Economic Survey 2024-25: आजकल हर कोई फ़ोन से चिपका रहता है। जरा सा भी फ्री टाइम मिला नहीं और बस सोशल मीडिया का इस्तेमाल शुरू हो गया। लेकिन, यह आदत लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को कितना प्रभावित कर रही है, इसका अंदांजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में आये आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में भी इसे गंभीरता से लिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जिंदगी में चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक स्वास्थ्य का बेहतर होना बेहद जरूरी है। संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 मे कहा गया कि सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय, व्यायाम की कमी, परिवार के साथ पर्याप्त समय नहीं बिता पाना और अधिक काम (प्रति सप्ताह 55-60 घंटे से अधिक) सभी ने भारतीयों के मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाला है।
सर्वेक्षण में यह भी कहा गया कि भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए युवाओं, बच्चे व किशोरों का बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करना ज़रूरी है। प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और बेहतर विकास के लिए जीवनशैली विकल्प, वर्क कल्चर और पारिवारिक स्थितियां सबसे महत्वपूर्ण हैं। आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जीवनशैली विकल्पों पर तुरंत ध्यान दिया जाना चाहिए।
मानसिक स्वास्थ्य कैसे हो रहा ख़राब

जोनाथन हैडट की पुस्तक ‘द एनक्सियस जेनरेशन: हाउ द ग्रेट रीवायरिंग ऑफ चिल्ड्रन इज ए एपिडेमिक ऑफ मेंटल इलनेस’ का हवाला देते हुए सर्वेक्षण में वित्त मंत्री ने बच्चों के विकास को लेकर चिंता ज़ाहिर की है। उन्होंने कहा कि बच्चों का बचपन फ़ोन में ही निकल रहा है और उनके बड़े होने का अनुभव ही बदल रहा है। इसलिए हर किसी को लाइफस्टाइल को लेकर कम उम्र से ही सचेत रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि किस तरह से इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल से बच्चों और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं।
वर्कप्लेस का बेहतर होना ज़रूरी
जिस जगह आप काम करते हैं अगर वहाँ का माहौल अच्छा नहीं है तो यह आपके मानसिक स्वास्थ्य को ख़राब कर सकता है। इसलिए यह भी देखें कि काम करने की जगह का माहौल भी अच्छा हो और ज़रूरत से ज्यादा काम भी करने से बचें।
फिजिकली एक्टिव नहीं रहना है ग़लत

ऐसे लोग जो बिलकुल व्यायाम नहीं करते हैं या कभी-कभी व्यायाम करते हैं, उनका मानसिक स्वास्थ्य खराब होता है। जब आप फ़िज़िकली ऐक्टिव रहते हैं तो आपका ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है और आपका दिमाग़ भी बेहतर काम करता है।
स्कूल और परिवार की भूमिका
आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि बच्चों और युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाये रखने के लिए स्कूल व परिवार स्तर पर हस्तक्षेप की तत्काल जरूरत है, ताकि दोस्तों के साथ स्वस्थ समय बिताया जा सके। बाहर खेलना, घनिष्ठ पारिवारिक बंधन बनाने में समय निवेश करना बच्चों और किशोरों को इंटरनेट से दूर रखने और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने में काफी मदद करेगा
इन बातों पर दें ध्यान
लाइफस्टाइल में सुधार करें और पैकेज्ड जंक फूड से दूरी बनाएं।- अपने परिवार को पर्याप्त समय दें। उनके साथ नजदीकियां बढ़ाएं।
- ख़ाली समय में संगीत सुनें, दोस्तों से मिलें, खेलने में समय बिताएं।
- व्यायाम को अपने रूटीन का हिस्सा बनायें।
