Kids Eyes Problem: डबल विजन जिसे डिप्लोपिया के नाम से भी जाना जाता है। ये एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति एक ही चीज की दो छवियां देखता है। ये समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है लेकिन पिछले कुछ सालों में बच्चों में ये समस्या तेजी से बढ़ रही है। डबल विजन एक चिंताजनक स्थिति है जिसकी वजह से बच्चे को देखने में परेशानी, आंखों में पानी और अंधेपन की स्थिति का भी सामना करना पड़ सकता है। डबल विजन की समस्या कई बार लापरवाही और गलत आदतों की वजह से बढ़ जाती है। इस समस्या को नजरअंदाज करने से बच्चा विजन भी खो सकता है। इसलिए पेरेंट्स को इसके लक्षणों और कारणों को गंभीरता से लेना चाहिए। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
क्या है डबल विजन

डबल विजन एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को एक ही चीज की दो प्रतियां दिखाई देती हैं। आंख के बीच का एलाइनमेंट बिगड़ जाने के कारण ये समस्या उत्पन्न होती है। एलाइनमेंट बिगड़ने से धुंधला दिखाई देता है और आंख से पानी भी आ सकता है। ये समस्या स्थाई और अस्थाई हो सकती है। सही समय पर इलाज न कराने पर व्यक्ति अपनी आंख भी गवां सकता है।
बच्चों में डबल विजन के कारण
डबल विजन या डिप्लोपिया की समस्या कई कारणों से हो सकती है।
मांसपेशियों की समस्या: आंखों की मांसपेशियों की समस्या जिन्हें स्ट्रैबिज्मस भी कहा जाता है। ये समस्या तब होती है जब आंखों के मूवमेंट को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियां सही तरीके से काम नहीं करती हैं। इससे आंख असमान हो सकती हैं, जिससे डबल विजन की समस्या हो सकती है।
आंख में संक्रमण: आंखों का लाल होना या अंदरूनी भाग में सूजन डबल विजन का कारण हो सकती है। आंख में होने वाले संक्रमण से आंखों की संरचना पर असर पड़ता है, जिससे डबल विजन की समस्या हो सकती है।
न्यूरोलॉजिकल समस्या: कई बार आंख में चोट या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं डबल विजन का कारण बन सकती हैं। इसमें माइग्रेन, मस्तिष्क में चोट और रक्तस्त्राव जैसी स्थितियां शामिल हैं।
स्क्रीन का अधिक प्रयोग: आजकल बच्चे छोटी उम्र से ही स्क्रीन और मोबाइल का अधिक उपयोग करने लगे हैं। स्क्रीन में होने वाले मूवमेंट और डार्क कलर आंखों को प्रभावित कर सकते हैं। ये स्थिति डबल विजन के लिए भी जिम्मेदार हो सकती है।
पोषक तत्वों की कमी: प्रेग्नेंसी के दौरान बच्चे में होने वाली पोषक तत्वों की कमी डबल विजन का कारण बन सकती है। इसके अलावा बच्चे की खानपान में लापरवाही, जंक फूड का सेवन और सब्जियां न खाने की वजह से भी आंखें कमजोर हो सकती हैं।
डबल विजन के लक्षण

– एक की जगह दो छवियां दिखाई देना
– आंखों का मिसएलाइंटमेंट
– सिरदर्द या आंखों में तनाव
– आंखों में सूजन
– आंख से पानी निकलना
– लगातार सिरदर्द रहना
– चक्कर आना
– धुंधला दिखाई देना
– एकाग्रता में कमी
डबल विजन का ट्रीटमेंट
– चश्मा या कॉन्टेक्ट लेंस: डबल विजन की स्थिति में बच्चों को चश्मा या कॉन्टेक्ट लेंस लग सकता है।
– पैचिंग: ये एक प्रकार की उपचार विधि है जिसमें एक मजबूत आंख को कवर कर दिया जाता है। जिससे बच्चा कमजोर आंख के माध्यम से देखने का प्रयास करता है। इससे एलाइंनमेंट में सुधार हो सकता है।
– विजन थेरेपी: इस थेरेपी से आंखों के समन्वय और कार्यप्रणाली में सुधार होता है। इससे आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती है।
– सर्जरी: आंखों की स्थिति गंभीर होने पर आंखों की सर्जरी की जाती है।
