हर दीवाली पर आपको टिप्स मिलने शुरू हो जाते हैं कि किस प्रकार सुरक्षा का ध्यान रखें। यह टिप्स आपको इस त्योहार पर दुर्घटनाओं और चोटों से बचाएंगे। कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. अनूप धीर ने यहां कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जो आपको पटाखों से आपकी सुरक्षा करने में मदद करेंगी।
क्या नहीं करें :-
- घर के अंदर पटाखों का इस्तेमाल ना करें।
- किसी खराब पटाखे को दुबारा जलाने की कोशिश ना करें, कुछ समय इंतजार के बाद उस पर पानी डाल दें।
- अपनी पॉकेट में पटाखों को कभी ना रखें। बिना जलाए भी यह फट सकते हैं।
- पटाखों को कांच या मेटल के बर्तन में रख कर ना जलाएं।
क्या करें :-
- पटाखों पर लिखे अनुदेशों को अवश्य पढ़ें।
- पटाखों को हमेशा ज्वलनशील चीजों जैसे पेड़, सूखी घास से दूर रखकर जलायें।
- पटाखों को एक बाल्टी में मिट्टी में दबाकर लोगों और ज्वलनशील चीजों से दूर रखें।
- पटाखे जलाते वक्त बहुत सारे पानी को अपने नजदीक रखें। पटाखों को हमेशा अपने से दूर रखकर जलाएं और अपने चेहरे को बचाकर रखें।
- पटाखों में से निकलने वाली चिंगारियों को पानी से बुझा दें और बच्चों से दूर ठंडा होने रख दें। चिंगारियां बहुत आसानी से बच्चों की त्वचा, कपड़ों और दहनशील चीजों को जला सकती हैं।
- फर्स्ट एड की जानकारी रखें ताकि किसी दुर्घटना के समय आप जल्दी इलाज कर सकें।
जलने पर फर्स्ट एड :-
- जिस व्यक्ति को चोट लगी है उसे सबसे पहले हीट से दूर करें। जले हिस्से से कपड़े को हटा दें। अगर जला हिस्सा कम है तो बैंडेज लगा दें।
- उसके ऊपर ठंडा पानी डालें और अगर पानी ना हो तो ठंडी ड्रिंक भी डाल सकते हैं।
- चोट पर बटर, ग्रीस या पाउडर ना लगाएं, इससे इन्फेक्शन हो सकता है।
कब डॉक्टर की जरूरत हो सकती है :-
- अगर जला हिस्सा शरीर पर 10 प्रतिशत से अधिक हो, तो तुरन्त डॉक्टर के पास जाएं। अगर चोट किसी छोटे बच्चे के शरीर पर है तो उसे गीला ना करें, इससे उसके शरीर का तापमान गिर सकता है, उसकी चोट पर साफ ठंडा कपड़ा रखें।
- आग, बिजली या रासायनिक उत्पाद से जलने पर, चेहरे, हाथों, जोड़ों और अंगों के जलने पर या जले हुए हिस्से में इन्फेक्शन लगने लगे।
