मेष राशिफल – Mesh Rashifal 2023 –1 October To 7 October
Aries Horoscope 2023

चू, चे, चो, ला अश्विनी-4

ली, लू, ले, ला भरणी-4

अ कृत्तिका-1


1 अक्तूबर से 7 अक्तूबर तक

दिनांक 1, 2 को सफलता की स्थिति बनेगी। यदा-कदा स्थितियां विकट होंगी, किन्तु आप बहुत अच्छी तरह से संभाल लेंगे। भाइयों से चला आ रहा विवाद समाप्त होगा। 3, 4 को समय मिश्रित फलदायक रहेगा। मानसिक तौर पर उत्तेजना पैदा करने वाली चीजों में भी आप बेहद सुख प्राप्त करेंगे। आपके जीवन में नई ऊर्जा का संचार होगा। आपको हर चीज में दोहरा लाभ प्राप्त होगा। आपका दुनिया के प्रति नजरिया काफी पवित्र होगा। आपके आपसी संबंधों में जीवन्तता आएगी। चाहे, वह संबंध माता-पत्नी, बहिन, भाई या पिता के साथ हो। आप धार्मिक क्रियाकलापों में व्यस्त रह सकते हैं। 5, 6, 7 को आधा दिन शानदार व्यतीत होगा। आप स्वयं पर पूरा-पूरा ध्यान देंगे साथ ही दूसरों की मदद करने के लिए आप तत्पर रहेंगे। बनाव, साज-सज्जा व नए वस्त्र आपकी छवि व व्यक्तित्व को निखारेंगे। 7 की दोपहर बाद से समय विपरीत आ जाएगा।


ग्रह स्थिति

मासारंभ में राहु+ बृहस्पति+चंद्रमा मेष राशि का लग्न में, शुक्र कर्क राशि का चतुर्थ भाव में, बुध सिंह राशि का पंचम भाव में, सूर्य+मंगल कन्या राशि का षष्टम भाव में, केतु तुला राशि का सप्तम भाव में, शनि कुम्भ राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान रहेंगे।

मेष राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2023शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी1, 2, 5, 6, 7, 23, 248, 9, 10, 17, 18,
19, 26
फरवरी1, 2, 3, 20, 21, 24, 25,
26, 28
4, 5, 6, 14, 15, 22, 23
मार्च1, 2, 19, 20, 24, 25,
28, 29
4, 5, 13, 14, 22, 31
अप्रैल15, 16, 17, 20, 21, 24,
25, 26
1, 9, 10, 11, 18, 19,
27, 28,29
मई13, 14, 17, 18, 19,
22, 23
6, 7, 8, 15, 16, 17,
24, 25, 26
जून9, 10, 14, 15, 18, 193, 4, 12, 21, 22, 30
जुलाई6, 7, 11, 12, 15, 16,
17
1, 2, 9, 18, 19, 20,
27, 28, 29
अगस्त3, 4, 7, 8, 11, 12, 13,
30, 31
5, 6, 14, 15, 16,
24, 25
सितम्बर4, 5, 8, 9, 26, 272, 11, 12, 20, 21, 22,
29, 30
अक्टूबर1, 2, 5, 6, 24, 25, 28,
29, 30
8, 9, 17, 18, 19, 26,
27
नवम्बर1, 2, 3, 20, 21, 25, 26,
29 , 30
4, 5, 6, 14, 15, 23
दिसम्बर17, 18, 22, 23, 26, 272, 3, 11, 12, 13, 20,
21, 29, 30

मेष राशि का वार्षिक भविष्यफल

Mesh Rashifal 2023
मेष राशि

यह वर्ष मेष राशि के जातकों के लिए अच्छा रहेगा। शनि वर्ष पर्यन्त एकादश स्थान में गतिशील रहेंगे, जो लाभ में वृद्धि करेगा। हालांकि आपकी स्वयं की राशि में राहु के
परिभ्रमण के कारण स्वास्थ्य में काफी उतार-चढ़ाव रहेंगे। आपको अपनी आदतों, खान-पान का ध्यान रखना चाहिए। भाग्येश बृहस्पति 22 अप्रैल के बाद आपकी राशि में आ जाएंगे।
इस वर्ष राहु गोचरवश वर्षारंभ में आपकी राशि में चलायमान रहेंगे। फलतः यह साल शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से ढीला रहेगा। हालांकि किसी गम्भीर व घातक बीमारी की संभावना नहीं है, इस वर्ष व्यापार व सामाजिक क्षेत्र में आपको मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। इस वर्ष सातवें स्थान में केतु के प्रभाव से अविवाहितों के विवाह की संभावना भी बनेगी। बृहस्पति वर्षारंभ में स्वगृही है। धर्म, अध्यात्म आदि के लिए मन में विशेष भाव तो विद्यमान रहेगा, हालांकि आपको भागदौड़ के बीच इन सबके लिए समय कम ही मिल पाएगा। आय के स्रोतों में वृद्धि होगी तथा प्रचुर मात्रा में धन प्राप्त करने के लिए आप प्रयासरत रहेंगे।
इस वर्ष आर्थिक स्थिति व पक्ष दोनों ही संतोषजनक रहेंगे। आप व्यापार विस्तार की योजना पर काम शुरू करेंगे। इस वर्ष 17 जनवरी के बाद से शनि लाभ स्थान में आ जाएंगे,
डायमंड राशिफल 2023
जो लाभ का मार्ग प्रशस्त करेंगे। हालांकि हर क्षेत्र में आपको काफी मेहनत, प्रयास व परिश्रम करना पड़ेगा, लेकिन परिश्रम के इतने सकारात्मक परिणाम नहीं आएंगे।
22 अप्रैल के बाद देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि में गोचर करेंगे। अतः रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। पति-पत्नी में चल रहे आपसी मतभेदों व गलतफहमियों का निराकरण होगा। बेरोजगारों को नौकरी का अवसर मिल सकता है। हालांकि गुरु+राहु के योग के कारण खर्च बेतहाशा बढ़ जाएगा, परन्तु इस बढ़े बजट में भी आप चीजों को अच्छी तरह से व्यवस्थित कर पाएंगे। इस वर्ष परिवार के सदस्य आपके हर छोटे-मोटे काम में आपको सहयोग करेंगे।
नए-नए लोगों से आपका सम्पर्क बनेगा, जो कि आगे चल कर लाभप्रद रहेगा। लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आपको कई बार संघर्ष करना पड़ेगा, परन्तु संघर्ष से आप हर मुश्किल लक्ष्य को प्राप्त कर ही लेंगे। भाइयों से सम्पति व बटवारे सम्बधित विवाद होगा। शत्रु व षड्यंत्र भी सक्रिय रहेंगे। आप मेष राशि
के व्यक्ति हैं और मेष राशि के लोग कर्म में विश्वास रखते हैं। आप निष्काम होकर कर्म करेंगे। आलोचना व निंदा से कतई नहीं घबराएंगे। तकदीर का सितारा आपके साथ है। मुसीबतजदा लोगों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे, फिर चाहे वह रिश्तेदार हो, मित्र हो या अजनबी हो।

मेष राशि कैसी रहेगी 2023 में आपकी सेहत?

इस वर्ष शारीरिक स्वास्थ्य आपका डावांडोल रहेगा। वर्षारम्भ में गुरु आपकी राशि में स्वगृही हैं। अतः गम्भीर व घातक बीमारी की संभावना व आशंका नहीं है। परन्तु सितम्बर से दिसम्बर के मध्य गुरु के वक्रत्व काल में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। लापरवाही से समस्या गंभीर व घातक हो सकती है। मौसमी बीमारियां सर्दी, खांसी, जुकाम, पेटदर्द, बुखार आदि से परेशानी वर्ष पर्यन्त चलती रहेगी। जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। जून से नवम्बर के मध्य शनि द्वादश स्थान मे वक्र स्थिति में चलायमान रहेंगे। अतः अस्पताल पर खर्चा होगा। बार-बार अस्पताल के चक्कर काट कर आप परेशान हो जाएंगे। इस वर्ष योग, शारीरिक व्यायाम, खान-पान, नियमित दिनचर्या, व्यवस्थित जीवन तथा नियमित हैल्थ चैकअप से आप गम्भीर कष्ट से मुक्ति पा सकते हैं।

मेष राशि व्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2023 ?

इस वर्ष भाग्य आपके लिए ज्यादा अनुकूल नहीं है। व्यापार व्यवसाय में आप परिश्रम खूब करेंगे, परन्तु परिणाम इतना सार्थक नहीं निकलेगा। इस वर्ष किसी परिचित के माध्यम से व्यापार में कोई बड़ा ऑर्डर प्राप्त होगा, लेकिन पेमेन्ट फंस जाएगा। व्यापार में नए-नए अनुबन्धन व करार करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। व्यापार में विस्तार की योजना आप इस वर्ष बनाएंगे, लेकिन साधनों के अभाव व धनाभाव के कारण योजना कागजों में ही अटक जाएगी। कार्यरूप में परिणित नहीं हो पाएगी। व्यावसायिक प्रतिद्वन्द्वी व प्रतिस्पर्धी आपसे काफी आगे निकल जाएंगे। व्यापार व कारोबार में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। भुगतान के प्रति आश्वस्त होने पर माल व ऑर्डर रवाना करें। उधार किसी को नहीं दें। अप्रैल के बाद दूसरे भाव में गुरु के कारण पैसा कहीं फंस सकता है। शत्रु षड्यंत्र वश आपके साथ कोई चोट कर सकते हैं। आयकर, सैल्स टैक्स, सर्विस टैक्स आदि कोई राजकीय परेशानी उत्पन्न हो सकती है। किसी भी कागज, दस्तावेज या अनुबंधन को अच्छी तरह से पढ़ लें, तब ही हस्ताक्षर करें। जल्दबाजी में लिए गए निर्णय से आप परेशान हो जाएंगे। सरकार की नीतियों के कारण आप व्यापार आसानी से नहीं कर पाएंगे। सम्पति या बंटवारे सम्बन्धी विवाद होगा। जिसके चलते आपको कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। दृष्टि से यह वर्ष परिश्रम व मेहनत का है। नौकरी से जुड़े व्यक्तियों की पदोन्नति, तरक्की अथवा महत्त्वपूर्ण पोस्टिंग किसी बड़े व प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से हो सकती है। इस वर्ष शनि लाभ स्थान में है। व्यापार व व्यवसाय में किसी का सहयोग आपकी किस्मत बदलने का सामर्थ्य रखता है। आप पूरी ऊर्जा व जोश के साथ समर्पित भाव से काम में लग जाएंगे। भागीदार व पार्टनर पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करें। हर प्रकार के व्यवहार को कागजों पर लें। कामकाज में नई तकनीक व हुनर का प्रयोग भी आपके भाग्योन्नति में सहायक रहेगा। 12 अप्रैल से राहु दूसरे स्थान में आकर धन संचय में बाधा उत्पन्न करेंगे। पैसों का संचय नहीं हो पाएगा। जमीन, कपड़े, लोहे, कमीशन व तेल के व्यापार से जुड़े लोगों को जबरदस्त फायदा होगा। अपनी नाकामियों व असफलताओं से भी आपको शिक्षा लेने की आवश्यकता है। आप विचार करें कि कहां चूक हुई, उस गलती को सुधारें। अतिविश्वास किसी पर भी नहीं करें। आप किसी की आर्थिक मदद करके उल्टा फंस जाएंगे। नौकरी में भी सावधान रहने की आवश्यकता है। लचीलापन व उदारवादी दृष्टिकोण व्यापार में काम का नहीं है। निवेश से पूर्व अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर लें। निवेश सम्बंधी निर्णय जल्दबाजी में नहीं लें। किसी भी कागज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर नहीं करें।

जानिए कैसा रहेगा 2023 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

पारिवारिक दृष्टि से यह वर्ष अच्छा जाएगा। पुत्र संतान को लेकर चिंता की स्थिति रहेगी। हालांकि परिवार के सदस्य इस मुश्किल घड़ी में आपके साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़े रहेंगे। संतान का व्यवहार आदतें, सोहबत आदि का ध्यान रखें। दाम्पत्य सम्बन्धों में यदा-कदा तनाव हो सकता है। लेकिन समय रहते मतभेदों व गलतफहमियों का निराकरण हो जाएगा। भाइयों से इस वर्ष सूझ-बूझ व सामंजस्य से आप स्थितियों को संभाल ही लेंगे। बच्चों के करियर, भविष्य, शादी आदि की योजना बनाएंगे। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है, जिसके कारण आपको अस्पताल जाना पड़ सकता है। जून से नवम्बर के मध्य परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अनहोनी हो सकती है।

जानिए कैसा रहेगा 2023 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

मेहनत और परिश्रम से आप इस वर्ष सफलता हासिल करेंगे। पूरी तरह से एकाग्रचित्त होकर लक्ष्य प्राप्ति में जुट जाएं। करियर व नौकरी में कदम-कदम पर सावधानी रखनी चाहिए। विद्यार्थी अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित कर आगे बढ़ेंगे। इस वर्ष प्रतियोगी परीक्षा, विभागीय परीक्षा का परिणाम अनुकूल आएगा। इंटरव्यू, साक्षात्कार व वीडियो कॉन्फ्रेंसिग, ग्रुप डिस्कशन में जरूर बात फंस सकती है। आप अपनी बात को सही ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पाएंगे। तकनीक, मैकेनिकल, लीगल, फाइनेंशियल, पॉलिटेकनीक में प्रयासरत विद्याथियों को इस साल सफलता मिल जाएगी। प्रेम-प्रसंगों व सोशल नेटवर्किंग साईटस से दूरी बना कर रखें। निश्चित रूप से सुनहरा भविष्य आपकी प्रतीक्षा कर रहा है। बुरे लोग व बुरी सोहबत, बुरी आदतों से दूरी बना कर रखें। नई नौकरी के प्रस्ताव मिलेंगे। नौकरी में महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट या महत्त्वपूर्ण कार्यभार मिल सकता है।

जानिए कैसा रहेंगे 2023 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

 प्रेम-प्रसंगों के लिहाज से समय ढीला रहेगा। करियर इस वर्ष आपका प्राथमिकता पर रहेगा जिसके चलते आपको इन सब चीजों के बारे में सोचने का समय नहीं मिल पाएगा। आप मर्यादा और संयम से प्रेम उत्कृष्टता का उदाहरण पेश करेंगे। विवाहेत्तर प्रेम सम्बन्धों से पारिवारिक जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। मित्रों से सम्बन्धों का दायरा विस्तृत होगा। आप किसी जरूरतमंद मित्र की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे।

जानिए कैसा रहेंगे 2023 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

इस वर्ष कमाई का बड़ा हिस्सा वाहन, भूमि, भूखण्ड आदि पर खर्च हो सकता है। इस वर्ष खर्च की प्रबलता रहेगी। घर में इलेक्ट्रिोनिक उत्पाद, सोना-चांदी, बहुमूल्य धातुएं व फर्नीचर आदि की खरीद पर खर्च के योग बने हुए हैं। संतान की शिक्षा व शुभकार्य पर खर्चा हो सकता है।

मेष राशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

इस वर्ष आपको आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। अपने लोगों से ही सावधानी की आवश्यकता है। रुपयों-पैसों के मामलों में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। कोई व्यावसायिक जानकारी व सूचना लीक हो सकती है। विश्वासघात, शत्रु षड्यत्रों के कारण नुकसान हो सकता है। किसी रिश्तेदार या मित्र के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। कार्य व व्यापार में विस्तार को लेकर ऋण लेना पड़ सकता है।

जानिए कैसा रहेंगे 2023 मेंआपका यात्रा योग?

इस वर्ष छोटी-मोटी यात्राएं खूब होंगी। काम-काज को लेकर आप इस वर्ष काफी यात्राएं करेंगे, हालांकि उन यात्राओं से धन प्राप्ति के योग तो कम ही हैं।

कैसे बनाये मेष राशि वाले 2023 को लाभकारी ?

वर्ष की शुभता बढ़ाने के लिए हल्दी युक्त दूध का सेवन करें। एक हल्दी की गांठ पीले कपड़े में डालकर दाहिनी भुजा में बांध दें। सुनैलायुक्त गुरुयंत्र गले में धारण करें। विष्णु सहस्त्रनाम का नित्य पाठ करें। रविवार व मंगलवार के अलावा नित्य पीपल को सींचें।

मेष राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मेष राशि का स्वामी मंगल है, जो अग्नि तत्त्व प्रधान होता है। यह पुरुष सूचक राशि है। मेष राशि का राशि चिन्ह ‘मेढ़ा’ है। इसका प्राकृतिक स्वभाव साहसी, अभिमानी व पौरुषशाली है। कोई जरा-सी विपरीत बात कह दे, तो इनको सहन नहीं होता। ऐसे जातक को क्रोध शीघ्र आता है, परंतु इनका क्रोध क्षणिक होता है।
मेष राशि के व्यक्ति प्रायः मध्यम कद के होते हैं। अति उत्साही होने के कारण कई बार जल्दबाजी में काम को गड़बड़ भी कर देते हैं। मेष राशि वाले व्यक्ति स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं। दूसरों की हुकूमत को ये लोग बिलकुल भी पसन्द नहीं करते तथा एक खास बात और कि ये लोग दूसरों के आधिपत्य या हुकूमत में रहकर विकास नहीं कर सकते, जब ये लोग स्वतंत्र कार्य करेंगे तभी इनका विकास संभव होगा। इनको अपने मनोभावों पर नियन्त्रण रखना चाहिए, परंतु क्रोधावस्था के कारण ये अपना आत्मनियंत्रण खो बैठते हैं।
सामान्यतया मेष लग्न में उत्पन्न जातक साहसी, पराक्रमी, तेजस्वी तथा परिश्रमी होते हैं तथा अपने इन्हीं गुणों से वे जीवन में वांछित मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ रहते हैं। ये अत्यधिक सक्रिय एवं क्रियाशील होते हैं तथा अपने इन्हीं गुणों से जीवन में इच्छित उन्नति प्राप्त करते हैं।
मेष लग्न के प्रभाव से जातक अपने शुभ एवं महत्त्वपूर्ण कार्यों को परिश्रम एवं निर्भयता से सम्पन्न करेंगे। इनमें स्वाभिमान का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा स्वपरिश्रम व योग्यता से जीवन में मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ होंगे।
इनके स्वभाव में प्रारम्भ में तेजस्विता का भाव विद्यमान रहेगा। फलतः यदा-कदा आप अनावश्यक क्रोध एवं चंचलता का प्रदर्शन करेंगे। जीवन में आपको जन्मभूमि के अतिरिक्त अन्य स्थान में सफलता प्राप्त नहीं होगी तथा वहीं आपका जीवन सुखपूर्वक व्यतीत होगा। साथ ही सांसारिक सुखोपभोग के साधनों को भी आप परिश्रमपूर्वक अर्जित करके सुखपूर्वक इनका उपभोग करने में समर्थ होंगे।
इस लग्न में जन्मे जातक को जीवन में काफी समस्याओं एवं परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, परन्तु अपने परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प शक्ति के द्वारा आप इनका सामना तथा
समाधान करने में समर्थ होंगे। आपकी प्रवृत्ति में उदारता तथा सहिष्णुता का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा अवसरानुकूल अन्य जनों को आप अपना सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे आपके प्रति लोगों के मन में आदर का भाव उत्पन्न होगा।
आपके सांसारिक कार्य यद्यपि विलम्ब से सिद्ध होंगे, परन्तु गौरव एवं सम्मान का भाव बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको परिश्रम से उन्नति प्राप्त होगी तथा सामाजिक जनों के मध्य भी समय पर मान-सम्मान मिलता रहेगा। आपको अपनी प्रवृत्ति का अन्य जनों के समक्ष सादगीपूर्ण प्रदर्शन करना चाहिए तथा इसमें अनावश्यक दिखावे का समावेश नहीं करना चाहिए। जीवन में आपको इच्छित सुख-ऐश्वर्य एवं वैभव की प्राप्ति होगी। आप एक परिश्रमी, तेजस्वी, कार्य निकालने में चतुर, परन्तु मन्द गति से कार्य करने वाले होंगे तथा जीवन में आवश्यक सुखों का उपभोग करने में समर्थ होंगे।
आप बहुत ही परिश्रमी व साहसिक कार्यों में रुचि लेने वाले व्यक्ति हैं। ऐसे व्यक्ति प्रायः खेल-कूद, शिकार, सैनिक व पुलिस विभाग, मशीन, भट्टी व ज्वलनशील पदार्थों तथा
धातु इत्यादि वस्तुओं में रुचि लेते देखे गए हैं।
धार्मिक विचारों में आपका दृष्टिकोण अन्य लोगों से भिन्न है। आप शक्ति के उपासक हैं। ऐसे व्यक्ति अपनी बात के धनी होते हैं तथा आपकी राशि अग्नि तत्त्व प्रधान होते हुए भी आप शर्त के पक्के होते हैं। आप झगड़ा करना पसन्द नहीं करते, परन्तु जब कोई सीमा का उल्लंघन करने की चेष्टा करता है, तो उसे जबरदस्त सबक सिखाए बिना नहीं रहते। युद्धकला में प्रायः ऐसे व्यक्ति निपुण होते हैं। भूमि व कोर्ट-कचहरी संबंधी कार्यों में ये प्रायः विजय प्राप्त करते हैं।
आपका भाग्योदय 28 वर्ष के पश्चात् होने की संभावना बनती है। परंतु इसके लिए कुण्डली में भाग्येश का विचार करना भी आवश्यक है।
यदि आपका जन्म 21 मार्च व 20 अप्रैल के मध्य हुआ है, तो आपका भाग्योदय निश्चित रूप से 28 वर्ष के पश्चात संभव है। आप पूर्णतः सेल्फमेड व्यक्ति हैं। आप अपना भाग्य स्वयं निर्मित करते हैं। परन्तु याद रखें, बिना परिश्रम के आपको विशेष लाभ होने की संभावना नहीं है।
यदि आपका जन्म ‘भरणी’ नक्षत्र में है तथा आपका नाम ‘ल’ से आंरभ होता है, तो आप कुछ लम्बे कद वाले व्यक्तियों की गिनती में हैं। आपके अनेक मित्र हैं तथा मित्रजनों पर आपकी पूर्ण कृपा है। आपको छिछले एवं चुगलखोर मित्र कतई पसन्द नहीं। आप दूरदर्शी होने के साथ-साथ मितव्ययी भी हैं। फिजूल के खर्च व व्यर्थ के दिखावे में आपकी रुचि नहीं है। भ्रमण व घूमने-फिरने के शौक के साथ-साथ आपको उत्तेजनापूर्ण चटपटे भोजन में भी बहुत रुचि होती है।
लाल रंग व ज्वलनशील पदार्थ आपके अनुकूल कहे जा सकते हैं। मंगल एक शौर्यवान व तेजोमय ग्रह होने से, जहां शांति व प्रसन्नता असफल हो जाती है, वहां पर आप झगड़े व डांट-डपट से अपना कार्य आसानी से सिद्ध कर सकते हैं।
आपके लिए मंगलवार सर्वश्रेष्ठ शुभकारी रहेगा तथा इष्टदेव के रूप में हनुमानजी आपके मनोरथ को पूर्ण करेंगे। आपका अनुकूल रत्न ‘मूंगा’ है।

मेष राशि वालों के लिए उपाय

  1. मेष राशि वालों को बजरंगबली की उपासना, सुन्दरकाण्ड, हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। कर्ज से निवृत्ति के लिए ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
  2. आजीविका (काम-काज, कार्यक्षेत्र) में यदि समस्या आ रही हो तो ‘मूंगा’ अथवा ‘तामड़ा’ युक्त ‘मंगल यंत्र’ गले में भी धारण करें।
  3. मंगलवार का व्रत करें। मसूर की दाल व गुड़ गाय को खिलाएं।
  4. तांबा और सोना के मिश्रण से सवा 5 से 9 रत्ती तक की अंगूठी बनाकर धारण करें। लाभ होगा।
  5. मूंगा या तामड़ा रत्न धारण करें। इनके अभाव में ताम्र का सिक्का भी धारण किया जा सकता है।

मेष राशि की प्रमुख विशेषताएं

1. राशि ‒ मेष
2. राशि चिह्न ‒ मेढ़ा
3. राशि स्वामी ‒ मंगल
4. राशि तत्त्व ‒ अग्नि तत्त्व
5. राशि स्वरूप ‒ चर
6. राशि दिशा ‒ पूर्व
7. राशि लिंग व गुण ‒ पुरुष
8. राशि जाति ‒ क्षत्रिय
9. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ क्रूर स्वभाव, पित्त प्रकृति
10. राशि का अंग ‒ सिर
11. अनुकूल रत्न ‒ मूंगा
12. अनुकूल उपरत्न ‒ तामड़ा
13. अनुकूल रंग ‒ लाल
14. शुभ दिवस ‒ मंगलवार, रविवार
15. अनुकूल देवता ‒ शिवजी, भैरव, हनुमान
16. व्रत, उपवास ‒ मंगलवार
17. अनुकूल अंक ‒ 9
18. अनुकूल तारीख़ें ‒ 9/18/27
19. मित्र राशियां ‒ सिंह, तुला व धनु
20. शत्रु राशियां ‒ मिथुन व कन्या
21. व्यक्तित्व ‒ दबंग, क्रोध युक्त व साहसी
22. सकारात्मक तथ्य ‒ कुटुम्ब को पालने वाला, चुनौती को स्वीकार करने वाला, सदैव क्रियाशील
23. नकारात्मक तथ्य ‒ दम्भी, अधैर्यशाली

चू, चे, चो, ला अश्विनी-4

ली, लू, ले, ला भरणी-4

अ कृत्तिका-1


1 जनवरी से 7 जनवरी तक

वर्ष 2024 की शुरूआत अद्भूत व अकल्पनीय रहेगी। वर्ष का प्रथम मास का प्रथम सप्ताह शांति, सुकून व धनकारक साबित होगा। 1, 2 को समय सामान्य तरीके से सुख शांति देने वाला रहेगा। मन में अपार शांति का अनुभव करेंगे। पंचम भावस्थ चन्द्रमा होने से आप घर-परिवार के साथ रहेंगे। शुभ प्रसंग होंगे। 3, 4 को व्यावसायिक तौर पर कोई बड़ी डील हो सकती है। पारिवारिक रिश्तों में मिठास बरकरार रहेगी व गतिरोध समाप्त हो जाएगा। समय सुखदायक, सम्पत्तिदायक रहेगा। 5, 6, 7 को समय की चाल पक्ष में रहेगी। सभी प्रकार के रिश्तों में पुनः गर्मी आएगी, चाहे वह प्रतियोगी हो या दुश्मन। अतिरिक्त आयु करने के अवसर आएंगे।

धर्म-कर्म-अध्यात्म में मन लगा रहेगा। सारी परिस्थितियां पक्ष में बनेंगी।


ग्रह स्थिति

वार्षांरम्भ में बृहस्पति मेष राशि का लग्न में, चंद्रमा सिंह राशि का पंचम भाव में, केतु कन्या राशि का षष्टम भाव में, शुक्र+बुध वृश्चिक राशि का अष्टम भाव में, सूर्य+मंगल

धनु राशि का नवम भाव में, शनि कुम्भ राशि का ग्यारहवें भाव में, बृहस्पति मीन राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

मेष राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2023शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी14, 15, 18, 19, 20, 22,
23, 24
7, 8, 9, 16, 17, 25,
26, 27
फरवरी10, 11, 15, 16, 18,
19, 20
4, 5, 13, 21, 22, 23
मार्च9, 13, 14, 17, 182, 3, 4, 11, 20, 21,
29, 30, 31
अप्रैल5, 6, 9, 10, 13, 147, 8, 16, 17, 25, 26,
27
मई2, 3, 7, 8, 11, 12, 29,
30, 31
5, 13, 14, 15, 23,
24, 25
जून3, 4, 7, 8, 24, 25, 301, 2, 10, 11, 19, 20,
21, 28, 29
जुलाई1, 2, 4, 5, 6, 23, 24,
28, 29
7, 8, 16, 17, 18, 26
अगस्त1, 2, 19, 20, 24, 25,
28, 29
3, 4, 5, 13, 14, 15,
22, 31
सितम्बर16, 17, 20, 21, 24, 251, 9, 10, 11, 18, 19,
27, 28
अक्टूबर13, 14, 18, 19, 21,
22, 23
6, 7, 8, 16, 24, 25,
26
नवम्बर10, 11, 14, 15, 18, 193, 4, 5, 12, 13, 21,
22, 30
दिसम्बर7, 8, 12, 13, 15, 161, 2, 10, 18, 19, 27,
28, 29

मेष राशि का वार्षिक भविष्यफल

Mesh Chakra
मेष राशि

यह साल 2024 आपके लिए उपलब्धि पूर्ण रहेगा। शनि वर्ष पर्यंत लाभ स्थान में गतिशील रहेंगे। अतः धन-लाभ के व आर्थिक उन्नति के रास्ते खुलेगें। वर्षारंभ में मंगल नवम स्थान भाग्य भवन में हैं, अतः

भाग्योन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा, पुराने रोग व कष्ट से छुटकारा मिलेगा, आपको यात्रओं में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। इस देवगुरू बृहस्पति आपकी राशि में तथा दूसरे स्थान में चलायमान रहेगे, गुरू के परिभ्रमण से

धार्मिक लाभ प्राप्त होगा। धार्मिक स्थानों की यात्रऐं होगी किसी दिव्य व्यक्ति संत व महापुरूष का आशीर्वाद व सान्निध्य प्रात होगा, बुद्धि के बल पर आप बड़े से बड़ा काम चुटकियों में हल कर देगें। आप इस साल प्लार्निंग व योजना बनाकर काम करेंगे, जिससे उसका उचित परिणाम प्राप्त होगा। स्त्री जातकों को स्त्री जनित रोगों से स्त्री जातकों को परेशानी हो

सकती है। व्यापार की गाड़ी को पटरी पर लाने के लिए आप भरसक कोशिश करेंगे। और कुछ हद तक परिणाम भी प्राप्त होगें। लेकिन साथ ही एक सलाह भी आपको देना चाहूंगा कि

रूपयों पैसों के मामले में किसी पर भरोसा नही करें, भागीदार सहकर्मी व कर्मचारी के हर गतिविधि व कार्यकलाप पर पर पैनी नजर रखे। तकनीक, मशीनरी, हुनर व मैन पावर का उपयोग करके आप अपना उत्पादन तो बढ़ा लेगें, परंतु कहीं न कहीं लाभ आप उतना हासिल नहीं कर पायेंगे।

देवगुरु बृहस्पति मई के बाद दूसरे स्थान में आकर खर्चों में वृद्धि करायेगें। कुछ अप्रत्याशित खर्चों के योग हैं। खर्चों पर नियत्रंण रखें। इस वर्ष वर्षारंभ में केतु की स्थिति छठे भाव में हैं, जो वर्ष पर्यत रहेगी। गुप्त शत्रु व षड्यंत्र इस साल सक्रिय रहेंगें। शत्रु व षडयंत्रें से सावधान रहने की आवश्यकता है। पति-पत्नी में आपसी सामंजस्य बहुत ही बढ़िया रहेगा, परिवार के लोगों का साथ व सहयोग प्राप्त होगा। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य को लेकर चिंता जरूर रहेगी। इस साल चल, अचल सम्पत्ति की खरीद की संभावना है। व्यापार में आप नित नई संभावनाओं के तलाशेंगे। विद्यार्थी इस साल जबरदस्त मेहनत करेंगे, विभागीय परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा व नौकरी से सम्बन्धित परीक्षा में सफलता के योग मई से पूर्व बन रहे है। प्रेम-प्रसंगों से विद्यार्थीयों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखनी चाहिए, अन्यथा कैरियर व अध्ययन में नुकसान हो सकता है।

वाहन सावधानी पूर्वक चलायें। इस वर्ष किसी नए वाहन की खरीददारी संभव है। पुराने वाहन व घर की मरम्मत पर भी खर्चा हो सकता है। इस साल किसी अनहोनी की स्थिति किसी रिश्तेदार या घनिष्ठ मित्र के साथ हो सकती है। व्यापार के लिए ऋण लेना पड़ सकता है, जो बाद में धीरे-धीरे करके आप चुकता भी कर देगें।

शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्यः- यह समय स्वास्थ्य की दुष्टि से एकदम अनुकूल रहेगा। हालांकि छठे स्थान में केतु के प्रभाव से यदा-कदा हल्की-फुल्की स्वास्थ्य समस्याऐं चलती रहेंगी। मौसमी बीमारियों से सावधानी आवश्यक है, जब फूड,

या भारी भोजन बासी भोजन से परहेज करें। हालांकि इस साल

कोई बडी घातक या गम्भीर बीमारी की आशंका व संभावना नहीं है। आप योग, व्यायाम, मेडीटेशन, जैसी चीजों पर ध्यान देकर अपने स्वास्थ्य को सुव्यवस्थित कर लेगें। वर्षारंभ में राशि स्वामी मंगल भी नवम स्थान में स्थित है, घर के बड़े-बुजुर्गों व वरिष्ठ सदस्यों का स्वास्थ्य जरूर डावाडोल हो सकता है। जिसके कारण आपको अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

व्यापार, व्यवसाय व धनः- व्यापार व कारोबार में विस्तार की योजना जो पिछले काफी समय से चल रही थी। उस पर काम होगा। काम-काज को जमाने में सही से स्थापित करने के लिए आपको खूब मेहनत करनी पड़ेगी। मेहनत व परिश्रम से आप वह सब हासिल कर लेगें, जिसकी आपने तमन्ना की थी। नौकरी से जुड़े जातकों को महत्त्वपूर्ण पोस्टिंग या पदोन्नति किसी प्रभावशाली व्यक्तित्व की मद्द से हासिल हो सकती है। इस साल शनि लाभ स्थान में हैं, वर्षारंभ में मंगल भाग्य स्थान में हैं। अतः बेरोजगार व्यक्तियों को जॉब का अवसर मिल सकता है। देवगुरु बृहस्पति मई तक आपकी राशि में ही संचरण कर रहे हैं। अतः व्यापार व व्यवसाय में किसी का सहयोग आपकी किस्मत बदलने का सामर्थ्य रखता है, किसी संत, महापुरुष या दिव्य व्यक्ति का आशीर्वाद आपकी उन्नति के रास्ते खोल देगा। वहीं 30 जून से 15 नवम्बर के मध्य शनि

एकादश स्थान वक्री हो जायेगें। अतः इस दौरान व्यापारिक फैसलों पर एक बार पुनर्विचार की आवश्यकता रहेगी। भागीदारी व कर्मचारी की हर गतिविधि व कार्यकलाप पर नजर रखें, इस समय कोई गलती या चूक नहीं करें, अन्यथा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है, आपके अपने लोग ही विश्वासघात कर सकते है। अगर आप राजकीय सेवा में है, तो आपके किसी साजिश या षड्यंत्र के शिकार हो सकते हैं। व्यावसायिक प्रतिद्वन्दी व सट्टे आदि से सावधान रहें। किसी भी व्यापार में निवेश करने से अच्छी तरह छानबीन व जांच पड़ताल कर लें। अतिविश्वास में विश्वासघात हो सकता है।

घर-परिवार संतान व रिश्तेदारः- रिश्तेदारों से इस साल कोई खास सहयोग की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

घर-परिवार में व्यस्तता के बावजूद आप अपने लोगों को समय देंगे। मेष राशि के जातकों के लिए परिवार पहली प्राथमिकता पर होता है। दाम्पत्य संबंधों में नई ताजगी महसूस करेंगे। बृहस्पति की वर्षारंभ में सातवें स्थान पर दृष्टि है। रिश्तेदारों से कभी कभार हल्की-फुल्की नोक-झोंक हो सकती है। ससुराल से सम्बन्धों में कटुता आयेगी। भाईयों से, ननद, भोजाई, सास बहु तथा देवरानी जेठानी के बीच कुछ गलत फहमियां उत्पन्न होंगी, समय रहते उन गलत फहमियों का समाधान भी हो जायेगा। जून से नवम्बर के मध्य शनि वक्री होने से घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य चिंता का विषय बन सकता है। आपकी मिलनसार प्रवृत्ति व उदारवादी दृष्टिकोण से आप सबका मन मोह लेंगे। संतान आपकी आज्ञा में रहेगी परंतु संतान की हर गतिविधि व कार्यकलाप पर पैनी नजर रखें, भाईयों से सम्पति संबंधी विवाद गहरायेगा, परंतु आपसी सहमति से विवाद सुलझ जायेगा।

विद्याध्ययन, पढ़ाई व कैरियरः- इस वर्ष देवगुरू बृहस्पति वर्षारंभ में आपकी राशि में चलायमान हैं, अतः पढ़ाई व कैरियर में सफलता इस वर्ष मई से पूर्व कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो सकती है। साथ ही इस वर्ष आपको कैरियर में नई दिशा व नई राह प्राप्त होगी। आप मजबूती से सफलता की तरफ कदम बढ़ायेंगें। पढ़ाई में आप फोकस्ड होंगे, एकाग्र चित्रता बढे़गी। साक्षात्कार, इंटरव्यू व नौकरी के लिए होने वाली परीक्षा में आपको सफलता तो मिलेगी। परंतु प्रयासों में और अधिक जान डालने की आवश्यकता है। बुरे लोग व बुरी सोहबत से दूर रहें। विदेश पाकर अध्ययनरत विद्यार्थीयों के कागजाद संबन्धी समस्या बीजा, पासपोर्ट, इमीग्रेशन आदि की समस्या प्रभावशाली या बुद्धिमान व्यक्ति की मध्यस्थता से हल हो जायेगी। तकनीक, मैकनीकल मैनेजमेंट पॉलिटेकनीक से जुड़े विद्यार्थीयों के लिए

यह समय उपयुक्त रहेगा। कैरियर व नौकरी में इंटरव्यू ग्रुफ डिशक्सन विडियो कान्फ्रेसिंग में सफलता मिल जायेगी।

प्रेम-प्रसंग व मित्रः- वर्ष प्रारंभ में चंद्रमा पंचम स्थान में है। अतः प्रेम-प्रसंगों के मामले में आप बहुत ही भावुक

इस वर्ष रहेगें। राशि का अधिपति भी पंचम से पंचम स्थान में है। अतः आप सहज ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेगें। मित्रें के मामले में आप इस साल भाग्यशाली रहेंगे, आप यह महसूस करेंगें कि हर प्रकार की स्थिति में मित्र आपके साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़ा है। आप दोस्तो के दुःख दर्द, तकलीफ को साझा करेगें। लेकिन मैं आपको

यह भी सलाह दूंगा कि अमर्यादित व असंयमित प्रेम सम्बंध पारिवारिक सुख, शांति में बाधक बन सकते हैं। तथा बदनामी कारण बन सकते हैं।

वाहन, खर्च व शुभकार्यः- मंगल वर्षारंग में नवम स्थान में स्थित है। अतः इस साल नवीन वाहन के योग बन रहे हैं। वाहन पर खर्चा होगा, जहाँ तक खर्च की बात है। बच्चों पर शिक्षा, अध्ययन, विवाह आदि पर खर्च के प्रबल योगायोग बने हुए हैं। राहु वर्ष पर्यंत बारहवें है। अतः वाहन सावधानीपूर्वक चलायें, वाहन चलाते समय लापरवाही नहीं करें, तथा ट्रैफिक मानकों का पालन करें। इस साल जून से मध्य शनि के वक्र काल में कोई अप्रत्याशित खर्चा आ जायेगा। अस्पताल आदि पर खर्च के योग है। तथा जून से पूर्व कोई मांगलिक प्रसंग व शुभखर्च की स्थिति बनेगी। कहीं न कहीं खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है।

हानि, कर्ज व अनहोनीः- इस वर्ष व्यापार में कोई हानि होने की संभावना नहीं है। नौकरी में कार्यरत जातकों को पदोन्नति के अवसर प्राप्त होगें। बाँस व अधिकारीयों से तालमेल बहुत बढ़िया रहेगा। जहाँ तक अनहोनी की बात है, किसी रिश्तेदार

या मित्र आदि घनिष्ठ व्यक्ति के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। वाणी व क्रोध पर काबू रखें। किसी से बिना मतलब उलझ पड़ेगें, तो लेने के देने पड़ सकते हैं। वाहन, भूमि भवन आदि के लिए ऋण लेना पड़ सकता है। व्यापार में विस्तार की

योजना को मूर्त रूप देने के लिए भी ऋण लेना पड़ सकता है।

यात्रएंः- इस वर्ष यात्रओं का योग तो रहेगा, परंतु कोई खास उल्लेखनीय व उपलब्धिपूर्ण यात्र के योग नहीं है। कैरियर में नई संभावनाओं को तलाशने के लिए यात्रऐं करेगें,

धार्मिक स्थान पर घूमने-फिरने का कार्यक्रम परिवार के साथ बन सकता है।

उपायः- मेष राशि के जातकों को मूंगा (त्रिकोणा) ताम्बे की अंगूठी में जड़वाकर अनामिका अगूंली में धारण करना चाहिए। मंगलवार को चमेली के तेल का दीपक तथा हनुमान जी के सन्मुख करें तथा हनुमान चालीसा का पाठ करें! लाल रंग के पुष्प वाले पौधे को या कनेर के पौधे को नित्य सींचे (जल दे) सिन्दूरी रंग का रूमाल या भगवे रंग का रूमाल पास में रखें।

मेष राशि के लोग कर्म में विश्वास रखते हैं।

मेष राशि के लोग कर्म में विश्वास रखते हैं। आप निष्काम होकर कर्म करेंगे। आलोचना व निंदा से कतई नहीं घबराएंगे। तकदीर का सितारा आपके साथ है।

मेष राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मेष राशि का स्वामी मंगल है, जो अग्नि तत्त्व प्रधान होता है। यह पुरुष सूचक राशि है। मेष राशि का राशि चिन्ह ‘मेढ़ा’ है। इसका प्राकृतिक स्वभाव साहसी, अभिमानी व पौरुषशाली है। कोई जरा-सी विपरीत बात कह दे, तो इनको सहन नहीं होता। ऐसे जातक को क्रोध शीघ्र आता है, परंतु इनका क्रोध क्षणिक होता है।
मेष राशि के व्यक्ति प्रायः मध्यम कद के होते हैं। अति उत्साही होने के कारण कई बार जल्दबाजी में काम को गड़बड़ भी कर देते हैं। मेष राशि वाले व्यक्ति स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं। दूसरों की हुकूमत को ये लोग बिलकुल भी पसन्द नहीं करते तथा एक खास बात और कि ये लोग दूसरों के आधिपत्य या हुकूमत में रहकर विकास नहीं कर सकते, जब ये लोग स्वतंत्र कार्य करेंगे तभी इनका विकास संभव होगा। इनको अपने मनोभावों पर नियन्त्रण रखना चाहिए, परंतु क्रोधावस्था के कारण ये अपना आत्मनियंत्रण खो बैठते हैं।
सामान्यतया मेष लग्न में उत्पन्न जातक साहसी, पराक्रमी, तेजस्वी तथा परिश्रमी होते हैं तथा अपने इन्हीं गुणों से वे जीवन में वांछित मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ रहते हैं। ये अत्यधिक सक्रिय एवं क्रियाशील होते हैं तथा अपने इन्हीं गुणों से जीवन में इच्छित उन्नति प्राप्त करते हैं।
मेष लग्न के प्रभाव से जातक अपने शुभ एवं महत्त्वपूर्ण कार्यों को परिश्रम एवं निर्भयता से सम्पन्न करेंगे। इनमें स्वाभिमान का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा स्वपरिश्रम व योग्यता से जीवन में मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ होंगे।
इनके स्वभाव में प्रारम्भ में तेजस्विता का भाव विद्यमान रहेगा। फलतः यदा-कदा आप अनावश्यक क्रोध एवं चंचलता का प्रदर्शन करेंगे। जीवन में आपको जन्मभूमि के अतिरिक्त अन्य स्थान में सफलता प्राप्त नहीं होगी तथा वहीं आपका जीवन सुखपूर्वक व्यतीत होगा। साथ ही सांसारिक सुखोपभोग के साधनों को भी आप परिश्रमपूर्वक अर्जित करके सुखपूर्वक इनका उपभोग करने में समर्थ होंगे।
इस लग्न में जन्मे जातक को जीवन में काफी समस्याओं एवं परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, परन्तु अपने परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प शक्ति के द्वारा आप इनका सामना तथा
समाधान करने में समर्थ होंगे। आपकी प्रवृत्ति में उदारता तथा सहिष्णुता का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा अवसरानुकूल अन्य जनों को आप अपना सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे आपके प्रति लोगों के मन में आदर का भाव उत्पन्न होगा।
आपके सांसारिक कार्य यद्यपि विलम्ब से सिद्ध होंगे, परन्तु गौरव एवं सम्मान का भाव बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको परिश्रम से उन्नति प्राप्त होगी तथा सामाजिक जनों के मध्य भी समय पर मान-सम्मान मिलता रहेगा। आपको अपनी प्रवृत्ति का अन्य जनों के समक्ष सादगीपूर्ण प्रदर्शन करना चाहिए तथा इसमें अनावश्यक दिखावे का समावेश नहीं करना चाहिए। जीवन में आपको इच्छित सुख-ऐश्वर्य एवं वैभव की प्राप्ति होगी। आप एक परिश्रमी, तेजस्वी, कार्य निकालने में चतुर, परन्तु मन्द गति से कार्य करने वाले होंगे तथा जीवन में आवश्यक सुखों का उपभोग करने में समर्थ होंगे।
आप बहुत ही परिश्रमी व साहसिक कार्यों में रुचि लेने वाले व्यक्ति हैं। ऐसे व्यक्ति प्रायः खेल-कूद, शिकार, सैनिक व पुलिस विभाग, मशीन, भट्टी व ज्वलनशील पदार्थों तथा
धातु इत्यादि वस्तुओं में रुचि लेते देखे गए हैं।
धार्मिक विचारों में आपका दृष्टिकोण अन्य लोगों से भिन्न है। आप शक्ति के उपासक हैं। ऐसे व्यक्ति अपनी बात के धनी होते हैं तथा आपकी राशि अग्नि तत्त्व प्रधान होते हुए भी आप शर्त के पक्के होते हैं। आप झगड़ा करना पसन्द नहीं करते, परन्तु जब कोई सीमा का उल्लंघन करने की चेष्टा करता है, तो उसे जबरदस्त सबक सिखाए बिना नहीं रहते। युद्धकला में प्रायः ऐसे व्यक्ति निपुण होते हैं। भूमि व कोर्ट-कचहरी संबंधी कार्यों में ये प्रायः विजय प्राप्त करते हैं।
आपका भाग्योदय 28 वर्ष के पश्चात् होने की संभावना बनती है। परंतु इसके लिए कुण्डली में भाग्येश का विचार करना भी आवश्यक है।
यदि आपका जन्म 21 मार्च व 20 अप्रैल के मध्य हुआ है, तो आपका भाग्योदय निश्चित रूप से 28 वर्ष के पश्चात संभव है। आप पूर्णतः सेल्फमेड व्यक्ति हैं। आप अपना भाग्य स्वयं निर्मित करते हैं। परन्तु याद रखें, बिना परिश्रम के आपको विशेष लाभ होने की संभावना नहीं है।
यदि आपका जन्म ‘भरणी’ नक्षत्र में है तथा आपका नाम ‘ल’ से आंरभ होता है, तो आप कुछ लम्बे कद वाले व्यक्तियों की गिनती में हैं। आपके अनेक मित्र हैं तथा मित्रजनों पर आपकी पूर्ण कृपा है। आपको छिछले एवं चुगलखोर मित्र कतई पसन्द नहीं। आप दूरदर्शी होने के साथ-साथ मितव्ययी भी हैं। फिजूल के खर्च व व्यर्थ के दिखावे में आपकी रुचि नहीं है। भ्रमण व घूमने-फिरने के शौक के साथ-साथ आपको उत्तेजनापूर्ण चटपटे भोजन में भी बहुत रुचि होती है।
लाल रंग व ज्वलनशील पदार्थ आपके अनुकूल कहे जा सकते हैं। मंगल एक शौर्यवान व तेजोमय ग्रह होने से, जहां शांति व प्रसन्नता असफल हो जाती है, वहां पर आप झगड़े व डांट-डपट से अपना कार्य आसानी से सिद्ध कर सकते हैं।
आपके लिए मंगलवार सर्वश्रेष्ठ शुभकारी रहेगा तथा इष्टदेव के रूप में हनुमानजी आपके मनोरथ को पूर्ण करेंगे। आपका अनुकूल रत्न ‘मूंगा’ है।

मेष राशि वालों के लिए उपाय

  1. मेष राशि वालों को बजरंगबली की उपासना, सुन्दरकाण्ड, हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। कर्ज से निवृत्ति के लिए ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
  2. आजीविका (काम-काज, कार्यक्षेत्र) में यदि समस्या आ रही हो तो ‘मूंगा’ अथवा ‘तामड़ा’ युक्त ‘मंगल यंत्र’ गले में भी धारण करें।
  3. मंगलवार का व्रत करें। मसूर की दाल व गुड़ गाय को खिलाएं।
  4. तांबा और सोना के मिश्रण से सवा 5 से 9 रत्ती तक की अंगूठी बनाकर धारण करें। लाभ होगा।
  5. मूंगा या तामड़ा रत्न धारण करें। इनके अभाव में ताम्र का सिक्का भी धारण किया जा सकता है।

मेष राशि की प्रमुख विशेषताएं

1. राशि ‒ मेष
2. राशि चिह्न ‒ मेढ़ा
3. राशि स्वामी ‒ मंगल
4. राशि तत्त्व ‒ अग्नि तत्त्व
5. राशि स्वरूप ‒ चर
6. राशि दिशा ‒ पूर्व
7. राशि लिंग व गुण ‒ पुरुष
8. राशि जाति ‒ क्षत्रिय
9. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ क्रूर स्वभाव, पित्त प्रकृति
10. राशि का अंग ‒ सिर
11. अनुकूल रत्न ‒ मूंगा
12. अनुकूल उपरत्न ‒ तामड़ा
13. अनुकूल रंग ‒ लाल
14. शुभ दिवस ‒ मंगलवार, रविवार
15. अनुकूल देवता ‒ शिवजी, भैरव, हनुमान
16. व्रत, उपवास ‒ मंगलवार
17. अनुकूल अंक ‒ 9
18. अनुकूल तारीख़ें ‒ 9/18/27
19. मित्र राशियां ‒ सिंह, तुला व धनु
20. शत्रु राशियां ‒ मिथुन व कन्या
21. व्यक्तित्व ‒ दबंग, क्रोध युक्त व साहसी
22. सकारात्मक तथ्य ‒ कुटुम्ब को पालने वाला, चुनौती को स्वीकार करने वाला, सदैव क्रियाशील
23. नकारात्मक तथ्य ‒ दम्भी, अधैर्यशाली