आज हर महिलाएं चेहरे के अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के लिए ब्लीच का इस्तेमाल करती हैं, पर कई बार जरा सी अनदेखी चेहरे की खूबसूरती को बढ़ाने के बजाय बदसूरत बना देती है, क्योंकि अधिकतर महिलाओं को ब्लीच का सही इस्तेमाल करना नहीं आता है। इसलिए जरूरी है कि ब्लीच करने से पहले कुछ बातों का खास ध्यान रखें।

स्टेप नं. 1
पहले टेस्ट करें हर किसी की त्वचा व बालों का रंग अलग होता है, इसलिए ब्लीच करने से पहले इसे टेस्ट जरूर कर लें। टेस्टिंग के लिए पेस्ट को कोहनी या हथेली के उल्टे तरफ लगाएं।
स्टेप नं. 2
कैसे बनाएं पेस्ट :-
बनाते समय ब्लीच में पाउडर की मात्रा ज्यादा ना रखें, क्योंकि इससे जलन की समस्या पैदा होती है। इस बात का ध्यान दखें कि ब्लीच क्रीम में चुटकी भर पाउडर एक्टीवेटर का प्रयोग करें। पाउडर और क्रीम ब्लीच को अच्छे से मिलाएं।
स्टेप नं. 3
कैसे लगाएं ब्लीच :-
ब्लीच करने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लें। फिर पेस्ट को चेहरे पर उपर से नीचे की तरफ लगाएं। इस बात का खास ध्यान रखें कि ब्लीच लगाते समय आंख और आईब्रो के आसपास ना लगाएं। इस पेस्ट को चेहरे पर पैकेट में दिये गए समयानुसार 20 से 25 मिनट तक लगाएं। जब क्रीम अच्छी तरह सूख जाए तो गीले काॅटन से साफ कर लें, पोंछने के बाद कोल्ड क्रीम जरूर लगाएं।
स्टेप नं. 4
ब्लीच के फायदे :-
ब्लीच के फायदे की अगर बात करें तो ब्लीच करने से चेहरे परजो बाल होते हैं वह त्वचा के रंग से मिल कर दिखाई नही पड़ते और चेहरे पर निखार आता है।साथ ही ब्लीचिंग का असर चेहरे पर 15 से 20 दिनों तक रहता है। ब्लीच एक दर्दरहित प्रक्रिया है, जिससे बिना किसी झंझट व दर्द के चेहरे का आकर्षण बढ़ता है। संवले रंग की महिलाओं के लिए ब्लीच सबसे अच्छा तरीका है, जिससे उनकी त्वचा में एक अलग ही चमक आती है। 
स्किन के अनुसार ब्लीच का प्रयोग :-
संवेदनशील स्किन पर हमेशा मिल्क ब्लीच यूज करना चाहिए । यह दूध के पाउडर से बनी होती है। इसलिए यह त्वचा को कोई हानि नहीं पहुंचाती है। इसे अमोनिया के साथ मिक्स करके संवेदनशील त्चचा पर यूज करें।
सोप क्लेक्स ब्लीच
तैलीय त्चचा के साथ अक्सर यह पेरशानी होती है कि इस त्चचा पर एक्ने, मुंहासे, मोटे-मोटे दाने ज्यादातर निकल आते हैं। इसलिए तैलीय त्चचा पर ‘सोप फ्लेक्स ब्लीच’ का प्रयोग करना चाहिए, क्योंकि यह एंटीसैप्टिक होती है और इसे साबुन की तरह त्वचा पर रगड़ कर प्रयोग करना चाहिए।
एलोवेरा ब्लीच
इस ब्लीच का प्रयोग मैच्योर स्किन वालों को करना चाहिए, क्योंकि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है स्किन ढीली होती जाती है, इसलिए स्किन पर ज्यादा अमोनिया वाली ब्लीच प्रयोग ना करें, वरना स्किन ड्राई हो जाती है। और रिंकल्स जल्द ही दिखाई पड़ने लगते हैं। एलोवेरा ब्लीच एंजिग ब्लीच होती है, जो त्वचा को नमी प्रदान करती है।
आॅयल बेस ब्लीच
इस ब्लीच का प्रयोग रूखी त्वचा पर करना चाहिए, क्योंकि यह ब्लीच अमोनिया क्रिस्टल फाॅम में आती है जो त्वचा पर नमी बरकरार रखती है। इससे त्वचा रूखी नहीं होती है। डेट सी मिनरल एक ऐसा उत्पाद है जिसके अंदर आॅयल बेस ब्लीच काप्रयोग होता है। जो सिर्फ रूखी त्वचा के लिए ही बना होता है।
