Ant Man 3 Review: मार्वल सीरीज के फैंस को उनकी अगली फिल्म का बेसब्री से इंतजार रहता है। फिर चाहे वो किसी भी सुपर हीरो की हो। स्पाइडर मैन, थॉर, डाझ स्ट्रेंज या एंटमैन। इस बार मार्वल स्टूडियोज की ‘एंट-मैन सीरीज’ की एक और कड़ी एंटमैन एंड द वास्प-क्वांटमेनिया रिलीज हुई है। भारत में युवाओं में एवेंजर्स और मार्वल की फिल्मों के खासा क्रेज का है। इसका सबूत है फिल्म की रिलीज से पहले ही एक लाख से ज्यादा एडवांस टिकट बिकना। एंटमैन का मुकाबला इस फिल्म में सुपर विलेन से हुआ है। पिछली दोनों फिल्मों में एंट-मैन का मुकाबला ऐसे किसी खास विलेन से नहीं हुआ था। इस फिल्म का विलेन थानोस की टक्क्र का दिखाया गया है।
Ant Man 3 Review: ‘एंट-मैन एंड द वास्प क्वांटुमेनिया’ की कहानी

एवेंजर्स के साथ दुनिया बचाने के बाद एंट-मैन यानि स्कॉट लैंग (पॉल रड) उस जंग के बारे में किताब लिखकर पॉपुलर हो चुके हैं। लोग अब उन्हें पहचानने लगे हैं लेकिन कई बार उन्हें स्पाइडरमैन समझ जाते हैं। उसकी बेटी केसी लैंग (कैथरीन न्यूटन) अब काफी बड़ी हो चुकी है और अपने वो एक एंट-वुमन के रूप में खुद का स्थापित करना का प्रयास कर रही है। वास्प यानी होप वेन डायन (इवैंजलीन लिली) भी अब अपनी जिंदगी को आगे बढाजते हुए अपने पापा हैंक पैम (माइकल डगलस) की कंपनी संभाल रही है। वास्प की मम्मी जेनेट वेन डायन (मिशेल फीफर) पिछली फिल्म में ही क्वांटम रेल्म में 30 साल बिताकर वापस लौट चुकी है।
कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब एंटर्मन की बेटी गलती से क्वांटम रेल्म में मैसेज भेज देती है। इसके बाद पूरी की पूरी एंट-मैन फैमिली क्वांटम रेल्म में पहुंच जाती है। वहां उनकी मुसीबतें शुरू हो जाती हैं और उनका सामना एक खतरनाक विलेन कांग (जोनाथन मेजर्स) से होता है। कांग, एंट-मैन के सामने ऐसा प्रस्तव रखता है जिसे पूरा करना उसके लिए आसान नहीं है। फिर अपनी बात मनवाने के लिए कांग, एंट-मैन की बेटी को प्रताडित करता है। टपनी बेटी और परिवार को बचाने के लिए एंटमैन उसकी बात मानने को मजबूर हो जाता है। तो क्या अब एंट-मैन को कांग की बात माननी होगी और वह अपनी बेटी को बचा पाएगा? इस जंग में उसकी फैमिली का क्या रोल है? यह जानने के लिए आपको सिनेमाघर जाना होगा।
नई दुनिया उतना प्रभावित नहीं कर पाई
मार्वल्स की फिल्मों की खास बात है कि उनमें साइंस और दुनिया में दूसरे यूनिवर्स की संभावना पर कहानी रची जाती है। एवेंजर्स और एंटमैन सीरीज की यह फिल्म सबसे कमजोर नजर आती है। जहां फिल्म के दृश्य काफी बनावटी लगते हैं वहीं फिल्म की कहानी समझने में परेशानी हो सकती है। क्योंकि हर किसी की समझ से परे है साइंस और उसके रहस्य। उसमें क्वांटम रियल्म और उसकी दुनिया भला समझ में कैसे आएगी। फिल्म विजुअल डिलाइट भले ही लग सकती है लेकिन पूरी फिल्म में विजुअल एफेक्ट भी कुछ अखरते हैं।
अभिनय की बात करें, तो पॉल रड अपने अंदाज में वन लाइनर से हंसाते नजर आए हैं। पिता और सुपरहीरो दोनों ही भूमिकाएं वह बखूबी निभाते हैं। फिल्म जितनी एंट-मैन के साथ ही कैंग और जैनेट का किरदार भी सशक्त, इन पात्रों को जॉनथन मेजर्स और मिशेल फाइफर के अभिनय ने पर्दे पर दमदार बना दिया है।
माइकल डगलस जैसे काबिल कलाकार को करने के लिए ज्यादा कुछ मिला नहीं है। कैथरीन न्यूटन ने अपनी भूमिका बखुबी निभाई है। जिस तरह से उन्होंने सुपरहीरो का सूट पहन एक्शन और हीरो बनने की कोशिश की है। उससे यही लगता है कि अगली एंटमैन मूवीज में उन्हें और भी कारनामे दिखाने के अवसर मिलने चाले हैं। वास्प के मुख्य किरदार को निभाने वाली एवेंजलीन लिली को फिल्म में ज्यादाकुछ करने को नहीं मिला है।
क्यों देखें
अगर आप मार्वल्स की फिल्मों के डाई हार्ट फैन हैं और अलग कहानी और फैंसटेसी लैंड में एडवेंचर्स को एंजॉय करना चाहते हैं। तो ये फिल्म आपके लिए परफैक्ट है। एक्शन,ड्रामा और वीएफएक्स के साथ बीच बीच में एंटमैन के वन लाइनर्स आप एंजॉय कर सकते हैं। ये फिल्म बच्चों के लिहाज से काफी अच्छी है। तो अपने बच्चों को एक और सुपर हीरो की दुनिया दिखाने के लिए भी फिल्म देखी जा सकती है।
