने पूर्वजों का स्पर्श है
दुनियाभर में नदियों के साथ मनुष्य का एक भावनात्मक रिश्ता रहा है, लेकिन भारत में आदमी का जो रिश्ता नदियों-खासकर गंगा, यमुना, नर्मदा गोदावरी आदि प्रमुख नदियों के साथ रहा है, उसकी शायद ही किसी दूसरी सभ्यता में मिसाल देखने को मिले। इनमें भी गंगा के साथ भारत के लोगों का रिश्ता जितना भावनात्मक है, […]
गुरूओं के गुरू हैं साईं बाबा
गुरूओं के गुरू साईं बाबा ने अपना संपूर्ण जीवन सादगी व फकीराना अंदाज में बिता दिया। अपने जीवनकाल में लेकर आज तक वह अपने भक्तों पर कृपा दृष्टि कर रहे हैं। त्याग, करूणा, प्रेम और वात्सल्य जैसे गुणों ने साई बाबा को गुरूओं का भी गुरू बना दिया। जानिए करूणामयी साईं के आदर्शों के बारे में –
