फलदीपिका ग्रंथ के अनुसार आयु, मृत्यु, भय, दुख, अपमान, रोग, दरिद्रता, दासता, बदनामी, विपत्ति, निन्दित कार्य, नीच लोगों से सहायता, आलस, कर्ज, लोहा, कृषि उपकरण तथा बन्धन का विचार शनि ग्रह से होता है। अपने अशुभ कार्यकाल के कारण शनि ग्रह को पापी तथा अशुभ ग्रह कहा जाता है। परन्तु यह पूर्णतया सत्य नहीं है।
