Saffron Farming: केसर दुनिया के सबसे महंगे मसालों में से एक है। जिसे आमतौर पर कश्मीर, ईरान और स्पेन जैसे ठंडे इलाकों में उगाया जाता है। इसकी खेती को लेकर आम धारणा है कि यह सिर्फ खास जलवायु में ही संभव है लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्मियों में भी आप अपने घर में केसर उगा सकते हैं और वो भी बेहद आसान ट्रिक से? अगर आप थोड़ी मेहनत, सही तकनीक और धैर्य रखें, तो आप अपने घर की बालकनी या छत पर भी केसर के सुंदर बैंगनी फूलों से खुशबूदार रेशे निकाल सकते हैं।
केसर के बल्ब की खरीददारी

केसर बीज से नहीं बल्बों से उगता है जिन्हें कॉर्म्ज़ कहा जाता है। गर्मी की शुरुआत में या बारिश के मौसम से पहले ये बल्ब ऑनलाइन या नर्सरी से खरीदे जा सकते हैं। अच्छे किस्म के बल्बों का चुनाव ज़रूरी है। वे फर्म, सड़े-गले नहीं होने चाहिए। गर्मियों की धूप में सीधा रोपण नहीं करना है। सबसे पहले बल्बों को एक ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह जैसे किसी कपड़े के थैले में 6 से 8 हफ्ते के लिए रखें। इस दौरान बल्ब धीरे-धीरे एक्टिव होते हैं।
गमले और मिट्टी की तैयारी
किसी भी पौधे को लगाने के लिए सबसे पहले मिट्टी तैयार की जाती है। बल्बों को लगाने के लिए भी गमले और मिट्टी की ज़रूरत होती है। ऐसे गमले चुनें जिनकी गहराई कम से कम 6-8 इंच हो। मिट्टी में अच्छी जल निकासी होना ज़रूरी है। आप 50% गार्डन सॉइल, 25% कोकोपीट और 25% रेत का मिश्रण तैयार करके मिट्टी बना सकते हैं। यह मिश्रण कई तरह से पौधों के लिए उपयोगी होता है।
रोपण का सही समय

बल्बों को जुलाई-अगस्त के महीने में रोपें जब तापमान थोड़ा कम होने लगे। हर बल्ब को 3-4 इंच की गहराई पर लगाएं और उनके बीच 2 इंच की दूरी रखें। बल्ब की नोक ऊपर की ओर रखें। हर 2-3 दिन में हल्की सिंचाई करें। मिट्टी को न ज़्यादा गीला रखें न बिल्कुल सूखा। 4 से 6 हफ्तों में आप हल्की पत्तियाँ और फिर सुंदर बैंगनी फूल देखेंगे।
कटाई और केसर निकालना
जब फूल पूरी तरह खिल जाएं तब उन्हें सुबह जल्दी तोड़ें। हर फूल के भीतर 3 लाल रंग के केसर रेशे होते हैं। इन्हें सावधानी से निकालकर एक साफ कागज़ पर फैलाएं और धूप में सुखाएं। सुखाने के बाद इन्हें एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। अच्छी बात यह कि केसर की खेती में कीटनाशकों की ज़रूरत नहीं होती है। यह लगभग ऑर्गेनिक तरीके से उगाया जा सकता है। आप इसे इनडोर ग्रो लाइट्स या शेड नेट के नीचे भी उगा सकते हैं।
केसर की उपयोगिता

केसर अपने स्वाद, रंग और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। यह व्यंजनों को सुनहरा रंग और मनमोहक खुशबू देता है। आयुर्वेद में केसर को ऊर्जा बढ़ाने, पाचन सुधारने, त्वचा निखारने और मानसिक तनाव कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह गर्भवती महिलाओं के लिए भी लाभकारी माना जाता है। केसर का प्रयोग मिठाइयों, दूध, चाय, और इत्र निर्माण में होता है। इसके एंटीऑक्सिडेंट गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। इसलिए केसर स्वाद और सेहत दोनों का संगम है।
