30 अप्रैल को पड़ने वाली वैशाख पूर्णिमा तिथि का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। समृद्वि का प्रतीक माने जाने वाली पूर्णिमा तिथि पर इस बार तीन साल के बाद सिद्धि योग बन रहा है। हिन्दू धर्म की मान्यता है कि इस दिन घर में लक्ष्मी का आगमन होता है। इस दिन व्रत, पूजा, दान और स्नान आदि का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि पूर्णिमा के दिन विशेष उपायों को करने पर घर में सुख-शांति बनी रहती है।
पूर्णिमा का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में भी इस तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है। होली, रक्षाबंधन जैसे सभी बड़े त्यौहार पूर्णिमा तिथि पर ही मनाए जाते हैं। चंद्रमा मन का कारक होता है और इस दिन चंद्रमा अपने पूरे आकार में होता है। इसी वजह से जातकों के मन पर इस दिन चंद्रमा का विशेष प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिक दृष्टि से भी यह अहमियत रखता है। इस दिन समुद्र में ज्वारभाटा आता है।
ऐसे करें पूजा
इस शुभ पूर्णिमा के मौके पर आप अपनी किस्मत चमका सकते हैं। पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर घर की साफ़-सफाई करें और घर के मेन गेट के बाहर की जगह को धुलकर, स्नान आदि करके स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। फिर हल्दी और पानी मिलाकर एक घोल तैयार करें और इस घोल से घर के मेन गेट पर एक स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। इस दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा विधि-विधान से करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
न करें इस दिन ये कार्य
- तामसिक वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए।
- शराब आदि नशे से भी दूर रहना चाहिए।
ये भी पढ़ें –
बहुमंजिले भवन और फ्लैट में भी ध्यान रखें वास्तु का
हर किसी को पढ़ने चाहिए ‘गाय’ से जुड़े ये तथ्य
कैसे बचें बुरी नजर से ?
आप हमें फेसबुक, ट्विटर और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
