वास्तुदोष दूर करने के लिए घर और मंदिर में सुबह शाम जलाएं दीपक, बढ़ती है सकारात्मकता: Worship Rules
Worship Rules

Worship Rules: सनातन धर्म में सभी तरह के शुभ कार्यों में घी या तेल का दीपक जलाने की परंपरा पौराणिक काल से चली आ रही है। शास्त्रों में पूजा पाठ के समय भगवान के सामने दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया गया है। घर और मंदिर में दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। हिंदू धर्म के सभी शुभ और मंगल कार्यों की शुरुआत भगवान के सामने दीपक जलाकर ही की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपक रोशनी और मंगलकामना का प्रतीक है। इसलिए दीपक जलाने से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है। ऋग्वेद के अनुसार, दीपक का प्रकाश देवताओं के तेज के समान ही पवित्र होता है। इसलिए घर और मंदिर में शुभ शाम दीपक जरूर जलाना चाहिए ताकि घर में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहे। दीपक जलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी आवश्यक है। सही तरीके और नियम से दीपक जलाने से घर का वास्तु दोष भी दूर हो जाता है। आज इस लेख में हम पंडित इंद्रमणि घनस्याल से जानेंगे कि दीपक जलाते समय कौनसी खास बातों का ध्यान रखना चाहिये और दीपक जलाने का धार्मिक महत्व क्या है।

दीपक जलाते समय रखें इन बातों का ध्यान

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Lightening Tips

पंडित इंद्रमणि घनस्याल के अनुसार, दीपक जलाते समय “शुभम करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्, शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीपं ज्योति नमोस्तुते” मन्त्र का जाप करना चाहिए। इस मन्त्र का अर्थ है कि सभी का कल्याण करने वाली, सभी को निरोगी रखने और धन सम्पदा देने वाली, शत्रुओं का नाश करने वाली, दीपक की ज्योति को नमस्कार करते हैं। घर और मंदिर में रोज दीपक जलाना चाहिए। दीपक को कभी भी पश्चिम दिशा में या घर के किसी कोने में नहीं जलाना चाहिए। इससे घर के सदस्यों का मानसिक तनाव बढ़ता है। किसी भी पूजा पाठ, हवन, मंदिर या किसी भी मांगलिक आयोजन में खंडित दीपक नहीं जलाना चाहिए। धार्मिक कार्यों में खंडित दीपक जलाने से आर्थिक संकट आता है।

पूजा करने के बाद हमेशा घर के मुख्य दरवाजे के पास एक दीया जरूर जलाना चाहिए इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश बढ़ता है। घर के मुख्य दरवाजे के पास जलने वाले दीपक की लौ से हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा जलकर नष्ट हो जाती है। घर के मंदिर में जब दीपक जलाएं तो उसे हमेशा भगवान की मूर्ति के सामने रखें। घी के दीपक को बाएं हाथ की तरफ और तेल के दीपक को दायें हाथ की ओर रखना शुभ माना जाता है। घी के दीपक में रुई की और तेल के दीपक में धागे की लाल बत्ती रखनी चाहिए। दीपक जलाने के बाद विशेष ध्यान रखना चाहिए कि धार्मिक अनुष्ठानों के पूरा होने से पहले ही दीपक ना बुझ जाये। दीपक का बुझना अशुभ संकेत माना जाता है।

दीपक जलाने का महत्व

Importance of Diya
Importance of Diya

शास्त्रों के अनुसार, घर में वास्तु दोष को दूर करने और घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए रोज सुबह शाम दीपक जलाना चाहिए। दीपक की रोशनी से मन को आत्मिक शांति मिलती है और सकारात्मक विचार बढ़ते है। शास्त्रों के अनुसार, बत्ती में कपूर और लौंग जैसी सामग्रियां डालकर प्रतिदिन दीपक जलाने से आसपास का वातावरण भी शुद्ध होता है। हिंदू धर्म मे देवी देवताओं के समक्ष नियमित रूप से दीपक जलाने से देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। विशेष कर घर के आंगन की तुलसी में सुबह शाम दीपक जलाने से घर के वास्तुदोष का दुष्प्रभाव समाप्त हो जाता है।

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