Parmeet Sethi and Archana: बॉलीवुड के बहुमुखी कलाकार परमीत सेठी ने हाल ही में एक भावुक बयान में अपनी पत्नी और जानी-मानी अभिनेत्री अर्चना पूरण सिंह के प्रभाव को लेकर दिल छू लेने वाली बातें साझा कीं। जहां कई लोग अपने करियर में बाहरी प्रेरणा की बात करते हैं, वहीं परमीत ने अपने जीवन साथी को उस व्यक्ति के रूप में पहचाना जिसने न केवल उनके नजरिए को बदला, बल्कि उन्हें खुद पर हँसने का हुनर भी सिखाया। यह बयान न सिर्फ उनके रिश्ते की गहराई को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कैसे निजी जीवन की सहजता और अपनापन पेशेवर जीवन में निखार ला सकते हैं।
अर्चना पूरण सिंह का सहज और हँसमुख व्यक्तित्व
अर्चना पूरण सिंह को टीवी और फिल्मों में उनके मज़ाकिया अंदाज़ और ज़िंदादिली के लिए जाना जाता है। लेकिन उनके इस व्यक्तित्व का असर सिर्फ दर्शकों तक ही सीमित नहीं है। परमीत बताते हैं कि अर्चना का यह स्वभाव घर में भी वैसा ही है, और यही बात उन्हें सबसे अलग बनाती है।
परमीत की गंभीरता और बदलाव की शुरुआत
अपने शुरुआती करियर में परमीत सेठी को एक गंभीर कलाकार के रूप में देखा जाता था। लेकिन उन्होंने बताया कि अर्चना के साथ समय बिताने के बाद, उन्होंने जीवन को हल्के-फुल्के अंदाज़ में लेना शुरू किया। अर्चना ने उन्हें यह सिखाया कि खुद पर हँसना कमजोरी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की निशानी है।
रिश्ते में हास्य का महत्व
परमीत ने यह भी साझा किया कि एक मजबूत रिश्ते की नींव हँसी और आपसी समझ में होती है। उन्होंने कहा कि जब जीवन के उतार-चढ़ाव में भी आपस में हँसने की ताकत हो, तो रिश्ते और भी मजबूत होते हैं। यही उन्हें अर्चना से सीखने को मिला।
कॅरियर में आया सकारात्मक बदलाव
अर्चना के इस प्रभाव के चलते परमीत के कॅरियर में भी बदलाव आया। उन्होंने टीवी और फिल्मों में हल्के-फुल्के किरदारों को अपनाया और दर्शकों ने उन्हें एक नए रूप में पसंद किया। खुद को लेकर उनका नजरिया बदला, और इस बदलाव ने उन्हें नया आत्मविश्वास दिया।
खुद की गलतियों पर मुस्कुराने की कला
परमीत मानते हैं कि अर्चना ने उन्हें यह सिखाया कि हर इंसान गलतियाँ करता है, लेकिन उन पर पछताने के बजाय, उन पर मुस्कुराना ज्यादा जरूरी है। यह सोच उन्हें आत्ममंथन के साथ-साथ आत्म-सम्मान भी देती है।
सामाजिक छवि से परे
आज के समय में जब सोशल मीडिया और बाहरी छवि को लेकर लोग दबाव में रहते हैं, परमीत का यह नजरिया कि “मैं खुद पर हँस सकता हूँ”, उन्हें भीड़ से अलग बनाता है। यह सीख उन्होंने अपनी पत्नी से ही ली, जो हमेशा अपनी सच्चाई और सहजता के लिए जानी जाती हैं।
एक सच्चे साथी का असर
परमीत सेठी का यह बयान इस बात का प्रमाण है कि एक सच्चा जीवन साथी न केवल निजी जीवन को बेहतर बनाता है, बल्कि व्यक्तित्व को भी निखार सकता है। अर्चना पूरण सिंह उनके लिए सिर्फ एक पत्नी नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा भी हैं।
