nothing will happen to you
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ऐसे खत्म करें बच्चों में चिल्लाकर बात करने की आदत

अगर बच्चों में चिल्लाकर बात करने की आदत पर ध्यान ना दिया जाए तो आगे चल कर वे सबके साथ इसी तरह से बात करने लगते हैं।

Shouting Habit in Children: आज के समय में बच्चों की अच्छी पेरेंटिंग करना सबसे मुश्किल काम है। अगर पेरेंट्स बच्चों के साथ थोड़ी भी सख्ती दिखाते हैं तो वे गुस्सा हो जाते हैं। कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि वे पेरेंट्स के साथ चिल्लाकर बात करने लगते हैं। अगर बच्चों के इस व्यवहार पर समय से ध्यान ना दिया जाए तो चिल्लाकर बात करना बच्चों की आदत बन जाती है और आगे चल कर वे सबके साथ इसी तरह से बात करने लगते हैं। आइए जानते हैं कि आप बच्चों की इस आदत को कैसे खत्म कर सकती हैं।

Do not shout at children

बच्चे अपने आस-पास जो देखते हैं, वैसा ही व्यवहार करते हैं, इसलिए आप अपनी तरफ से कभी भी बच्चों से चिल्लाकर बात ना करें और ना ही उनके सामने किसी और से इस तरह से बात करने की कोशिश करें। अगर आप बच्चों के सामने खुद ही चिल्लाकर बात करेंगी तो बच्चों के दिमाग में यह बात बैठ जाएगी कि जब आप चिल्लाकर बात कर सकती हैं तो बच्चे क्यों नहीं कर सकते। इसलिए अपनी इस आदत को बदल कर बच्चों की भी इस आदत को खत्म करिए। 

Teach anger management to children

अगर आपका बच्चा छोटी-छोटी बात पर गुस्सा हो जाता है और गुस्से में चिल्लाकर बात करता है तो आप अपने बच्चे की इस आदत को बदलने के लिए उसे एंगर मैनेजमेंट करना सिखाएं। इसके लिए आप बच्चों को गहरी सांस लेना सिखाएं, मन को शांत करना सिखाएं व 10 तक बच्चे को उल्टी गिनती करना सिखाएं। ऐसा करने से बच्चों में गुस्सा नहीं आता है जिससे वे गुस्से में चिल्लाकर कभी भी किसी से भी बात नहीं करते हैं। 

Do not shout at children for their mistakes

अगर आप चाहती हैं कि आपका बच्चा किसी से भी चिल्लाकर बात ना करे तो आप भी उसपर छोटी-छोटी बात पर चिल्लाना छोड़ दें। अगर आप बच्चे की छोटी-छोटी गलती पर उस पर चिल्लाएँगी तो उसके अंदर गुस्सा भर जाएगा और वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगेगा, जिसकी वजह से उसे भी समझ में नहीं आएगा कि वह किससे और क्या बात कर रहा है, इसलिए बेहतर यही होगा कि आप बच्चे से प्यार से बात करें।

Keep the child busy

आपका बच्चा कभी किसी से चिल्लाकर बात ना करे इसके लिए आप अपने बच्चे को व्यस्त रखना सीखें। जब आपका बच्चा खुद में व्यस्त रहेगा तो उसे कभी किसी से चिल्लाकर बात करने की जरुरत नहीं पड़ेगी और ना ही उसके दिमाग में नकारात्मक बातें आएँगी, जिसकी वजह से वह चिड़चिड़ा व्यवहार करेगा।

Family members should talk to each other lovingly

अगर आप चाहती हैं कि आपका बच्चा सबके साथ प्यार से बात करे तो इसके लिए आप परिवार के सभी सदस्यों को यह सिखाएं कि वे आपस में अच्छे से व प्यार से बात करें। जब बच्चा अपने आस-पास इस तरह का सकारात्मक माहौल देखेगा तो वह भी सबके साथ प्यार से पेश आएगा।

ए अंकिता को मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और खास तौर पर लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट बीट में रुचि रखती हैं। लेखन के अलावा वेब सीरीज़ देखना, घूमना, संगीत सुनना और फोटोग्राफी...