Summary: गुड़ी, रंगोली और खुशियों का त्योहार: अक्षया, श्रेनु, ऋषि, दीक्षा और रजत ने शेयर की गुड़ी पड़वा की खास यादें
सोनी सब के कलाकार अक्षया हिंदालकर, श्रेनु पारिख, ऋषि सक्सेना, दीक्षा जोशी और रजत वर्मा ने बताया कि गुड़ी पड़वा उनके लिए नई शुरुआत, परंपराओं और खुशियों का खास प्रतीक है।
Celebs Gudi Padwa Celebration: गुड़ी पड़वा खुशियों, परंपरा और नई शुरुआत का त्योहार है। घर के बाहर गुड़ी फहराने, स्वादिष्ट पकवान बनाने और परिवार के साथ मिलकर जश्न मनाने से यह दिन खास बन जाता है। घर सजाना, मिल-बैठकर खाना साझा करना और उम्मीद व आभार के साथ नए साल का स्वागत करना ही इस पर्व की असली रौनक है। इस गुड़ी पड़वा पर सोनी सब के कलाकार अक्षया हिंदालकर, श्रेणु पारिख, ऋषि सक्सेना, दीक्षा जोशी और रजत वर्मा ने साझा किया कि यह त्योहार उनके लिए किस तरह खास है और कौन-सी यादें या परंपराएँ इसे और भी अर्थपूर्ण बनाती हैं।
नई शुरुआत, नया परिवार और गुड़ी पड़वा की खास खुशियाँ
पुष्पा इम्पॉसिबल में राशी पटेल का किरदार निभा रही अक्षया हिंदालकर कहती हैं: “यह गुड़ी पड़वा मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि यह मेरी शादी के बाद का पहला त्योहार है। बचपन से ही यह पर्व मेरे लिए नई शुरुआत, सकारात्मकता और जीवन के नए अध्याय का स्वागत करने की खुशी का प्रतीक रहा है। इस साल यह भाव और भी गहरा हो गया है क्योंकि मैं इसे अपने नए परिवार के साथ मना रही हूँ और नई परंपराओं, प्यार और अपनापन को अपना रही हूँ। सुबह जल्दी उठना, घर सजाने में मदद करना, मिलकर त्योहार के पकवान बनाना और पूरे विश्वास और खुशी के साथ गुड़ी फहरते देखना—इन सबमें एक अलग ही अपनापन और गर्मजोशी महसूस होती है। मैं नई यादें बनाने और उन परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हूँ जो इस त्योहार को इतना मायनेदार बनाती हैं। मैं सभी को गुड़ी पड़वा की ढेर सारी शुभकामनाएँ और समृद्धि की कामना करती हूँ।”
गुजराती परंपराओं से लेकर महाराष्ट्रीयन रीति-रिवाजों तक

गणेश कार्तिकेय में देवी पार्वती का किरदार निभा रही श्रेनु पारिख कहती हैं “पिछले कुछ सालों में गुड़ी पड़वा मेरे लिए बहुत खास बन गया है। मैं गुजराती हूँ, तो बचपन में अपनी परंपराएँ मनाती थी। लेकिन शादी के बाद महाराष्ट्रीयन परिवार में आकर मैंने इस त्योहार को नज़दीक से महसूस किया। यह एक खूबसूरत सांस्कृतिक अनुभव रहा है और मुझे लगता है कि त्योहारों की असली खूबसूरती यही है कि वे अलग-अलग परंपराओं को जोड़ते हैं। सभी को गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएँ। नया साल आपके जीवन में सकारात्मकता, अच्छी सेहत और ढेर सारी खुशियाँ लेकर आए।”
दोस्तों के साथ मनाते-मनाते गुड़ी पड़वा से हो गया खास जुड़ाव
इत्ती सी खुशी में संजय भोसले का किरदार निभा रहे ऋषि सक्सेना साझा करते हैं “गुड़ी पड़वा हमेशा से मेरे लिए एक ऐसा त्योहार रहा है जो नई शुरुआत और सकारात्मकता का खूबसूरत एहसास कराता है। सालों से मराठी इंडस्ट्री में काम करते हुए मुझे इस पर्व की गर्मजोशी और रंगीन अंदाज़ को करीब से देखने का मौका मिला है। मेरे कई सबसे करीबी दोस्त महाराष्ट्रीयन हैं और उनके ज़रिए मैंने गुड़ी पड़वा से जुड़ी परंपराओं और भावनाओं को सच में समझा और अपनाया है।सजे-धजे घरों के बाहर खूबसूरत गुड़ी देखना, त्योहार के पकवानों का स्वाद लेना और चारों तरफ़ फैली उत्सव की रौनक महसूस करना—यह सब देखना हमेशा दिल को छू जाता है। परिवारों को इतने विश्वास और खुशी के साथ मराठी नववर्ष का स्वागत करते देखना वाकई शानदार होता है। दोस्तों को इस पर्व को गर्व और अपनापन के साथ मनाते देख, मुझे भी इससे एक खास जुड़ाव महसूस हुआ है।गुड़ी पड़वा मना रहे सभी लोगों को मेरी ढेर सारी शुभकामनाएँ। यह त्योहार आपके जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और नई उमंग लेकर आए।”
रंगोलियों, गुड़ी और उत्सव की गर्मजोशी ने दिल जीत लिया
पुष्पा इम्पॉसिबल में दीप्ति का किरदार निभा रही दीक्षा जोशी साझा करती हैं “भले ही मैं दिल से गुजराती हूँ, लेकिन मुंबई में रहने से मुझे यहाँ की खूबसूरत परंपराओं को समझने और उनसे गहराई से जुड़ने का मौका मिला है। मुझे बहुत अच्छा लगता है जब शहर रंग-बिरंगी रंगोलियों से सज उठता है, घरों के बाहर खूबसूरती से सजी गुड़ी दिखाई देती है और परिवार मिलकर नए साल का स्वागत खुशी और उम्मीद के साथ करते हैं। पुणे में फिल्म की शूटिंग के दौरान भी मैंने गुड़ी पड़वा को जिस गर्मजोशी और सच्चाई के साथ मनाते देखा, वह मेरे दिल में बस गया। सभी को गुड़ी पड़वा की ढेर सारी शुभकामनाएँ। यह नया साल आपके जीवन में सकारात्मकता, अच्छा स्वास्थ्य और अपनों के साथ कई खूबसूरत पल लेकर आए।”
सकारात्मकता लेकर आता है यह दिन
इत्ती सी खुशी में विराट का किरदार निभा रहे रजत वर्मा कहते हैं: “मुंबई में रहते हुए आप सच में इस त्योहार को चारों तरफ़ महसूस कर सकते हैं। सुबह से ही मोहल्ले में एक अलग ही रौनक होती है—घर के बाहर रंग-बिरंगी गुड़ी दिखाई देती है, दरवाज़ों पर रंगोलियाँ सजती हैं और पूरे माहौल में त्योहार की चहल-पहल रहती है। समय के साथ मैंने इन छोटी-छोटी बातों को और भी गहराई से सराहा है और महसूस किया है कि यह दिन कितनी सकारात्मकता लेकर आता है। यह कई मायनों में एक नई शुरुआत जैसा लगता है। मैं सभी को गुड़ी पड़वा की ढेर सारी शुभकामनाएँ देना चाहता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि यह नया साल आपके जीवन में ढेर सारी खुशियाँ और अच्छी ऊर्जा लेकर आए।”

