‘वो खेतों में जैसे शाहरुख काजोल के लिए गिटार बजाता है न काश मेरे लिए भी कोई ऐसा करे’

‘वो स्विजरलैंड की वादियों में फिल्मों वाला डांस भी करना है मुझे’

‘काश मेरा बॉयफ्रेड भी मुझे वैसा ही प्यार करे जैसा ‘जब वी मेट’ में शाहिद ने करीना को किया था।’

फिल्में देखते हुए अक्सर हम सपने संजो लेते हैं। फिल्मों वाले प्यार को ही अपना प्यार मान लेते हैं। अपने पार्टनर को हीरो और खुद को हीरोइन भी मान लेना बहुत आम सी बात है। लेकिन जो सोचो वो हर बार सही तो नहीं हो सकता है। ये जानते हुए भी फिल्मी किस्से सच होंगे, ये सोचना पूरी तरह से ही गलत है। अगर आप भी फिल्मों वाले प्यार को असल प्यार मान बैठी हैं तो सब समय है कि असल और फिल्मी प्यार में अंतर समझ लिया जाए। अंतर समझ लेने से आप वो सपने देखेंगी जो हकीकत में बदल सकने वाले होंगे। वो सिर्फ सपने नहीं रह जाएंगे। तो चलिए प्यार के रील और रियल पहलुओं को जान लें-

 

पहली नजर का प्यार

फिल्मों में अक्सर पहली नजर का प्यार दिखाया जाता है, ये प्यार सिर्फ फिल्मों में ही होता है, ये याद रखिए। क्योंकि ये असल जिंदगी में संभव नहीं है। ये होता भी है तो बहुत कम। इसलिए अगर आपको लग रहा है कि कोई आपसे पहली नजर में प्यार कर बैठेगा तो आप गलत हैं। ऐसा ज्यादातर फिल्मों में ही होता है। इसलिए अगली बार जब आप सपना देखें कि कोई हीरो आपसे मिलेगा और आप पर पहली नजर में फिदा हो जाएगा तो असलियत को समझने की कोशिश जरूर कीजिएगा। याद रखिए असल जिंदगी में इतनी जल्दी प्यार नहीं होता। दो लोग मिलते हैं, एक दूसरे को पहचानते हैं, तब कहीं जाकर प्यार होने की शुरुआत होती है। 

सारी कायनात वाला फंडा

‘पूरी कायनात दो लोगों को मिलाने में लग जाती है’ फिल्म का ये डायलॉग ये एहसास कराता है कि जब दो लोग प्यार करते हैं तो पूरा ब्रह्मांड इस काम में उनकी मदद करता है। यही वजह है कि तारों का टूटना, बारिश का होना, ये सब हम अपने प्यार से जोड़ लेते हैं। मगर ये सबकुछ पूरी तरह फिल्मी है। आप दोनों के मिलने पर बिजली बिलकुल नहीं कड़केगी, बारिश नहीं होगी और तारे भी नहीं टूटेंगे। इन सब चीजों से अगर आप अपने प्यार को नाप रही हैं तो गलत कर रही हैं। 

 

त्योहार होगा पार्टी नहीं

फिल्मों में अक्सर दिखाया जाता है कि त्योहार भी ऐसे मनाए जाते हैं मानो पार्टी आयोजित की गई हो। फिर इसी पार्टी में अचानक से हिरोइन को हीरो मिल जाता है। ऐसा असल जिंदगी में नहीं होता है। पहले तो त्योहार को ग्रैंड पार्टी जैसा मनाने के लिए बहुत पैसे चाहिए होते हैं, जो असल में सबके पास नहीं होते हैं। सब लोग पूरे शहर को त्योहार पर पार्टी के लिए नहीं बुलाते हैं। बल्कि ये सबकुछ सिर्फ परिवार के बीच होता है। इस वक्त भी घर की महिलाएं सिर्फ तैयार होकर मस्ती नहीं करती रहती हैं बल्कि उन्हें किचन संभालना ही होता है। इसलिए त्योहारों पर सजी-धजी हिरोइन और प्यार का खुमार आप अपने लिए भी सोच रही हैं तो गलत कर रही हैं। 

अंत भला तो सब भला

फिल्मों में अंत हमेशा अच्छा ही दिखाया जाता है। अंत में सब खुश होते हैं और मान लिया जाता है कि अब कोई परेशानी हीरो-हिरोइन की जिंदगी में नहीं आएगी। लेकिन असली जिंदगी अच्छे-बुरे का मेल जैसी होती है। मतलब पूरी जिंदगी में अच्छा और बुरा दोनों ही होने की संभावना रहती है। कभी अच्छे दिन होंगे तो कभी बुरे, कभी उनको आप पर खूब प्यार आएगा तो कभी किसी और की नाराजगी भी आप पर ही उतर जाएगी। कभी वो बीमार होंगे तो कभी आप भी। कभी परिवार में कोई परेशानी में आएगा तो उसका ख्याल भी आप दोनों को मिलकर रखना होगा। इसलिए समझ लीजिए कि असल जिंदगी में सिर्फ रोमांस, प्यार और खुशी ही नहीं होगी, बीमारी, गुस्सा और नाराजगी भी शामिल होगी, इस बात को स्वीकार कर लीजिए। 

ऑल राउंडरहीरो

फिल्मों में हीरो ही ऐसा कैरेक्टर होता है, जो प्यार के लिए मोटिवेट करता है। वो एक ऐसा शख्स होता है, जो सबकुछ जानता है। उसको लड़ना आता है, गाना भी और डांस भी। वो पढ़ने में अच्छा होता है और अच्छा इंसान भी। मतलब वो ऑलराउंडर होता है। लेकिन रुकिए अगर आपको प्यार करने वाला शख्स बिलकुल हीरो जैसा चाहिए तो आपको खुद को रोकना होगा। आमतौर पर भारतीय पुरुषों से सिर्फ नौकरी करने की अपेक्षा ही की जाती है। उनसे कुछ और अपेक्षा करना ही सही नहीं रहता है। इसलिए ऑल राउंडर हीरो वाला प्यार मत ढूंढिएगा और असलियत को पहचान लीजिएगा। 

हमेशा आपके साथ

फिल्मी कहानियों में अक्सर हीरो हीरोइन के साथ ही बना रहना चाहता है। वो इसके लिए मौके ढूंढता है कि कैसे भी करके उसे हिरोइन के साथ रहने का मौका मिले। लेकिन असल जिंदगी में ऐसा बिलकुल नहीं होता है। असल जिंदगी में प्यार के अलावा भी बहुत काम होते हैं। कमाना, घर बनाना प्यार को बनाए रखने के लिए भी जरूरी होता है। आपका पार्टनर हमेशा आपके साथ नहीं रहेगा। वो आपको छोड़ कर ऑफिस टूर पर भी जाएगा और दोस्तों के साथ पार्टी में भी। आप हमेशा उसके साथ नहीं रह पाएंगी। फिल्मों की तरह आपका हीरो हर वक्त आपके साथ नहीं रह पाएगा। 

 

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