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वृष राशिफल-Vrishabh Rashifal 2022 – 8 नवंबर से 15 नवंबर
Taurus Horoscope

ई, उ, ए कृतिका-2

ओ, वा, वी, वू रोहिणी-4

वे, वो मृगशिरा-3


ग्रह स्थिति

मासारम्भ में मंगल मिथुन राशि का द्वितीय भाव में, शुक्र+केतु+सूर्य+बुध तुला राशि का षष्ठम भाव में, चंद्रमा+शनि मकर राशि का नवम भाव में, गुरु मीन राशि का ग्यारहवें भाव में, राहु मेष राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।


8 नवम्बर से 15 नवम्बर तक

दिनांक 8 को आप संभलकर चलें, अन्यथा गिरने से चोटिल हो सकते हैं। वाहन टक्कर से आपको या वाहन को नुकसान हो सकता है। दैनिक कार्यक्रम में परिवर्तन करना पड़ सकता है। 9, 10, 11 को आप मंगलमय यात्रा करेंगे। व्यापारिक या पारिवारिक यात्रा सफलताप्रद रहेगी। धार्मिक कार्यक्रमों में शरीक होंगे। आप इस समय बचत पर ध्यान देंगे और कुछ हद तक सफल भी रहेंगे। 12, 13 को समय अच्छा है। आय बढ़ाने के तरीकों पर विचार करेंगे। बृहस्पति का स्वयं की राशि में परिभ्रमण गुरुजनों के प्रति आपकी सेवा व उनके आशीर्वाद में इजाफा करेंगे। 14, 15 को धन लाभ होगा। आय बढ़ेगी। समय खुशी से व्यतीत होगा। विदेशी व्यापार से जुड़े जातकों को अच्छा लाभ मिलेगा। आप राहत व सुकून महसूस करेंगे।

वृषभ राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2022शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी8, 9, 13, 14, 15, 18, 191, 2, 3, 11, 12, 21, 22, 29, 30
फरवरी4, 5, 9, 10, 11, 14, 157, 8, 17, 18, 25, 26, 27
मार्च3, 4, 5, 9, 10, 13, 14, 15, 316, 7, 16, 17, 24, 25, 26
अप्रैल1, 5, 6, 7, 10, 11, 27, 283, 4, 13, 14, 21, 22, 30
मई2, 3, 7, 8, 24, 25, 30, 311, 10, 11, 18, 19, 27, 28
जून3, 4, 5, 21, 22, 26, 27, 306, 7, 8, 14, 15, 16, 23, 24
जुलाई1, 2, 18, 19, 23, 24, 25, 28, 293, 4, 5, 12, 13, 21, 22, 31
अगस्त14, 15, 16, 19, 20, 21, 24, 251, 8, 9, 10, 17, 18, 27, 28
सितम्बर11, 12, 16, 17, 20, 21, 225, 6, 13, 14, 23, 24, 25
अक्टूबर8, 9, 13, 14, 15, 18, 192, 3, 11, 12, 21, 22, 29, 30, 31
नवम्बर4, 5, 6, 9, 10, 11, 14, 157, 8, 17, 18, 25, 26, 27
दिसम्बर2, 3, 7, 8, 11, 12, 13, 29, 304, 5, 14, 15, 16, 23, 24

वृषभ राशि का वार्षिक भविष्यफल

वृषभ राशिफल – Vrishabh Rashifal 2022 – 8 नवम्बर से 15 नवम्बर
वृषभ राशि

यह वर्ष उपलब्धियों के लिहाज से आपके लिए बहुत ही अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य में अप्रैल तक हल्की-फुल्की परेशानियां आपकी राशि पर राहु के प्रभाव के कारण रह सकती हैं। मौसमी बीमारियां, पेट संबंधित तकलीफ हावी रह सकती है। इस वर्ष वर्षारंभ में सप्तम स्थान में महालक्ष्मी योग बन रहा है, जो उत्तम योगायोग बना रहा है। शत्रु व विरोधी इस वर्ष सक्रिय रहेंगे, परंतु आपका अहित कुछ नहीं कर पाएंगे। आर्थिक पक्ष भी दिन-प्रतिदिन आपका सुदृढ़ होगा। कहीं से रुका हुआ व अटका हुआ रुपया प्राप्त होगा। देवगुरु बृहस्पति कर्म क्षेत्र को मजबूत कर रहे हैं। काम-काज व आजीविका में आप नवीन प्रयोग करेंगे। शनि नवम स्थान में स्वग्रही होकर भाग्य को प्रबल व पुष्ट कर रहे हैं। नौकरी में नवीन अवसर बाहें पसारे आपकी प्रतीक्षा कर रहा है। लेकिन अप्रैल के बाद राहु द्वादश स्थान में आकर खर्च में बेतहाशा वृद्धि कराएगा। आपको कहीं न कहीं अपने खर्चों, विशेषकर फिजूलखर्ची पर नियंत्रण करने की आवश्यकता है। संतान की शिक्षा, अध्ययन, करियर व विवाह आदि पर भी व्यय होगा।
इस वर्ष शनि महाराज 29 अप्रैल तक नवम स्थान में चलायमान रहेंगे। विद्यार्थियों के लिए यह समय शुभ परिस्थितियों से युक्त होगा। विद्यार्थी जमकर मेहनत करेंगे व उनके अनुरूप प्रतिफल भी मिलेंगे। अगर आप नौकरी में हैं तो आपकी पदोन्नति के योग बन रहे हैं। बॉस व वरिष्ठ अधिकारी आप पर मेहरबान रहेंगे। जिससे नौकरी में आपको महत्त्वपूर्ण पदभार मिल सकता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण व उन्नत सोच आपको आगे बढ़ने में सहायता प्रदान करेंगे। अप्रैल से जुलाई के मध्य दशम स्थान में शनि व्यापार व व्यवसाय में थोड़ी सी शिथिलता लायेगा। इस समय कर्मचारी व भागीदारी की हर गतिविधि व कार्यकलाप पर नजर रखें। रुपयों-पैसों के मामले में किसी पर भी विश्वास नहीं करें। विश्वासघात की संभावना है। सम्पत्ति संबंधी विवाद, बटवारे या कोर्ट-केस में इस साल सफलताओं के योग बन रहे हैं। नौकरी हेतु प्रयासरत लोगों को भी शुभ समाचार व शुभ स्थितियां प्राप्त होंगी। इस वर्ष प्रेम-प्रसंगों में आपको मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। अमर्यादित प्रेम-प्रसंग व विवाहेत्तर संबंध आपकी परेशानी का कारण बन सकते हैं। मकान, भूमि, भवन संबंधी प्लानिंग कार्यरूप में परिणित होगी। रिश्तेदार व मित्रों के साथ हंसी-खुशी में समय व्यतीत होगा। सामाजिक रूप से इस काल अवधि में समयावधि में आप सक्रिय रहेंगे। इस वर्ष जीवनसाथी से भरपूर साथ व सहयोग मिलेगा। प्रति-पत्नि में आपसी संबंध काफी मधुर रहेंगे। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य अप्रैल से जुलाई के मध्य गिर सकता है जिसके लिए आपको अस्पताल के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं। वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखें। अकारण ही लोग आपके शत्रु बन जाएंगे।

वृषभ राशिकैसी रहेगी 2022 में आपकी सेहत?

शारीरिक सुख व स्वास्थ्य की दृष्टि से वर्षारंभ में कोई खास व अनुकूल संकेत नहीं मिल रहे हैं। वर्षारंभ में आपकी राशि पर राहु का प्रभाव है। अपने खान-पान को निरंतर व नियमित रखें। दुर्व्यसनों जैसे, शराब, गुटका, बीड़ी, सिगरेट आदि से दूर रहें। अन्यथा स्वास्थ्य में घातक समस्या उत्पन्न हो सकती है। रक्तचाप, मधुमेह, एनीमिया जैसे रोगों से आप परेशान रहेंगे। स्त्री जातकों के लिए कमर के रोग, गर्भाशय व स्त्रीजनित रोगों की स्थिति रहेगी। नशा करके वाहन चलाने की आदत आपके लिए नुकसान का कारण बन सकती है। जुलाई से नवम्बर के मध्य शुक्र के वक्रत्व काल में शल्य चिकित्सा के योग बन रहे हैं।

वृषभ राशिव्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2022 ?

2022 आपके लिए व्यापारिक व व्यावसायिक उपलब्धियों से भरा हुआ वर्ष है। नए व्यापार के लिए यह साल एकदम उपयुक्त हैं। व्यापार में कुछ नयापन लाना आप पिछले काफी समय से चाह रहे थे, उसका समय अब आया है। व्यापार में विस्तार की योजना कार्यरूप में परिणित होगी। इस वर्ष देवगुरु बृहस्पति दशम तथा एकादश स्थान में परिभ्रमण कर रहे हैं। समय गति अनुकूल है। इसका भरपूर लाभ उठाएं। शेयर बाजार, एनसीडीएक्स तेजी-मंदी के काम से ताल्लुक रखने वाले लोगों को थोड़ा सा
सावधान रहने की आवश्यकता है। नौकरी में आप तयशुदा लक्ष्यों को हासिल कर लेंगे। आपका पूरा ध्यान मार्केटिंग व सेलिंग पर रहेगा। एक विशेष बात का ध्यान रखें किसी भी कागज पर हस्ताक्षर करने से पूर्व कागजात को अच्छे से पढ़ लें। 4 जून से 23 अक्टूबर के मध्य व्यापार व कामकाज में परेशानियां आएंगी। सरकारी पक्ष से लेकर झंझट उपस्थित हो सकता है। लेकिन बाद में अपनी बुद्धिबल व चतुराई का प्रयोग कर आप उसका हल निकाल ही लेंगे। अति विश्वास में आपके साथ कोई धोखा या छल-कपट हो सकता है। अपरिचित व अजनबी व्यक्तियों से व्यवहार करते हुए बचें। इस वर्ष व्यापार व काम-काज में नई तकनीकी व हुनर का प्रयोग कर आप प्रोडक्शन बढ़ा देंगे, लेकिन क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं करें।तगड़ा मुनाफा होगा। साथ ही आपको मैं यह सलाह दूंगा कि रुपयों-पैसों के मामले में किसी पर भरोसा नहीं करें। निवेश संबंधी निर्णय लेने से पूर्व अच्छी तरह से हर स्थिति-परिस्थिति पर विचार कर लें। शनि दशम स्थान में होने के कारण आजीविका व काम-काज में विस्तार की योजना पर काम होगा। 29 अप्रैल से 12 जुलाई के मध्य लाभ स्थान में शनि के कारण व्यापार व काम-काज को लेकर छोटी से छोटी चीज को आपको गंभीरता से लेना चाहिए। जहां तक धन का प्रश्न है, इस वर्ष रुपया तो आएगा, परंतु जितनी तीव्रता से आएगा उतनी ही तीव्रता से खर्च भी हो जाएगा। पैसा पास में टिक नहीं पाएगा। संपति के रख-रखाव आदि पर भी खर्चा होगा।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

इस वर्ष आप कार्य में व्यस्त तो रहेंगे, परंतु आपकी प्राथमिकता काम की बजाय परिवार रहेगा। पति-पत्नी दोनों एक-दूसरे की भावना समझकर उसके अनुरूप आचरण व व्यवहार करेंगे। आपकी कमाई का बड़ा हिस्सा संतान पर खर्च हो सकता है। संतान का करियर, उसकी शिक्षा, नौकरी, विवाह आदि पर खर्च हो सकता है। इस वर्ष घर के वरिष्ठ व्यक्तियों, बुजुर्ग व्यक्तियों का सान्निध्य व आशीर्वाद प्राप्त होगा। संतान के कॉलेज का चयन, विषय का चयन एवं विवाह को लेकर कुछ अनिर्णय व असमंजस की स्थितियां रहेंगी। रिश्तेदार व संबंधियों से ज्यादा सहयोग की अपेक्षा नहीं करें वे आपकी आलोचना व निंदा कर सकते हैं। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

इस वर्ष बृहस्पति दशम व एकादश स्थान में गतिशील रहेंगे। शनि भी नवम तथा दशम स्थान में गतिशील रहेंगे। अतः अध्ययनरत विद्यार्थी पहले से ज्यादा अपने अध्ययन को गंभीरता से लेंगे। नौकरी में लक्ष्यों को हासिल करने की तलवार लटक रही है। आप मेहनत व परिश्रम करके येन-केन-प्रकारेण लक्ष्यों को हासिल कर ही लेंगे। जुलाई से नवम्बर के मध्य पढ़ाई में थोड़ा सा दबाव अधिक रहेगा। नौकरी व कार्यक्षेत्र में सहकर्मी आपसे खुश रहेगा व आपको हर प्रकार से सहयोग करने का रवैया रहेगा। नौकरी से संबंधित परीक्षा साक्षात्कार, इंटरव्यू, ग्रुप डिशक्सन आदि में आपको सफलता मिल ही जाएगी। प्रेम-प्रसंगों से एक निश्चित दूरी बनाकर रखें, शिक्षा में बेहतर परिणामों के लिए गायत्री मंत्र का जाप करें।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

वश्यकता है। अन्यथा इसका सीधा प्रभाव आपके करियर, अध्ययन पर पड़ेगा। प्रेम निवेदन आपको प्राप्त होंगे। अमर्यादित प्रेम प्रसंग व विवाहेत्तर प्रेम-प्रसंगों से बचने की आवश्यकता है। अन्यथा ये आपकी बदनामी का कारण बन सकते हैं। इस वर्ष के उत्तरार्द्ध में आप किसी मित्र की मदद करेंगे। जिससे आपको काफी मानसिक शांति महसूस होगी। मित्रों के प्रति आपके मन में विशेष भाव रहेगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

नवीन वाहन के खरीद की रूपरेखा बन सकती है। वाहन का कारक मंगल सातवें स्थान में स्वगृही होकर आपकी राशि को पूर्ण दृष्टि से देख रहा है। आय व कमाई का बड़ा हिस्सा वाहन, भूमि, भवन, भू-खण्ड जैसी संपत्तियों को जुटाने में खर्च होगा। सम्पत्ति की खरीद-फरोख्त के योग हैं। जल्दबाजी में कोई भी निर्णय नहीं लें। सम्पत्ति की खरीद से पूर्व कागज व दस्तावेजों को परख लें।

वृषभ राशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

इस वर्ष व्यापार में किसी पर भी अतिविश्वास हानि व नुकसान का कारण बन सकता है। भागीदार व कर्मचारी की हर गतिविधि व कार्यकलाप पर पैनी नजर रखें। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं तथा वाहन की रख-रखाव व मरम्मत समय-समय पर करवाते रहें। व्यापार में विस्तार, मशीनरी आदि के लिए आपको ऋण लेना पड़ सकता है, जो धीमे-धीमे चुकता भी हो जाएगा। किसी रिश्तेदार संबंधी या मित्र से इस वर्ष बिछोह हो सकता है।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 मेंआपका यात्रा योग?

इस वर्ष छोटी-मोटी यात्राएं काम-काज को लेकर होंगी। हालांकि यात्राओं से किसी खास लाभ की अपेक्षा करना निरर्थक ही रहेगा। खान-पान आदि का यात्रा में ध्यान रखें। अप्रैल से जून के मध्य परिवार के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है।

कैसे बनाये वृषभ राशि वाले 2022 को लाभकारी ?

वर्ष की शुभता को बढ़ाने के लिए अमेरिकन डायमंड युक्त शुक्र यंत्र गले में धारण करें। शुक्रवार को देवी मंदिर के दर्शन करें। शुक्रवार को नहाने के पानी में कच्चा दूध डालकर नहाएं तथा सुगंधित द्रव्यों, परफ्यूम आदि का प्रयोग करें।

वृषभराशि की चारित्रिक विशेषताएं

वृषभ राशि का स्वामी शुक्र, ऐश्वर्यशाली व विलासपूर्ण ग्रह है। वृषभ राशि में उत्पन्न जातक सुन्दर, आकर्षक व्यक्तित्व का धनी तथा विशिष्ट प्रभाव वाला होता है। बृहज्जातकम् तो यहां तक कहता है-
कांतः खेलगतिः पृथूरुवदनः पृष्ठास्थपाश्कवेंऽडिकत।
स्त्यागी क्लेशसहः प्रभुः कुकुदवान् कन्याप्रजः श्लेष्मलः।।
इस राशि का चिह्न ‘वृषभ’ (बिना जोता हुआ बैल) होने से पुष्ट शरीर, मस्त चाल, मजबूत जंघाएं, बैल के समान नेत्र, प्रायः गौरवर्ण के, स्वाभिमानी, स्वच्छंद विचरण एवं शीतल स्वभाव, इनकी प्रमुख विशेषता कही जा सकती है।
वृषभ राशि के जातक मध्यावस्था में उत्तम सुख-सम्पत्ति प्राप्त करते हैं। ऐसा व्यक्ति उत्तम ऐश्वर्य, भौतिक सुख-सुविधा का भोग करने वाला होता है और अपनी सुख-सुविधा का पूरा-पूरा ध्यान रखता है।
सामान्यतया वृषभ राशि के जातक मधुर भाषी, उदार तथा सहिष्णु स्वभाव के होते हैं। अपने आकर्षक व्यक्तित्व के कारण अन्य जनों को प्रभावित करने का सामर्थ्य रखते हैं। शारीरिक रूप में उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है तथा मानसिक संतुष्टि भी रहती है। ये अत्यधिक परिश्रमी होते हैं, परिश्रम करने की उनमें अपूर्व क्षमता होती है, जिससे जीवन में उन्नति मार्ग प्रशस्त करने तथा सुख, ऐश्वर्य एवं वैभव अर्जित करने में वे प्रायः सफल रहते हैं। शांति एवं सहिष्णुता के साथ इनमें साहस तथा पराक्रम का भाव भी विद्यमान रहता है।
अपने वाक्चातुर्य से शुभ एवं महत्त्वपूर्ण सांसारिक कार्यों को सिद्ध करने में भी सफल होंगे। आपका कद मध्यम होगा, स्वरूप सुंदर व आकर्षक होगा। आप में सहनशीलता का भाव भी विद्यमान होगा। आप एक परिश्रमी पुरुष होंगे तथा अपनी योग्यता एवं परिश्रम से किसी उच्च पद या समाज में प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त करेंगे, साथ ही अपने सद्गुणों के द्वारा श्रेष्ठ जनों को संतुष्ट करने में सफल होंगे, आप एक विद्वान पुरुष होंगे तथा विभिन्न कला-साहित्य एवं संगीत का आपको उचित ज्ञान रहेगा, इस क्षेत्र में भी आपको प्रसिद्धि प्राप्त होगी। दानशीलता का भाव भी आप में विद्यमान होगा तथा समय-समय पर जरूरतमंदों को दान देने में तत्पर रहेंगे। आप एक बुद्धिमान पुरुष होंगे, आपके कार्यकलापों पर बुद्धिमत्ता की स्पष्ट छाप होगी।
धर्म के प्रति आप श्रद्धालु रहेंगे तथा अवसरानुकूल धार्मिक अनुष्ठानों तथा कार्यकलापों को सम्पन्न करेंगे। धार्मिक क्षेत्र में आप किसी संस्था से संबंधित हो सकते हैं। इस क्षेत्र में आपको कोई विशिष्ट सफलता या प्रतिष्ठा प्राप्त हो सकती है। आपकी प्रवृत्ति सात्विक होगी तथा विचार उत्तम होंगे। साथ ही परोपकार की भावना भी विद्यमान होगी। इसके अतिरिक्त कई शास्त्रों का आपको ज्ञान होगा, जिससे आपको सामाजिक मान-प्रतिष्ठा तथा प्रसिद्धि प्राप्त होगी। आप स्वस्थ, सुंदर, आकर्षक व्यक्तित्व वाले विद्वान एवं साहसी पुरुष होंगे तथा आपका जीवन प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा।
यह राशि भूमि तत्त्व प्रधान है, इसलिए ऐसे जातक मशीनरी व भूमि संबंधी कारोबार में विशेष रुचि लेते देखे गए हैं। इनमें इच्छाशक्ति बड़ी प्रबल होती है। ये बड़े धैर्यवान होते हैं। इनकी उन्नति प्रायः धीमी गति से होती है। आप स्त्री सूचक राशि वाले हैं, वृषभ राशि ‘अर्द्धजल राशि’ भी कहलाती है, इसलिए गायन, नृत्यकला, सिनेमा तथा अभिनेता व अभिनेत्रियों के प्रति आपका झुकाव कुछ विशेष रहेगा। यदि आपका जन्म ‘कृत्तिका’ नक्षत्र में है, तो आप खूबसूरत व्यक्ति हैं। विपरीत लिंगी के प्रति आप शीघ्र ही आकर्षित हो जाते हैं और आप पाएंगे कि विपरीत लिंगी भी आपकी ओर सहज ही आकर्षित हो जाते हैं। सेक्स के मामले में आप बहुत लचीले स्वभाव के हैं तथा मन पर आपका नियंत्रण संभव नहीं, फिर भी सेक्स के मामले में आपको किसी हद तक सफलताएं मिलेंगी।
आपकी प्रकृति (स्वभाव) स्वार्थी है अर्थात आप अपने कार्य के प्रति पूर्णरूपेण सजग व सचेत रहेंगे। आप खाली ख्याली पुलाव पकाने व कल्पना लोक में विचरण करने वाले व्यक्तियों में नहीं हैं। आप कर्मठ कार्यकर्ता एवं स्पष्टवादी हैं। राजनीति-सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भाग लेने से आपको राजनीतिक सफलता शीघ्र मिल सकती है। आपको दूसरों के द्वारा बहुमूल्य जायदाद प्राप्त हो सकती है। मित्र व संबंधियों के स्नेह से आपकी आर्थिक उन्नति भी संभव है।
प्रायः वृषभ राशि वाले जातक की व्यापार में ज्यादा रुचि रहती है, ऐसे जातक कुशल व्यापारी होते देखे गए हैं। नित नई वेशभूषा पहनने व सुन्दर ढंग से अलंकृत रहने का शौक इनको कुछ विशेष ही होता है। ये श्रृंगारप्रिय तथा कला में रुचि लेने वाले व्यक्ति होते हैं। उत्तम भोजन व मिष्ठान के शौकीन होते हैं। खुशबूदार वस्तुओं को बहुत पसंद करते हैं। कला की कद्र करना तथा किसी भी व्यक्ति के गुण-अवगुण को परखने की कला इनमें खूब होती है। कुल मिलाकर ये शौकीन मिज़ाज तो होते ही हैं, इनके साथ ही वस्तु की बारीकी को पकड़ना व कार्य की गहराई में उतरना इनकी मौलिक विशेषता कही जा सकती है।
कृत्तिका नक्षत्रः- यदि आपका नाम वृषभ राशि कृत्तिका नक्षत्र के अंतिम तीन चरण (ई, उ, ए) में है, तो आपका जन्म 6 वर्ष सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-मेढ़ा, गण-राक्षस, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-अन्त्य, वर्ग-गरुड़, युजा-पूर्व, पाया-सुवर्ण, वैश्य-चतुष्पद है। कृत्तिका नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति तुनकमिज़ाज, सुंदर एवं कठोर परिश्रमी होता है।
रोहिणी नक्षत्रः- यदि आपका नाम वृषभ राशि रोहिणी नक्षत्र (ओ, वा, वी, वू) में हुआ है, तो आपका जन्म 10 वर्ष चंद्रमा की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-सर्प, गण-मनुष्य, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-अन्त्य, वैश्य-चतुष्पद, प्रथम चरण में वर्ग-गरुड़, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ चरण में वर्ग-हिरण, युजा-पूर्व, पाया-सुवर्ण है। रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति अति बुद्धिशाली, पशुधन, अधिक वाहनों से युक्त, ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीने वाला, भोगी एवं योगी दोनों गुणों से सम्पन्न होता है।
मृगशिरा नक्षत्रः- यदि आपका नाम वृषभ राशि मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम दो चरणों (वे, वो) में है, तो आपका जन्म 7 वर्ष वाली मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-सर्प, गण-देव, वर्ण-वैश्य, युजा-पूर्व, हंसक-भूमि, नाड़ी-मध्य, पाया-सुवर्ण, वैश्य-चतुष्पद एवं वर्ग-हिरण है। मृगशिरा नक्षत्र में उत्पन्न व्यक्ति अधैर्यशाली, आक्रामक, युद्धकला में प्रवीण, उत्साही खिलाड़ी होता है तथा धन कमाने के मामले में सदैव सफल होता है।
शुक्र एक विलासी, शीतल व सौम्य ग्रह है। यह रात्रि को हल्की श्वेत झलकदार किरणें बिखेरता है। अतः श्वेत रंग व साफ़-सुथरी ऐश्वर्य प्रधान वस्तुओं का व्यापार आपके अनुकूल कहा जा सकता है। आपका अनुकूल रत्न ‘हीरा’ है।
उपायः-

वृषभ राशि वालों के लिए उपाय

वृषभ राशि के लोगों को ‘ओपेल’ रत्न युक्त ‘शुक्र मंत्र’ गले में धारण करना चाहिए। शुक्रवार का व्रत करें। शुक्रवार के दिन मछलियों को चुग्गा दें। श्रीयंत्र का नित्य पूजन भी वृषभ राशि वालों के भाग्य को चमका सकता है। ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ शुक्र के बीज मंत्र की एक माला रोज़ाना फेरें। हर शुक्रवार और मंगलवार को कुत्तों को दूध तथा डबलरोटी देते रहें।
सन् 2021 में वृषभ राशि का अंतिम चार माह का भविष्यफल

वृषभ राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि ‒ वृषभ
    1. राशि चिह्न ‒ वृषभ (बैल)
    2. राशि स्वामी ‒ शुक्र
    3. राशि तत्त्व ‒ पृथ्वी तत्त्व
    4. राशि स्वरूप ‒ स्थिर
    5. राशि दिशा ‒ दक्षिण
    6. राशि लिंग व गुण ‒ स्त्री, रजोगुणी
    7. राशि जाति ‒ वैश्य
    8. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ सौम्य स्वभाव, वात प्रकृति
    9. राशि का अंग ‒ मुख
    10. अनुकूल रत्न ‒ हीरा
    11. अनुकूल उपरत्न ‒ ओपेल, जिरकॉन
    12. अनुकूल रंग ‒ श्वेत
    13. शुभ दिवस ‒ शुक्रवार, शनिवार
    14. अनुकूल देवता ‒ श्रीलक्ष्मी, संतोषी माता
    15. व्रत, उपवास ‒ शुक्रवार
    16. अनुकूल अंक ‒ 6
    17. अनुकूल तारीखें ‒ 6/15/24
    18. मित्र राशियां ‒ मकर, कुंभ
    19. शत्रु राशियां ‒ सिंह, धनु व मीन
    20. व्यक्तित्व ‒ गुरुभक्त, कृतज्ञ, दयालु
    21. सकारात्मक तथ्य ‒ आकर्षक पहनावा, वस्त्र-आभूषण में रुचि
    22. नकारात्मक तथ्य ‒ दुराग्रही, कानों का कच्चा, आलसी

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