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नीलकंठ-गुलशन नन्दा भाग-1

असावधानी से पर्दा उठाकर ज्यों ही आनंद ने कमरे में प्रवेश किया, वह सहसा रुक गया। सामने सोफे पर हरी साड़ी में सुसज्जित एक लड़की बैठी कोई पत्रिका देखने में तल्लीन थी। आनंद को देखते ही वह चौंककर उठ खड़ी हुई। ‘आप!’ सकुचाते स्वर में उसने पूछा। ‘जी, मैं-रायसाहब घर पर हैं क्या?’ ‘जी नहीं, […]

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