Advocate Anjali Awasthi: एक्वोकेट अंजलि अवस्थी के एपिसोड की शुरुआत गिन्नी और अभय की बातचीत से होती है, जहां गिन्नी अभय को याद दिलाती है कि वह जो करने जा रहा है, वह सही नहीं है। वह उसे चेतावनी देती है कि अंजलि अमन की दोस्त है और उसे अपमानित करने से बचना चाहिए। अभय मानता है कि वह यह सब जानता है, लेकिन गिन्नी उसे उसकी कही हुई बात याद दिलाती है कि उसने खुद उसे अपनी पत्नी माना था। गिन्नी आगे कहती है कि काव्या और अमन ने अभी शादी नहीं की है, वे बस यह दिखावा कर रहे हैं ताकि अंजलि से छुटकारा पाया जा सके। वह समझाती है कि भले ही वे अंजलि के खिलाफ जीतने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन अवस्ती के खिलाफ जीत पाना आसान नहीं होगा।
अभय यह सुनकर ठान लेता है कि वह अंजलि को इस घर में प्रवेश करने से रोकेगा और उसके लिए सभी दरवाजे बंद कर देगा, क्योंकि अब जो कुछ भी होगा, वह उसी के जरिए होगा। इतना कहकर अभय वहां से चला जाता है। दूसरी तरफ, गिन्नी यह सोचकर दुखी हो जाती है कि उसने इस परिवार के लिए कितना कुछ किया, लेकिन राजपूत परिवार ने हमेशा उसका शोषण ही किया और उस पर तंज कसे। इसी बीच, अमन अंजलि से कहता है कि उनकी नई यात्रा अब इस घर से शुरू होगी। वह पूरी श्रद्धा से आरती करता है और अंजलि का स्वागत करता है, जिससे कहानी में एक नया मोड़ आ जाता है।
अंजलि को मिलता है सरप्राइस
अंजलि एक कमरे में आती है, और अचानक गुब्बारे गिरने लगते हैं, जिससे माहौल रोमांटिक हो जाता है। इसी बीच, अमन घुटनों के बल बैठकर अंजलि से पूछता है कि क्या वह उसकी वैलेंटाइन बनेगी। अंजलि खुशी-खुशी सहमति दे देती है। अमन प्यार से उसके गले में मंगलसूत्र डालता है और फिर उसकी मांग में सिंदूर भरने के लिए आगे बढ़ता है, लेकिन तभी स्टेपनी बीच में आकर उन्हें रोक देती है। स्टेपनी अंजलि को बताती है कि कुछ लोग उससे मिलने आए हैं और उसकी तलाश कर रहे हैं। अंजलि अमन को भरोसा दिलाती है कि वह बस एक मिनट में लौट आएगी और तुरंत बाहर चली जाती है। बाहर आते ही वह देखती है कि उसके वेश में प्रकाश मोहल्ले में घूम रहा है।
इसी दौरान कुछ गुंडे अचानक अंजलि पर हमला कर देते हैं, लेकिन अंजलि बहादुरी से अपना बचाव करती है और उन गुंडों की जमकर पिटाई कर देती है। वह गुस्से में उन गुंडों से पूछती है कि उन्हें किसने भेजा है। जवाब में गुंडे बताते हैं कि उन्हें चंद्रमण, युवराज और पद्मा ने भेजा है। इससे पहले कि अंजलि और कुछ सवाल कर पाती, गुंडे एक चाल चलते हैं और उसका ध्यान भटकाकर वहां से भाग जाते हैं। अंजलि यह सब देखकर चौंक जाती है और समझ जाती है कि उसके खिलाफ कोई बड़ी साजिश रची जा रही है। अब देखना यह है कि वह इस चुनौती का सामना कैसे करेगी और सच तक कैसे पहुंचेगी।
अंजलि खुद को बचाने के लिए बहादुरी से लड़ती है
अंजलि खुद को बचाने के लिए बहादुरी से लड़ती है और गुंडों की जमकर पिटाई करती है। फिर वह गुस्से में उनसे पूछती है कि उन्हें किसने भेजा है। गुंडे जवाब देते हैं कि उन्हें चंद्रमण, युवराज और पद्मा ने भेजा है। इससे पहले कि अंजलि और कोई सवाल कर सके, गुंडे चालाकी से उसका ध्यान भटकाते हैं और वहां से भाग जाते हैं। इसके बाद अंजलि तुरंत अमन के पास लौटती है। अमन चिंतित होकर उससे पूछता है कि आखिर क्या हुआ। अंजलि बताती है कि कुछ गुंडों ने उस पर हमला करने और उसे मारने की कोशिश की। अमन यह सुनकर चौंक जाता है और पूछता है कि वे गुंडे कौन थे और उन्हें किसने भेजा था।
अंजलि बिना झिझक कहती है कि इसके पीछे चंद्रमण, युवराज और पद्मा का हाथ है। अमन को यह सुनकर गहरा झटका लगता है और वह कहता है कि उसे विश्वास नहीं हो रहा कि पद्मा भी इस साजिश में शामिल हो सकती है। वह ठान लेता है कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगा और सच सामने लाएगा। इस बीच, दूसरी तरफ, प्रकाश अपना भेस उतारता है और मन ही मन सोचता है कि अंजलि इस वक्त चंद्रमण के खिलाफ लड़ने में व्यस्त है, और इसी दौरान उसका भेजा हुआ शूटर अंजलि को मार डालेगा। यह साजिश एक बड़े खतरे की ओर इशारा करती है, जिससे कहानी में जबरदस्त रोमांच बढ़ जाता है।
