हिन्दू मान्यताओं के अनुसार पति-पत्नी दोनों एक दूसरे के पूरक होते हैं इसलिए ऐसा माना जाता है कि दोनों को किसी भी पूजा में साथ में हिस्सा लेना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार यदि पति और पत्नी एक साथ पूजा नहीं करते हैं तो वो पूजा पूर्ण रूप से स्वीकार्य नहीं होती है और उसका फल भी नहीं मिलता है।
