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नीलकंठ-गुलशन नन्दा भाग-26

दिन की सुनहरी धूप को आज बादलों ने ढक रखा था। बादलों के जमघट बढ़कर धुंध के रूप में जमीन पर उतर आए थे। हवा में नमी होने से हर वस्तु भीग रही थी। आनंद भी चारपाई पर लेटा सामने की खिड़की से बाहर फैली इस धुंध को आश्चर्य से देखे जा रहा था, जिसके […]

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