20+ आगरा में घूमने के लिए बेहतरीन स्थान और प्रमुख दर्शनीय स्थल
अगर आप भी इस बार आगरा ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो इन 20 स्थानों को देखने ज़रूर जायें।
Agra Me Ghumne ki Best Jagah: उत्तर प्रदेश का आगरा शहर जहां विश्व के सात अजूबों में एक ताजमहल स्थित है, भारत के लोकप्रिय पर्यटक स्थलों में से एक है। ऐतिहासिक महत्व वाली प्रेम नगरी के रूप में विख्यात इस नगरी में अनेक स्मारक हैं, जो वास्तुकला की दृष्टि से नायाब हैं और मुग़लकाल की शानदार विरासत को दर्शाते हैं। इस शहर में दुनियाभर से पर्यटकों का आना सालभर लगा रहता है। अगर आप भी इस बार आगरा ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो इन 20 स्थानों को देखने ज़रूर जायें।
ताजमहल (Tajmahal)

जिस ख़ास जगह को देखने दुनिया भर से आये हुए लोगों कि आगरा में भीड़ लगी रहती है ॰वो है प्यार की निशानी माना जाने वाला ताजमहल। यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज साइट मे शामिल विश्व के सात अजूबों में से एक सफ़ेद संगमरमर से बने ताजमहल की ख़ूबसूरती देखते ही बनती है। मुगल शासक शाहजहां द्वारा अपनी बेगम मुमताज महल की याद में ताजमहल को 1553 ईस्वी में बनाया गया था, जिसे बनाने में 21 साल का समय लगा था। है। ताजमहल यमुना नदी के तट पर स्थित है, जिसके चारों तरफ हरे-भरे बाग बगीचे हैं। ताजमहल की सबसे ऊंची गुंबद के नीचे मुमताज का कब्र स्थित है।
प्रवेश शुल्क
यहाँ प्रवेश शुल्क 50 रुपए प्रति व्यक्ति है। शुक्रवार को छोड़कर ताजमल में पर्यटक हर दिन सुबह 5 बजे से शाम के 6:30 बजे तक जा सकते हैं।
फतेहपुर सीकरी (Fatehpur Sikri)

आगरा यात्रा के दौरान मुगल सम्राज्य के आदर्शों और विरासत को समेटे हुए शहर फ़तेहपुर सीकरी देखने ज़रूर जायें। मुगल सम्राट अकबर ने आगरा से 36 किलोमीटर की दूरी पर अपनी राजधानी के रूप में फतेहपुर सीकरी की स्थापना की थी। यहां आप बुलंद दरवाजा, शेख सलीम चिश्ती की दरगाह, जामा मस्जिद, जोधा बाई पैलेस ,दीवाने खास और ख्वाबाग इत्यादि सुंदर मुगल कलाकृतियों से निर्मित इमारत देख सकते हैं। यह दरवाजा 54 मीटर लंबा है और दुनिया का सबसे ऊंचा प्रवेश द्वार है।
प्रवेश शुल्क
यहां प्रवेश शुल्क 50 रुपए है। यहां आप किसी भी दिन सुबह 6 बजे से रात के 6 बजे तक जा सकते हैं।
इत्माद-उद-दौला का मकबरा ( Tomb of Itmaad-Ud-Doula)

आगरा में यमुना नदी के पूर्वी तट पर निर्मित इस मकबरे को छोटा ताज के नाम से जाना जाता है। 23 वर्ग किलोमीटर में फैले इस मक़बरे का निर्माण 1628 में हुआ था। मकबरे के अंदर खूबसूरत मुगल कलाकृति देखने को मिलती है। संगमरमर का यह मकबरा जहाँगीर की बेगम नूरजहां ने अपने वालिद मिर्ज़ा गयास बेग़ की याद में 1622-1628 ईसवी में बनवाया था। इत्माद-उद-दौला का मकबरा भारत का पहला मकबरा है जो पूरी तरह से संगमरमर से बना है।
प्रवेश शुल्क
यहां प्रवेश शुल्क 10 रुपए है।
महताब बाग (Mehtab Baag)

आगरा में ताजमहल के ठीक सामने एक और खूबसूरत दर्शनीय स्थल है महताब बाग। यह चारबाग शैली में बना चुनिंदा मुग़ल उद्यानों में से एक है। मुग़ल वास्तुकला का बेहतरीन उद्धरण है चांदनी बाग के नाम से प्रख्यात यह मेहताब बाग। यह ताजमहल के विपरीत दिशा में यमुना नदी के बाएं तट पर स्थित है। पर्यटक इस 25 एकड़ बाग के सुंदर और शांत वातावरण में कुछ समय आराम कर सकते हैं। यहां पर विभिन्न प्रकार के फूल और पौधे हैं। इस बाग को 1631 से लेकर 1635 ईसवी के बीच में बनाया गया था।
प्रवेश शुल्क
यहां प्रवेश शुल्क ₹30 प्रति व्यक्ति है।
सुर सरोवर पंछी अभ्यारण (Soor Sarovar Bird Sanctury)

शहर की हलचल से दूर अगर आप किसी शांत जगह की तलाश में हैं तो आगरा से तकरीबन 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सुर सरोवर पक्षी अभयारण्य बेहतरीन प्राकृतिक स्थल है। यहाँ आपको तरह-तरह के पक्षी देखने को मिलेंगे। जिनमें से कुछ प्रमुख साइबेरियन सारस, स्पूंस विल्स और रिमिनी बतक है।यहां एक बड़ी झील और कई मानव निर्मित द्वीप है।
प्रवेश शुल्क
यहां भी प्रवेश शुल्क ₹30 प्रति व्यक्ति है। यहां आप सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक जा सकते हैं।
अकबर का मकबरा (Tomb of Akbar)

आगरा से करीब 23 किलोमीटर की दूरी पर सिकंदरा में स्थित लाल बलुआ पत्थर से निर्मित यह मक़बरा हरे-भरे उद्यान के बीच में स्थित है। अकबर की इच्छा थी कि उनके मरने के बाद एक मकबरे का निर्माण करवाया जाए और उनकी इच्छा को पूरी करने के लिए उनके पुत्र जहांगीर ने 1613 में इस मकबरे का निर्माण करवाया था। इसे बनने में पूरे 8 साल लगे थे। कहा जाता है कि इस मकबरे में अकबर के अवशेष भी मौजूद हैं, जिसे एक कब्र में दफन किया गया है।
प्रवेश शुल्क
यहाँ प्रवेश शुल्क ₹15 प्रति व्यक्ति है।
आगरा का क़िला (Agra Fort)

लगभग 380 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला यह विशाल किला आगरा के प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। यह किला देश पर मुगल साम्राज्य के शासन से पहले बनाया गया था। हालाँकि, अकबर ने 16 वीं शताब्दी में इस बलुआ पत्थर के किले का पुनर्निर्माण किया था। अगर आप यह क़िला देखने जाते हैं तो यहाँ दिल्ली गेट, मोती मस्जिद, नगीना मस्जिद, निजी दर्शकों का हॉल, लोधी गेट, सार्वजनिक दर्शकों का हॉल और मुसम्मन बुर्ज जैसी आकर्षक इमारतें देखने को मिलेंगी।
प्रवेश शुल्क
यहां ₹50 प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क है।
मरियम का मकबरा (Tomb of Mariam)

सिकंदरा से लगभग एक किलोमीटर उत्तर में मरियम का मकबरा अकबर की पत्नी मरियम-उज़-ज़मानी बेगम का अंतिम विश्राम स्थल है। मकबरे की वास्तुकला में इस्लामी और हिंदू दोनों शैलियों के तत्व शामिल हैं, जो अकबर और जहांगीर के शासनकाल के दौरान लोकप्रिय थे। मरियम की कब्र मकबरे की सतह के नीचे स्थित है, जो क्रॉसक्रॉसिंग गलियारों द्वारा खंडित है।
प्रवेश शुल्क
यहाँ प्रवेश निःशुल्क है।
जामा मस्जिद (Jaama Mosque)

आगरा की जामा मस्जिद भारत की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है और अपनी अनूठी वास्तुकला और आंतरिक डिजाइन के लिए जानी जाती है। आगरा किले के ठीक सामने स्थित यह आगरा के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक हैै। इसे शाहजहाँ ने अपनी बेटी जहाँआरा बेगम के लिए बनवाया था।
प्रवेश शुल्क
यहाँ प्रवेश शुल्क नहीं है।
खास महल (Khaas Mahal)

शाहजहाँ द्वारा अपनी बेटियों जहाँआरा और रोशनआरा के लिए बनवाया गया खास महल एक तरफ राजसी यमुना और दूसरी तरफ अंगूरी बाग से घिरा है। 1640 में निर्मित यह महल आगरा के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों में से एक है। इसके ताल, फव्वारे, अलंकृत बालकनियों और संगमरमर के गुंबद इसकी ख़ूबसूरती में चार चाँद लगा देते हैं।
प्रवेश शुल्क
यहाँ प्रवेश निःशुल्क है।
चीनी का रौज़ा (Chini ka Rauza)

एत्मादपुर में स्थित यह स्मारक शाहजहां के वजीर शुक्रुल्लाह शीराजी अफजल खां ‘अल्लामी’ ने बनवाया था। शीराजी ने खुद ही यह मकबरा अपने लिए साल 1628 से 1639 के बीच बनवाया था, जिसकी खूबसूरती को देखकर मुगल शहंशाह शाहजहां भी हैरान रह गए थे। मकबरे में चीनी मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, इसलिए नाम पड़ा चीनी का रोजा। यह इमारत ईरान की विलुप्त हो चुकी काशीकरी कारीगरी से बनी है। इस भव्य स्मारक को फारसी शैली में फूलों के डिजाइनों से सजाया गया है।
प्रवेश शुल्क
यहाँ आप निःशुल्क प्रवेश कर सकते हैं।
अंगूरी बाग (Angoori Bagh)

अंगूरी बाग जिसे अंगूरों का बगीचा भी कहा जाता है, आगरा के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। नूरजहां ने आगरा किला में खास-महल के सामने बाग बनवाया था। इसके लिए कश्मीर से मिट्टी मंगवाई गई थी। यहां अंगूर की बेल लगवाई गई थी। अंगूरी बाग में रेड सैंड स्टोन से षटकोण के डिजाइन बने हुए हैं। मुगल रानियाँ यहाँमें आराम से सैर करती थीं। पार्क में 85 उद्यान, एक भव्य फव्वारा और एक आकर्षक पुल है।
प्रवेश शुल्क
भारतीय पर्यटकों के लिए, अंगूरी बाग में प्रवेश शुल्क 20 रुपये है।
डॉल्फिन वाटर पार्क (Dolphin Water Park)

आगरा यात्रा के दौरान अगर कुछ समय मस्ती के बिताना चाहते हैं तो डॉल्फिन वर्ल्ड वाटर पार्क ज़रूर जायें। 14 एकड़ में फैले इस पार्क में स्लाइड, रोलर कोस्टर का आप भरपूर मज़ा ले सकते हैं। इस थीम पार्क में विभिन्न प्रकार की सवारी और मजेदार खेलों का बच्चे आनंद ले सकते हैं।
प्रवेश शुल्क
यहां प्रवेश शुल्क ₹650 प्रति व्यक्ति है। यह पार्क सुबह 11.30 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है।
गुरुद्वारा गुरु का ताल (Gurudwaara Guru ka Taal)

गुरु का ताल सिखों के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। आगरा के पास सिकंदरा में स्थित गुरु का ताल उस स्थान पर बनाया गया था जहां गुरु तेग बहादुर ने मुगल सम्राट औरंगज़ेब के सामने समर्पण किया था। बरसात के मौसम में जल संरक्षण के उद्देश्य से इस जलाशय का निर्माण 1610 ई. के आसपास जहाँगीर के शासनकाल में किया गया था। हालाँकि, गुरु के आत्मसमर्पण के बाद, उनके सम्मान में इसके स्थान पर एक गुरुद्वारा का निर्माण किया गया। लाल पत्थरों से निर्मित, यह स्मारक हजारों भक्तों को आकर्षित करता है जो साल-दर-साल गुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए आते हैं।
प्रवेश शुल्क
यहाँ प्रवेश निःशुल्क है।
राजा जसवंत सिंह की छत्री (Raja Jaswant Singh Chatri)

राजा जसवंत सिंह की छत्री मुगल साम्राज्य के दौरान आगरा का एकमात्र हिंदू स्मारक बनाया गया था। इसका निर्माण 1644 और 1658 के बीच किया गया था। यह हिंदू और मुगल स्थापत्य शैली का एक आकर्षक संयोजन है।
प्रवेश शुल्क
यहां प्रवेश निःशुल्क है।
आगरा का पंच महल (Panch Mahal)

पंच महल आगरा की एक पांच मजिला इमारत है, जो फतेहपुर सीकरी के पश्चिमी कोने पर स्थित है।मुगल बादशाह अकबर ने इसे अपनी रानियों के लिए बनवाया था। इसकी खासियत ये है कि यहां 176 खंभे हैं। ये खंभे इस तरह बनाए गए थे कि इनके बीच से आने वाली हवा बेहद ठंडी होकर आती है।
प्रवेश शुल्क
यहाँ प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं है।
स्वामी बाग समाध (Swami Bagh Samaadh)

- दयाल बाग क्षेत्र में स्थित स्वामी बाग समाध एक आध्यात्मिक स्थल है। मानव जाति की एकता को बढ़ावा देने वाला यह मंदिर अपने आप में अनूठा है। स्वामी बाग समाध मुख्य रूप से हुजूर स्वामीजी महाराज की भव्य समाधि है। वह राधास्वामी मत के संस्थापक हैं। यह विभिन्न धर्मों के लोगों के लिए एक आध्यात्मिक गंतव्य है जो सत्संग गतिविधियों और आध्यात्मिक वार्ता का हिस्सा बनने के लिए यहां आते हैं। मंदिर और बगीचों को देखकर आपको अलग ही शांति का एहसास होगा।
प्रवेश शुल्क
यहाँ प्रवेश निःशुल्क है। सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यह खुला रहता है।
राम बाग (Ram Bagh)

राम बाग ताजमहल से 8 किमी उत्तर में स्थित भारत के सबसे पुराने मुगल उद्यानों में से एक है। इसका निर्माण पहले मुगल शासक सम्राट बाबर ने करवाया था। काबुल में स्थानांतरित होने से पहले राम बाग बाबर के अवशेषों के लिए एक अस्थायी विश्राम स्थल था। पहले इसे आराम बाग नाम से जाना जाता था।
प्रवेश शुल्क
यहां प्रवेश शुल्क 10 रुपए प्रति व्यक्ति है और यह पार्क सुबह 6 बजे से शाम के 6 बजे तक खुला रहता है।
मनकामेश्वर (Mankaameshwar)

भगवान शिव को समर्पित यह आगरा का सबसे पुराना पवित्र स्थल है। यहां जो शिवलिंग हैं वो पूरी तरह से चाँदी से ढँके हुए हैं। यहां साल-भर भक्तों और पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। भगवान शिव के अलावा यहां हनुमान, कृष्ण और गंगा मैया का मंदिर भी है।
प्रवेश शुल्क
यहां प्रवेश निःशुल्क है। मंदिर दर्शन के लिए सुबह 5 से 12 और शाम को 4 से रात 10 बजे तक खुला रहता है।
मोती मस्जिद (Moti Mosque)

मोती मस्जिद आगरा के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले पर्यटक स्थलों में से एक है। इसका निर्माण शारजाह द्वारा 1648 में किया गया था। सफ़ेद संगमरमर पर खूबसूरत डिज़ाइन में बनी हुई यह मस्जिद मुग़ल शासन के दौरान बनी इमारतों की खूबसूरत वास्तुकला को दर्शाती है।
प्रवेश शुल्क
यहाँ कोई प्रवेश शुल्क नहीं है।
आगरा घूमने का सही समय – Best time to visit Agra
वैसे तो लोग पूरे साल आगरा घूमने जाते हैं, लेकिन अगर आपको हर पल का भरपूर आनंद लेना है, तो मौसम के मिजाज के हिसाब से ट्रिप प्लान करना चाहिए। नवंबर और मार्च के दौरान आगरा घूमने का सबसे अच्छा समय है। इस दौरान मौसम काफी आरामदायक होता है। ऐसे मौसम में आप आगरा की आउटिंग को पूरी तरह से एंजॉय कर सकते हैं।
आगरा कैसे पहुँचे?
हवाई जहाज से– आगरा का खेरिया हवाई अड्डा शहर के केंद्र से लगभग 12.5 किमी दूर स्थित है। आगरा हवाई मार्ग द्वारा वाराणसी, दिल्ली और खजुराहो से जुड़ा हुआ है। बाक़ी जगहों से आगरा पहुँचने के लिए आप दिल्ली तक फ्लाइट लेकर फिर वहाँ से आसानी से टैक्सी से आगरा पहुँच सकते हैं।
ट्रेन से – यह शहर भारत के सभी महत्वपूर्ण शहरों से रेल सेवाओं द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है आगरा में चार मुख्य रेलवे स्टेशन हैं – आगरा छावनी, राजा-की-मंडी, आगरा किला और ईदगाह आगरा जंक्शन। आगरा को दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से जोड़ने वाली कई सुपर फास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें हैं।
सड़क मार्ग से– आगरा उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों और आस-पास के क्षेत्रों से सड़क मार्ग से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहाँ पास के कई शहरों से आप सरकारी और प्राइवेट बसों के अलावा कार से भी जा सकते हैं।
आगरा में ठहरने के लिए टॉप स्टार होटल
आई टी सी मुग़ल स्पा एंड रिसोर्ट
ताजगंज, फतेहाबाद रोड, आगरा
द ओबरॉय अमर विलास
ताज ईस्टगेट रोड, पकटोला, ताजगंज
रेडिसन होटल
फतेहाबाद रोड, ताज नगरी
FAQ | आगरा में पर्यटन स्थलों के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले
आगरा में घूमने की कई जगह हैं और सभी को देखने में समय लगता है। इसलिए आप आगरा घूमने जाते हैं तो कम से कम 4 से 5 दिन का समय लेकर चलें।
यह आपके बजट पर निर्भर करता है। अगर आप साधारण बजट होटल में रहकर आगरा घूमते हैं तो आप 12 से 15 हज़ार में घूम सकते हैं। यहाँ बड़े से बड़े होटल हैं और अगर आप अच्छा होटल लेते हैं तो आपका बजट 30 से 40 हज़ार भी पहुँच सकता है।
आगरा देखने के लिए सबसे अच्छा समय नवंबर से मार्च तक है। इस समय ठंड होने की वजह से आप सभी स्पॉट अच्छे से देख सकते हैं।
आगरा देखने हर वर्ग के लोग आते हैं और उसी हिसाब से यहाँ एक तरफ़ जहां बहुत हाई-क्लास होटल हैं वहीं कम बजट के होटल भी उपलब्ध हैं। आप अपने बजट के हिसाब से होटल का चयन कर सकते हैं।
अगर आप पूर्णिमा के दौरान आगरा जाते हैं तो आप रात 8.30 बजे से 12.30 बजे तक ताजमहल की ख़ूबसूरती का आनंद ले सकते हैं।
आगरा में रात में करने के लिए बहुत कुछ नहीं है। कुछ बड़े होटेल्स में आप रात को नाईट लाइफ इंजॉय कर सकते हैं।
