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दलजीत ने आईएएनएस को बताया, ‘मैं तीन दिन से ज्यादा अपने बेटे से अलग कभी नहीं रही हूं। मुझे नहीं पता कि मैं दो हफ्ते उसके बिना कैसे रही। मेरे लिए अपने भावनाओं पर काबू पाना बेहद मुश्किल था। कभी-कभी जेडॉन को याद करने के दौरान मेरे सीने में दर्द शुरू हो जाता था। कोई नहीं जानता कि यह मेरे लिए कितना मुश्किल था, लेकिन इसने मुझे अब और भी ज्यादा मजबूत बना दिया है।’
इसके साथ ही इसी बातचीत में दलजीत ने कहा, ‘मैं बहुत निराश हूं। मुझे लगा था कि मैं घर में कुछ और दिन रह जाऊंगी, लेकिन नहीं पता कि क्या गलत हो गया। शायद ‘फेक लव और दोस्ती’ जैसी चीजों के लिए मैं उपयुक्त नहीं हूं। हम सभी अपनी वास्तविक छवि को दिखाने के लिए यहां आए हैं, लेकिन अधिकतर लोग नकली संबंध बनाने में जुट गए और मैं उनमें से नहीं थी। यह सीजन काफी हद तक स्प्लिट्सविला जैसा बन गया है।’