Summary: गुलकी जोशी ने ‘श्रीष्टी’ बनकर साझा की दिल की बात
गुलकी जोशी ने बताया कि यह किरदार उन्हें बेहद वास्तविक और भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ लगा, जिसने उन्हें एक कलाकार और इंसान दोनों रूप में छुआ।
उन्होंने कहा कि कहानी, टीम और सकारात्मक माहौल ने इस प्रोजेक्ट को उनके लिए और भी खास बना दिया।
Hui Gumm Yaadein: सोनी सब अपने नए मेडिकल ड्रामा हुई गुम यादें – एक डॉक्टर, दो ज़िंदगियाँ के साथ दर्शकों के सामने एक भावनात्मक और दिलचस्प कहानी लेकर आ रहा है। इस शो में गुलकी जोशी की एंट्री एक मज़बूत, समझदार और गहराई से महसूस करने वाली महिला के रूप में होने जा रही है, जो कहानी में अहम मोड़ लाएगी। उनकी मौजूदगी न सिर्फ़ किरदार को भावनात्मक गहराई देगी, बल्कि डॉक्टर देव की टूटी यादों और बिखरी ज़िंदगी को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी भी बनेगी।
यह शो विश्वभर में सराहे गए इटालियन सीरीज़ DOC का भारतीय रूपांतरण है, जिसे कई देशों में सफलतापूर्वक अपनाया गया है। “दूसरे मौक़े” की थीम पर आधारित यह कहानी एक प्रतिभाशाली डॉक्टर देव (इक़बाल ख़ान) की असाधारण यात्रा को दर्शाती है, जो एक हादसे में आठ साल की याददाश्त खोने के बाद अपनी दुनिया को फिर से जोड़ने की कोशिश करता है।

दर्द से तपकर और भी मज़बूत हुई एक स्त्री की कहानी
प्रसिद्ध अभिनेत्री गुलकी जोशी इस शो में अहम किरदार निभाने जा रही हैं। वह श्रीष्टी का रोल करेंगी, जो डॉक्टर देव मेहता की पूर्व पत्नी है। गुलकी एक मज़बूत, बुद्धिमान और भावनात्मक रूप से गहरी महिला का किरदार निभाएँगी, जो अपने पेशेवर और निजी जीवन को शांत दृढ़ता के साथ संतुलित करती है। एक समय डॉक्टर रही श्रीष्टी ने अपने बच्चों की परवरिश के लिए प्रैक्टिस छोड़ दी थी और बाद में उस अस्पताल की प्रशासनिक ज़िम्मेदारियाँ संभालीं जहाँ देव काम करता था। उसका मानना है कि उनके विवाह का टूटना देव के व्यक्तित्व में आए बदलाव और उनके छह वर्षीय बेटे ध्रुव की दुखद मृत्यु के कारण हुआ, जिसने उनके रिश्ते को अपूरणीय बना दिया। लेकिन किस्मत करवट लेती है जब देव अपनी याददाश्त खो देता है। श्रीष्टी अचानक देव के उस रूप से रूबरू होती है जिसे उसने वर्षों से नहीं देखा था एक संवेदनशील, समर्पित इंसान जो फिर से उससे गहराई से प्यार करता है।
गुलकी जोशी ने अपने किरदार पर कही दिल की बात
गुलकी जोशी ने अपने किरदार को लेकर कहा “मैं सचमुच बहुत उत्साहित हूँ कि यादें का हिस्सा बनी हूँ। जब मैंने कहानी सुनी, तो तुरंत महसूस हुआ कि यह वही शो है जिससे मैं जुड़ना चाहती हूँ। यह कहानी ज़्यादा नाटकीय नहीं लगी, बल्कि बेहद वास्तविक लगी। भावनाएँ, रिश्ते—सब कुछ ईमानदार और जुड़ाव भरा लगा। मेरे लिए किसी शो को हाँ कहना सिर्फ़ किरदार के बारे में नहीं होता, बल्कि उस पूरे अनुभव के बारे में होता है—कहानी, लोग, और यह देखना कि स्क्रिप्ट आपको एक अभिनेता और इंसान के तौर पर छूती है या नहीं। इस प्रोजेक्ट ने मुझे वही सुकून और उत्साह दिया है। सेट पर ऊर्जा पहले से ही सकारात्मक और केंद्रित है, और यह बहुत मायने रखता है। जब हर कोई उस कहानी पर विश्वास करता है जिसे वे बता रहे हैं, तो पूरा सफ़र और भी ख़ास हो जाता है।”

