आजकल के बदलते परिवेश में जहां एक तरफ बच्चों को गुड टच और बैड टच सिखाने  की ज़रुरत है वहीँ स्कूल गोइंग  बच्चों पर पेरेंट्स को खास ध्यान देने की भी ज़रुरत है।  कई बार पेरेंट्स बच्चों के बिहेवियर को ठीक से जज नहीं कर पाते हैं और इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ता है मासूम बच्चों को। व्यस्त लाइफस्टाइल कहा जाए या फिर पेरेंट्स का इग्नोरेंस बच्चे को कई बार ठीक से बैड टच का ज्ञान न होने की वजह से वो ग़लत लोगों का शिकार हो जाता है और घर पर अपनी बातें शेयर नहीं कर पाता है क्योंकि उसे पता ही नहीं होता कि उसके साथ क्या गलत हो रहा है।
 
 
बच्चा खोया-खोया रहे 
लोगों से बहुत सी बातें करने वाला बच्चा एकदम से गुमसुम रहने लगे और किसी से भी बात करने या मिलने जुलने से कतराने लगे तो ये स्कूल में उसके साथ होने वाले किसी गलत  व्यवहार का संकेत हो सकता है। ऐसे में पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चे के साथ प्यार से बात करें और उससे इसका कारण जानने की कोशिश करें। 
 
छोटी सी बात पर नाराज़ होना 
जब बच्चा किसी बात को लेकर परेशान होता है तो किसी भी बात पर बहुत जल्दी नाराज़ हो जाता है। यदि आपका वो बच्चा जो हमेशा हंसता  खेलता रहता है वो अचानक से छोटी सी बात पर रोने लगे, बिना बात के नाराज़ हो जाए तो ये किसी गलत घटना के संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे से और बच्चे के स्कूल में बात करें और इसका कारण जानने की कोशिश करें।   
 
नींद न आना 
आमतौर पर 8-10 घंटे तक सोने वाला बच्चा रात  में ठीक से न सोए और परेशान  रहने लगे तो इस बात पर गौर करें और ज़रुरत पड़ने पर चिकित्सक की सलाह लें। 
 
 
किसी ख़ास व्यक्ति का डर 
अक्सर देखा गया है कि बच्चे किसी से नहीं डरते हैं लेकिन यदि बच्चा किसी व्यक्ति विशेष को देखकर डर जाए या उससे दूर भागे तो सावधान हो जाइए। बच्चे को किसी भी तरह से कोई भी टेम्पटेशन देकर ये बात जानने की कोशिश करें कि क्या वजह है की बच्चा किसी व्यक्ति से डर रहा है। 
 
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