आपके दोस्त व रिश्तेदार जो जी में आए कहें, कोई जरूरी नहीं कि आपका नवजात शिशु पूरी ही नींद लेगा। कुछ शिशु गहरी नींद सोते हैं, तो कुछ सिर्फ झपकियां लेना पसंद करते हैं। कुछ दिन में सोना पसंद करते हैं। तो कुछ सिर्फ रात की नींद लेना पसंद करते हैं। कुछ शिशु पेट भरने के बाद ही सोते हैं। कई बार जरूरी हो जाता है कि शिशु सोने से पहले थोड़ा रो लें। अगर उसके रोने का कोई और मतलब होगा तो उसे भी आप जल्दी ही समझ जाएंगी।
  • आप बस ये याद रखें कि शिशु के जन्म के पहले तीन से छह माह के दौरान आपको भी अपने नींद के घंटे उसके हिसाब से तय करने पड़ेगें। 
अमरीकन बाल चिकित्सा अकादमी का मानना है कि शिशुओं को पीठ के बल लिटाने से नवजात शिशु की अचानक मृत्यु का खतरा घट जाता है। जब तक डाॅक्टर राय न दें शिशु को पेट के बल न सुलाएं शिशु पेट के बल न सो सके इसके लिए आप खास तौर पर बना तकिया लगा सकती हैं।
  • शिशु को बिस्तर पर सुलाते समय वहां से सारे फालतू तकिए। कुशन व नरम खिलौने हटा दें। 
  • शिशु को सुलाने के लिए शांत माहौल बनाना जरूरी नहीं है। साथ ही इसे व्यावहारिक भी नहीं कह सकते। अगर आप उसे थोड़े बहुत शोर में सोने की आदत डालेगीं तो उसे वैसी ही आदत पड़ जाएगी।  
  • आप बच्चे के कमरे के बाहर हल्का संगीत चला सकती हैं।  अगर वह टेलीफोन की आवाज से उठ जाता है तो घंटी की आवाज कम करें या बंद कर दें। फोन के नीचे कोई मैट रख दें ।इससे भी कम आवाज आएगी।
 
एक चेतावनी 
अपने नवजात शिशु को किसी नरम कालीन, साफ या नरम सतह पर अकेला न छोड़ें और न ही वहां सुलाएं। अगर बच्चे ने अपना मुंह नीचे की ओर कर लिया और करवट न ले सका तो उसका दम भी घुट सकता है। 
 
अच्छी नींद के लिए
  • चाहें आप कहीं बाहर ही क्यों न हों शिशु की नींद का रूटीन न तोड़ें, उसे रोज वाले समय पर सुलाने की कोशिश करें।
  • उसकी जानी-पहचानी कहानी सुनाएं। अपना या बोतल का दूध पिलाएं। नींद से जुड़े सारे काम उसी तरीके से करें, वह चैन की नींद सो जाए। 
  • कभी-कभी शिशु को बैठी मुद्रा में भी सोने दें। उसे अपने आगे फ्रटं पैक में बांध लें या इन्फेंट सीट में बिठा दें।
  •  जब शिशु को दूध पिलाने के लिए पालने या पलंग से उठांए तो वहां गर्म पानी की बोतल या ‘हीटिगं पैड’ रख दें । ताकि बिस्तर में गरमाहट रहे।
  • बच्चे को लिटाते समय उन्हें उठा लें। आप ड्रायर चलाकर भी कंबल गर्म कर सकती है। ठंडे बिस्तर से बच्चे की नींद टूट जाती है।
  • डिशवाशर चलने, फव्वारे या नल से पानी गिरने की आवाज टेप करें। शिशु को लोरी सुनाते समय वही टेप चला दें । पानी गिरने की मधुर आवाज से उसे मीठी नींद आ जाएगी।
  • आप ऐसी मीठी आवाजें निकालने वाला खिलौना भी खरीद सकती हैं।
  • शिशु को शांत करने के लिए गोद में झुलाते समय कुछ पढ़ें। आपकी आवाज से बच्चा चुप हो जाएगा।
  • जब शिशु उनींदा हो तो उसे बिस्तर पर लिटा दें ताकि उसे आपकी मदद के बिना गहरी नींद में सोना आ जाए।

 

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