सही जानकारी के अभाव में हम अपने दांतों का सही ख्याल नहीं रख पाते है, अगर आप भी एक खूबसूरत सी मुस्कराहट और चमकते दांत चाहते है तो इन कुछ बातो का ख़ास खयाल रखें-

1-खाना खाते ही ब्रश न करें 

खाना खाने के 30-40 मिनट के बाद हमें ब्रश करना चाहिए ताकि हमारे मुंह में भोजन से उत्पन्न जो सलाइवा होता है उसका पीएच बैलेंस स्वाभाविक तौर पर कम हो सके। अगर हम खाना खाते ही ब्रश करते हैं, तो उससे हमारे दांतों में सनसनाहट, दांतो का कमजोर होना, इनेमल कम होना जैसी परेशानियां हो सकती हैं। 

2-हार्ड ब्रसेल्स वाला ब्रश इस्तेमाल न करें-

हमेशा मुलायम ब्रसेल्स वाला ब्रश इस्तेमाल करे कड़क ब्रसेल्स वाले ब्रश से आपके मसूड़े और दांतों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।  

3 फ़ास्ट फ़ूड से बचें –

खाने में ना तो ज्यादा अंतराल होना चाहिए और न ही बार -बार खाना चाहिए। ऐसा करने से दांतों में प्लाक जमा हो जाता है। ज्यादा नमक या ज्यादा चीनी वाला खाना खाने से भी दांतो को नुकसान होता है, इससे दांतों में केविटीज हो सकती हैं। इसीलिए कच्चा सलाद और फल खाएं ताकि प्लाक अपने आप ही निकल जाये। 

4-दांतों को बॉटल ओपनर की तरह प्रयोग न करें- 

कभी भी चिप्स का पैकेट, बोतल का ढक्कन या किसी अन्य वास्तु को दांतों से खोलने का प्रयास न करें। यह आपके दांतों के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। 

5- डार्क और सॉफ्ट ड्रिंक्स न पिएं – 

एल्कोहलिक ड्रिंक्स ही नहींं बल्कि सॉफ्ट ड्रिंक्स भी दांतों को काफी नुकसान पहुंचा सकती है। रम, कोक सबसे ज्यादा नुक्सान पहुचने वाले पेय पदार्थ हैं क्योंकि इनमें सबसे कम पीएच लेवल होता है, जिससे ये सबसे ज्यादा एसिडिक होते हैं और दातों के लिए ठीक नहीं होते। आपको यह जानकार ख़ुशी होगी कि शैम्पेन में पी एच लेवल ज्यादा होता है जो दांतों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचता है। अगर आप कोई भी सॉफ्ट ड्रिंक, फ्रूट जूस, फ़िज़्ज़ी ड्रिंक्स पी रहे है तो स्ट्रॉ के माध्यम से पीएं ताकि उसके अंदर जो शुगर है वह आपके दांतों पर सीधे असर नहीं करेगी। सॉफ्ट या हार्ड ड्रिंक्स पीने के बाद शुगर फ्री चुइंगम खाएं ताकि मुंह में एसिड की मात्रा बैलेंस हो सके और दांतों को ज्यादा नुकसान न पहुंचे। 

6-ब्रश के बाद फ्लॉस करें- 

ज्यादातर लोग ब्रश के बाद फ्लॉस नहीं करते। फ्लॉस ब्रश से पहले एक प्री-वाश की तरह होता है, जो दांतों को एक ताज़गी भरा एहसास देगा। फ्लॉस कभी भी आगे -पीछे या दाएं बाएं की ओर न करें। फ्लॉस दाँतों के बीच में से निकाले फिर ऊपर से नीचे की ओर रगड़ें ताकि दांत अच्छे से साफ़ हो सकें। फ्लोसिंग दैंनिक रूप से किया जाना बहुत जरूरी है।