Woman Suffers Allergy To Water: पूरी दुनिया में बहुत से लोग ऐसे होंगे, जिन्हें किसी न किसी चीज से एलर्जी जरूर होती है। पानी के बिना धरती पर जीवन संभव नहीं है। हर किसी को जिंदा रहने के लिए पानी की जरूरत होती है, लेकिन आप ये जानकर हैरान रहे जाएंगे कि एक महिला का पानी दुश्मन बन गया है। यह मामला ब्रिटेन का है, जहां एक महिला को पानी से एलर्जी हो गई है। इस महिला का नाम केंडल ब्राइस है। इस महिला की उम्र सिर्फ 25 साल है। ब्रिटिश महिला पानी की एक दुर्लभ एलर्जी ‘एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया’ से पीड़ित है। इस वजह से महिला का जीवन कठिनाइयों से भर गया है। उस चीज का ख्याल आने पर भी महिला कांप उठती हैं। क्योंकि, गलती से भी उसके संपर्क में आने पर महिला के शरीर में लाल दाने उभर आते हैं, और असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है।
पानी छूते ही जल जाता है महिला का शरीर
दरअसल, 25 वर्षीय केंडल ‘एक्वाजेनिक आर्टिकेरिया’ नामक रेयर मेडिकल कंडीशन से जूझ रही हैं। यह त्वचा संबंधित एक लाइलाज बीमारी है, जिसमें मरीज को सबसे जरूरी तत्व यानी पानी से एलर्जी होती है। केंडल का कहना है कि पानी के संपर्क में आते ही उनके शरीर पर लाल चकत्ते निकलने लगते हैं। वहीं, नहाने पर ऐसा महसूस होता है, जैसे किसी ने उनके शरीर पर जलता लाइटर फेंक दिया हो।
इतना ही नहीं, नमी भरे मौसम में खुद के पसीने से भी परेशानी होती है। केंडल प्रेग्नेंट हैं और अपने पहले बच्चे को भी संभाल रही हैं। इस बीमारी की वजह से उनकी लाइफ काफी ज्यादा खराब हो गई है। उन्होंने कहा वह हफ्ते में सिर्फ दो बार नहाती हैं, क्योंकि इस दौरान काफी असहनीय पीड़ा होती है। नहाने के दो घंटे तक वह दर्द में रहती हैं और रोती रहती हैं। महिला के लिए नहाना भी कठिन है।
पानी देखते ही कांपने लगती है महिला

केंडल के मुताबिक, जब वह शावर लेती हैं या अचानक बारिश में भीग जाती है, तो उनके शरीर पर जलन और सूजन हो जाती है। इससे वह आग से जलने जैसी महसूस करती हैं। इस दुर्लभ एलर्जी की वजह से उन्हें शारीरिक दर्द के साथ ही मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ता है। वह ठीक से शरीर की सफाई नहीं कर पाती हैं। इस बीमारी के शुरुआत में वह सिर्फ त्वचा पर तीखे दर्द जैसे कांटे चुभने का अहसास करती थीं, लेकिन अब यह दर्द बढ़ चुका है। उन्हें लगता है कि किसी ने उनके शरीर पर लाइटर जला दिया है। वह अपने एक साल की बच्ची नहीं नहला पाती हैं। इसमें उनकी मां सहायता करती हैं। अभी तक वैज्ञानिक यह नहीं पता लगा पाए हैं कि इस बीमारी का असली वजह क्या है। इस दुर्लभ एलर्जी का कोई स्थायी इलाज नहीं है।
क्या होती है वाटर एलर्जी?
बता दें, एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया को वाटर एलर्जी भी कहा जाता है। यह एक प्रकार की अर्टिकेरिया है। इस बीमारी के कारण पानी के संपर्क आते ही पीड़ित व्यक्ति के शरीर पर दर्दनाक चकत्ते हो जाते हैं। इससे त्वचा का रंग लाल हो जाता है। ज्यादातार मामलों में यह बीमारी किशोरावस्था के बाद होती है। अभी तक 1964 से लेकर सिर्फ 37 मामलें सामने आए हैं।
