Summary:17 साल की तेजस्वी मनोज बनीं TIME की ‘किड ऑफ द ईयर 2025’
टेक्सास में रहने वाली तेजस्वी मनोज ने साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान से बुजुर्गों को ऑनलाइन स्कैम से बचाने की अनोखी पहल की है।
Who is Tejasvi Manoj: अमेरिका के टेक्सास शहर में रहने वाली 17 वर्षीय भारतीय अमेरिकी तेजस्वी मनोज को TIME मैगजीन ने ‘किड ऑफ द ईयर 2025’ चुना है। तेजस्वी मनोज का जन्म कैलिफोर्निया में हुआ है और वे 8 साल की उम्र से डलास में पली-बढ़ी हैं। तेजस्वी एक ऐसे घर में आती हैं जहाँ माता और पिता दोनों ही सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। तेजस्वी 17 साल की उम्र में ही बुजुर्गों को ऑनलाइन स्कैम की पहचान करने, उनके रिपोर्ट करने और ऑनलाइन खुद को बचाने में मदद करने के लिए काम कर रही हैं। इसके लिए तेजस्वी ने ‘शील्ड सीनियर्स’ नाम का एक इनोवेशन किया है और इसी के लिए उन्हें इस प्रतिष्ठित उपाधि से सम्मानित किया गया है।
TIME मैगज़ीन का कहना है कि, “आज के समय में बुजुर्ग अमेरिकियों को ऑनलाइन सुरक्षा की बहुत आवश्यकता है और तेजस्वी इसे देने के लिए दृढ़ हैं” । उसके इसी काम ने उन्हें 2025 के लिए TIME के किड ऑफ द ईयर के रूप में पहचान दिलाई है।
तेजस्वी मनोज ने क्या खास बनाया है?

तेजस्वी मनोज की यह अनोखी यात्रा फरवरी साल 2024 में शुरू हुई, जब उनके दादाजी एक ऑनलाइन स्कैम का शिकार होते होते बचे थे। स्कैमर ने खुद को उनका रिश्तेदार बताकर उनसे पैसे की मांग की थी, लेकिन जब तेजस्वी के परिवार ने हस्तक्षेप किया तो स्कैम फेल हो गया। इस घटना ने तेजस्वी की चिंता काफी बढ़ा दी। तेजस्वी इस बात से काफी हैरान थीं कि उनके दादा-दादी में जागरूकता की इतनी कमी है। इसके बाद उन्होंने इस पर रिसर्च करना शुरू किया और पाया कि ऐसा सिर्फ उसके दादा-दादी के साथ ही नहीं हुआ था, बल्कि ऐसा कई बुजुर्गों के साथ हो चूका था, यह एक बहुत बड़ी समस्या थी।
इसी के बारे में जागरूकता के लिए उन्होंने शील्ड सीनियर्स नाम की एक वेबसाइट बनाई। इस वेबसाइट को 60 से अधिक डेमोग्राफिक को शिक्षित करने के लिए डिजाइन किया गया है कि ऑनलाइन घोटाले कैसे होते हैं। यह बेवसाइट यूजर्स द्वारा अपलोड किए गए संदिग्ध ईमेल और मैसेज का विश्लेषण करता है और अगर मैसेज स्कैम साबित होता है, तो उन्हें रिपोर्ट करने के लिए लिंक भी प्रदान करता है।
साथ ही यह वेबसाइट यूजर्स को साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातों के बारे में भी शिक्षित करता है। इसमें उनके सरल जवाबों के लिए एक चैटबॉट की सुविधा है, जो AI के साथ संदिग्ध मैसेज का विश्लेषण करता है।
तेजस्वी ने आठवीं कक्षा से शुरू की है कोडिंग

तेजस्वी मनोज ने आठवीं कक्षा से कोडिंग करनी शुरू की है। वह कंप्यूटर विज्ञान में ग्रेजुएशन और AI या साइबर सुरक्षा में माइनर करना चाहती है। शील्ड सीनियर्स को चलाने के अलावा तेजस्वी और भी कई चीजें करती हैं। तेजस्वी को हमेशा ही अपने काम के लिए सराहा जाता है। साल 2024 के कांग्रेसनल ऐप चैलेंज में भी उन्हें सराहा गया था। वह अपने स्कूल आर्केस्ट्रा में वायलिन भी बजाती हैं और भारत में एक गैर-लाभकारी संस्था के माध्यम से भूटानी शरणार्थियों को गणित और अंग्रेजी में ऑनलाइन ट्यूशन भी देती हैं।
