जब बात हो रही है आपके बच्चे की तो क्या आपने कभी सोचा है कि आपके बच्चे को भी फर्स्ट एड बॉक्स की पूरी जानकारी होनी ज़रूरी है। आमतौर पर देखा जाता है कि बच्चों की पार्क  में खेलते समय या फिर स्कूल में कोई एक्टिविटी करते समय छोटी -मोटी चोटें लगती रहती हैं। इन चोटों के इलाज के लिए फर्स्ट ऐड ही काफी होता है और प्राथमिक उपचार के द्वारा इनका इंस्टेंट इलाज किया जाता है।  लेकिन जब बात आती है बच्चे को फर्स्ट एड या प्राथमिक उपचार की जानकारी देने की तब हम सब इस बात को गहराई से नहीं समझ पाते और हमें लगता है कि भला बच्चे को प्राथमिक उपचार के बारे में जानने की क्या ज़रुरत है।
मान लीजिए कि बच्चे के दोनों पेरेंट्स वर्किंग हैं और बच्चे को कभी कोई छोटी सी चोट ही लग जाती है ऐसे में यदि बच्चे को प्राथमिक उपचार की जानकारी होगी तब वह अपनी चोट का प्राथमिक उपचार कर सकता है।  जैसे वो डेटॉल से चोट को साफ़ करके उस पर कोई ऑइंटमेंट लगा सकता है। या फिर कभी उसे तेज़ खांसी आए  तब  उसे कफ सिरप की ज़रुरत होती है ऐसे में बच्चे को इस बात का अंदाजा होना भी ज़रूरी है कि उसे कौन सा कफ सिरप लेना  चाहिए।

ऐसे दें बच्चे को फर्स्ट एड बॉक्स की जानकारी

  • घर में रखे किसी ट्रांसपैरेंट बॉक्स को फर्स्ट एड बॉक्स बनाएं और उसके ऊपर प्लस सिम्बल लगा कर रख दें।
  • फर्स्ट एड बॉक्स में कुछ बेसिक मेडिसिन्स जैसे डेटॉल, पेन  रिलीफ ऑइंटमेंट , बैंडेड आदि रखें।  यदि बच्चे को मेडिसिन्स के नाम नहीं पता हैं तो मेडिसिन्स के ऊपर कलरफुल स्लिप लगाएं और ज़रुरत पड़ने पर कौन से कलर की स्लिप वाली मेडिसिन लेनी हैं ये समझाएं।
  • बच्चे को सिखाएं की यदि कहीं चोट लगे तो उसे पहले डेटॉल से साफ़ कर लें।  अगर छोटा सा कट लग जाए तो बैंडेड लगा ले और कभी भी चोट पर डायरेक्ट ऑइंटमेंट न लगाए।