हम बचपन से यही पढ़ते और सुनते आएं हैं कि दीवाली का त्योहार भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध करने और चौदह वर्ष का बनवास काट कर अपने भाई लक्ष्मण व पत्नी सीता के साथ अयोध्या वापस लौटने की खुशी के उपलक्ष्य में मनाया जाता है परन्तु इस त्योहार पर दीपक जलाकर खुशियां मनाने की परंपरा के साथ अन्य भी कई ऐतिहासिक व पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं।
