Posted inहिंदी कहानियाँ

पैर भारी

मेरी दीदी व जीजा जी हमारे घर आए हुए थे। उन्हें बाजार जाकर कुछ सामान इत्यादि खरीदना था। मुझे अपने लिए चप्पल का जोड़ा भी लेना था। मैंने दीदी से कहा कि शाम को बाजार चलेंगे। जीजा जी कहने लगे कि अभी चलो, शाम को क्यों? अनायास ही मेरे मुंह से निकल गया, शाम तक […]

Gift this article