Oral Care Tips: स्वस्थ दांत, मजबूत मसूड़े और एक अच्छी मुस्कान भला कौन नहीं चाहता। लेकिन यह तब तक अधूरी है, जब तक आपको यह नहीं मालूम होगा कि आपके दांत और मुंह के लिए कौन सी चीजें अच्छी हैं और कौन सी चीजें नुकसान पहुंचा रही हैं। प्राचीन समय से लेकर आधुनिक युग तक दांत और मुंह को साफ करने के लिए तरह-तरह की चीजों का निजात हुआ और आज भी हो रहे हैं। ओरल केयर के लिए आज घरेलू नुस्खे से लेकर कई ट्रेंडिंग विकल्प हैं। विभिन्न विकल्पों के बीच जानना और भी मुश्किल हो जाता है कि दांत और मुंह को साफ और स्वस्थ रखने के लिए कौन सी चीजें कारगर हैं और किन चीजों से नुकसान हो रहा है।
दांत और मुंह के स्वस्थ और साफ होने पर विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों का आनंद लिया जा सकता है और आप एक अच्छी स्माइल से सभी को आकर्षित कर सकते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार दांत और मुंह को स्वस्थ और साफ रखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इसका प्रभाव सेहत पर भी पड़ता है। मुंह की समस्याएं शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती है। मुंह में मौजूद हानिकारक कीटाणु कई बीमारियों का कारण भी बन सकता है। इसलिए शरीर के विभिन्न अंगों की तरह ही मुंह और दातों की देखभाल भी बहुत जरूरी है। आईए जानते हैं मुंह और दांतों को स्वस्थ रखने के लिए हमें किन चीजों को अपनाना चाहिए और किन चीजों को अवॉइड करना चाहिए।
बेकिंग सोडा और पेरोक्साइड
दांतों को साफ करने के लिए कई लोग बेकिंग सोडा और पेरोक्साइड का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन लंबे समय तक इसका इस्तेमाल दांतों को संवेदनशील बना सकता है। खासकर हाइड्रोजन पेरोक्साइड का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतनी की जरूरत है, क्योंकि यह मसूड़े में जलन पैदा करता है। वहीं बेकिंग सोडा कठोर होता है जोकि आपके दांतों के कठोर बाहरी हिस्से को खराब कर सकता है। हालांकि वर्षों से लोग अपने दांत को साफ और चमकदार बनाने के लिए बेकिंग सोडा और पेरोक्साइड के कोम्बो का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। अगर आप भी इसका इस्तेमाल करते हैं बेकिंग सोडा और पेरोक्साइड का सही मिश्रण तैयार कर संयम से इसका इस्तेमाल करें।
ग्रीन टी

आमतौर पर स्वस्थ वजन के लिए ग्रीन टी को बहुत ही अच्छा माना जाता है। इसलिए यह लोगों का एक पसंदीदा पेय भी है। लेकिन इसके साथ ही ग्रीन-टी के कई अच्छे कारण भी हैं। ग्रीन टी को लेकर हुए कई शोध में यह पाया गया कि संभावित स्वास्थ्य लाभ के साथ ही यह दांत और मसूड़ों की बीमारी से लड़ने और स्वस्थ रखने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है। दरअसल ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फ़्लेवोनोइड्स मसूड़ों की सूजन को कम करने में मदद करते हैं और मुंह में मौजूद कैविटी बढ़ाने वाले बैक्टीरिया को मारते हैं, जिससे सड़न नहीं होती।
नमक का पानी
दांत और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए नमक का पानी सबसे असरदार चीज है। नमक पानी का कुल्ला करने से मसूड़ों के दर्द से राहत मिलती है। आप नियमित रूप से इस नमकीन पानी प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए एक गिलास में हल्का गर्म पानी लेकर इसमें आधा चम्मच नमक मिलाएं। मुंह में लगभग 30 सेकंड तक नमक पानी के घोल को घुमाएं और फिर थूक दें। दांत और मसूड़े को स्वस्थ रखने के साथ ही नमकीन पानी के गरारे से ठंड की वजह से खराब हुए गले को भी आराम मिलता है।
इलेक्ट्रिक टूथब्रश

आजकल सामान्य ब्रथ के साथ ही इलेक्ट्रिक टूथब्रथ का चलन भी तेजी से बढ़ा जाता है। खासकर यह विकलांग और बुजुर्गों के लिए एक अच्छा डिवाइस है। हालांकि इलेक्ट्रिक ब्रथ के बाद भी कई लोग सामान्य टूथब्रथ का इस्तेमाल करते हैं और यह भी उतना ही कारगर है। दांतों की सफाई के लिए दोनों ही तरह के डिवाइस आपके मुंह की ज़रूरतों को पूरा कर सकते हैं। इसके साथ ही दांतों के बीच फंसे खाने के टुकड़ों को साफ करने के लिए पानी के जेट का इस्तेमाल करने वाले गैजेट भी अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
हल्दी और चारकोल
चारकोल या हल्दी से दांत साफ करने पर दांत सफेद होते हैं इसका कोई सबूत तो नहीं है। लेकिन चारकोल का इस्तेमाल आपके दांतों को खुरचकर नुकसान पहुंचा सकता है। बात करें हल्दी की तो इससे सांस संबंधी समस्याएं, मसूड़ों के दर्द आदि से कुछ हदतक राहत पाया जा सकता है। लेकिन हल्दी आपके दांतों को सफेद करती है, इसका भी कोई सबूत नहीं है। लेकिन इसके एंटी-इंफ़्लेमेटरी गुण मसूड़ों की सूजन को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
पोषक तत्व है जरूरी
जिस तरह शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पोषक से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन जरूरी है। उसी तरह दांत और मसूड़े के लिए भी ऐसे पोषक तत्वों का सेवन करें जिसमें कैल्शियम और फॉस्फोरस मौजूद हों। आप दूध, दही, पनीर, पत्तेदार सब्जियां या साग, अंडा, मछली, खट्टे फल, ब्रोकली, पालक, टमाटर आदि के सेवन से कैल्शियम और फॉस्फोरस प्राप्त कर सकते हैं।
दांत और मसूड़े को स्वस्थ रखने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

नियमित ब्रश करें, मीठा कम से कम खाएं, नियमित रूप से कुल्ला करें, दांत के साथ ही जीभ की भी सफाई करें। दांत या मसूड़े से जुड़ी समस्या नजर आने पर तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करें।
