Posted inहिंदी कहानियाँ

बोझिल पलकें, भाग-25

जिस पिता के जीवन को बचाने के लिए अजय ने अपनी जान तक की परवाह नहीं की, आज उसी मोड़ पर उसके सामने एक ऐसा रास्ता खुल रहा था, जहां से उसे अपने पिता की रिहाई और चन्दानी के अपराधों का भंडाफोड एक साथ नजर आ रहा था। क्या था वह रास्ता?

Gift this article