Shanidev: हिंदू धर्म में शनिदेव को कर्मफलदाता माना जाता है, और शनिवार का दिन उनकी पूजा के लिए शुभ माना गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि कमजोर हो या शनि दोष और साढ़ेसाती का प्रभाव हो, तो शनिदेव की पूजा करने से राहत मिल सकती है। शनिदेव को उड़द की दाल चढ़ाने का विशेष महत्व है, क्योंकि यह उन्हें प्रसन्न करने का एक प्रभावी उपाय माना जाता है। यह उपाय न केवल शनि के अशुभ प्रभाव को कम करता है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि और शांति भी लाता है।
शनिदेव की कृपा पाने के लिए काली उड़द का दान
शनिदेव को काली उड़द की दाल चढ़ाना शनि दोष से मुक्ति पाने का एक प्रभावी उपाय माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिदेव की साढ़ेसाती या ढैय्या से प्रभावित जातकों को शनिवार के दिन काली उड़द का दान करने से शुभ फल मिलते हैं। इससे न केवल शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं, बल्कि जीवन में आ रही बाधाएं भी दूर हो जाती हैं। काली उड़द को शनिदेव का प्रिय अन्न माना गया है, इसलिए इसका दान करना उनकी कृपा पाने का उत्तम साधन है।
शनिदोष से मुक्ति के लिए काली उड़द के सरल उपाय
शनिदोष से मुक्ति पाने के लिए शनिवार को काली उड़द के उपाय बेहद प्रभावी माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, काली उड़द की दाल के चार दाने लेकर उन्हें अपने ऊपर से उल्टे हाथ की ओर उतारकर कौवे को खिलाने से शनिदोष कम होता है। यह उपाय नियमित रूप से करने पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में भी कमी आ सकती है। इसके अलावा, सरसों के तेल में काली उड़द की दाल डालकर दीपक जलाकर पीपल के पेड़ के पास रखने से न केवल शनि की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि कालसर्प दोष और अन्य बाधाओं से भी छुटकारा मिलता है।
शनिदोष निवारण के लिए काली उड़द का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, शनिदेव का रंग काला होने के कारण उन्हें काली वस्तुएं बहुत प्रिय मानी जाती हैं, जैसे काली उड़द, काले तिल और काला कपड़ा। काली उड़द को शनिदोष निवारण के लिए एक प्रभावी उपाय माना जाता है। मान्यता है कि यदि शनिवार के दिन काली उड़द का दान किया जाए, तो इससे शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और शनिदोष से मुक्ति मिलती है। इस उपाय के माध्यम से व्यक्ति अपनी कठिनाइयों और संकटों से छुटकारा पाकर जीवन में सुख-शांति और समृद्धि पा सकता है।
