होली उमंगों का त्योहार है, होली रंगों का त्योहार है। साथ ही यह खाने-पीने और मस्ती से भरा हुआ एक ऐसा दिन होता है, जिसका इंतजार सालभर रहता है। इस दिन गुझिया, ठंडाई, चाट, और न जाने कितने ही स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जिन्हें खाने से खुद को रोक पाना हमारे लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मोटापे, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का सामना कर रहे लोग चाह कर भी ऐसे व्यजंनों का लुत्फ नहीं उठा पाते। आइए जानते हैं कुछ ऐसे व्यंजन जो न सिर्फ होली की उमंग और उत्साह को भी बरकरार रखेंगे बल्कि आपको अपनी सेहत के साथ भी किसी तरह का कोई समझौता नहीं करना पड़ेगा-

लौकी हलवा

लौकी में 98 प्रतिशत पानी होता है जो यूरिनरी प्रॉब्लम्स को दूर करने में बहुत ही कारगर साबित होता है। फाइबर से भरपूर लौकी का हलवा न सिर्फ खाने में लाजवाब होता है बल्कि सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसीलिए इसे होली के पकवान के तौर पर बनाया जा सकता है ताकि सभी उम्र के लोग इसे आसानी से पचा सकें।

कॉर्न खीर

लो फैट और इंस्टेंट एनर्जी वाली ये खीर होली में मेहमानों का स्वागत करने के लिए बेहद स्वादिष्ट रेसिपी है। ये खीर कॉर्न और दूध से बनकर तैयार होती है और ये दोनों ही चीजें पौष्टिकता के मापदंड पर खरी उतरती है। सेहत के लिए फायदेमंद ऐसे व्यजंन आपकी होली को यादगार और स्वस्थ बना सकते हैं। 

ब्राउन ब्रेड दही वडा

स्वाद के साथ किसी तरह का समझौता किए बगैर उड़द दाल की बजाय आप ब्राउन ब्रेड से दही वड़े भी तैयार कर सकते हैं। मिनरल्स, आयरन, कैल्सियम से भरपूर ये रेसिपी बड़ी ही आसानी से बहुत ही कम समय में तैयार हो जाती हैं। जिसका स्वाद आप इमली और हरी चटनी के साथ दोगुना कर सकते हैं और होली के मौके पर अपने परिवार के साथ खा सकते हैं।

लो फैट ठंडाई

कहा जाता है कि ठंडाई के बिना होली के रंग फीके लगते हैं। ठंडाई के एक बड़े गिलास से ही होली में रंग जमता है। ऐसे में लो फैट मिल्क और शहद को मिलाकर ठंडाई तैयार की जा सकती है जो स्वाद को बरकरार रखने के अलावा सेहत का भी पूरा ख्याल रखती है।

पालक मेथी टिक्की

होली का उत्सव चाट और पकौड़े बिना अधूरा सा लगता है। ऐसे में लौह तत्त्व से भरपूर पालक और मेथी को आलू में मिलाकर लाजवाब टिक्की तैयार कर सकते हैं जो आपको कई परेशानियों से बचाने के साथ साथ स्वाद भी भरपूर देगी। पालक और मेथी जैसी हरी सब्जियों से तैयार होने वाली टिक्की  में आप अपनी इच्छानुसार और भी सब्जियां मिला सकते हैं। ज्यादा पकवान खाने से बचें होली के मौके पर हर तरफ मिठाईयां व तरह तरह के पकवान ही नजर आते हैं, इसलिए खाने का दौर जारी रहता है। त्योहारों के मौके पर अधिक खाना खाने से बचना चाहिए। होली पर बनने वाली मिठाइयां एवं व्यजंन काफी तले भुने होते हैं और यह आसानी से नहीं पच पाते हैं, जिससे आपको फूड प्वॉजनिंग की समस्या हो सकती है।

ज्यादा पानी पीएं

कुछ ना कुछ खाते रहते हैं लेकिन सेहत के लिए सबसे जरूरी चीज पानी पीना भूल जाते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है और खाद्य पदार्थ को पचने में काफी समस्या आती है। दिन भर में कम से कम आठ गिलास पानी जरुर पीना चाहिए। 

व्यायाम भी जरूरी

आमतौर पर लोग त्योहारों के दिन व्यायाम करने में ढीले पड़ जाते हैं। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। आपको रोज की तरह त्योहारों पर भी व्यायाम करना जरूरी है। इससे आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा सीमित रहेगी। सुबह की सैर बेहद फायदेमंद होती है। इसके अलावा एरोबिक्स भी एक अच्छी एक्सरसाइज है कैलोरी घटाने के लिए।

होली के रंगों से सावधानी जरूरी 

होली के दिन हर तरफ रंग उड़ रहे होते हैं, जो सांस लेने पर हमारे अंदर चले जाते हैं या कई बार रंग वाले हाथों से कुछ खाने पर गलती से शरीर में पहुंच जाते हैं। ऐसे में हमें होली खेलने से पहले ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए। दरअसल, इसमें एंटी बैक्टीरियल और एंटी वायरल गुण होते हैं, जो हमारे शरीर को रंगों से होने वाले नुकसान से बचाती है।

इसके अलावा रंगों के नुकसान से बचने के लिए होली खेलने से पहले और बाद में गुनगुना नींबू का पानी पीएं। जो शरीर से सभी विषाक्त और हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

हल्दी में विभिन्न संक्रमणों से लड़ने की ताकत होती है। ऐसे में शरीर के अंदर से होली के रंग निकालने के लिए कच्ची हल्दी का पानी बेहद कारगर साबित होता है। 

नशा उतारने के लिए 

  • भांग का नशा उतारने के लिए खटाई का सेवन करना सबसे बेहतर तरीका है। इसके लिए आप नींबू, छाछ, दही या फिर इमली का पना बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं। 

  • अगर भांग पीने के बाद बहुत अधि‍क नशा होने से व्यक्ति बेहोशी की हालत में हो, तो सरसों का तेल हल्का गुनगुना करके एक-दो बूंद उसके कान में डाल दें। 

  • घी को भी भांग के इलाज के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिए शुद्ध देशी घी का अत्यधि‍क मात्रा में सेवन करना बेहद जरूरी है, ताकि भांग का नशा उतरने में आसानी हो।

  • अरहर की कच्ची दाल का प्रयोग भी भांग उतारने में काफी मददगार है। इसके लिए अरहर की कच्ची दाल को पीसकर पानी के साथ संबंधि‍त व्यक्ति को दें या फिर इसे पानी से साथ पीसकर पिलाएं।

  • भुने हुए चने और संतरे का सेवन, भांग का नशा कम करने का एक बढ़ि‍या विकल्प है। इसके अलावा बगैर शक्कर या नमक डला हुआ नींबू पानी 4 से 5 बार पिलाने पर भांग का नशा उतर जाएगा।

घाव पर रखें नजर 

होली खेलते वक्त त्वचा लगातार पानी के संपर्क में रहती है, इसलिये त्वचा पर घाव और कटने छिलने के आसार बढ जाते हैं। अगर आपकी त्वचा कट छिल जाए तो उस पर एंटीसेप्टिक लगाएं और रंग खेलना बंद कर दें। 

एलर्जी 

वे लोग जिन्हें रंगों से एलर्जी है या एक्जिमा की बीमारी है, उन्हें रंगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। रंगों से खेलने से पहले शरीर पर नारियल का तेल या सरसों का तेल लगा लीजिए, जिससे रंग त्वचा पर ना बैठे। रंग खेलने के बाद त्वचा एकदम रूखी हो जाती है इसलिए त्वचा पर खूब तेल लगाना आवश्यक है।

गर्भवती महिलाएं जरा संभल कर

रंग में खतरनाक केमिकल्स और हेवी मेटल मिले होते हैं, ऐसे में आपके साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु को भी नुकसान हो सकता है। घर से बाहर न निकलें, भागदौड़ न करें, घर का खाना ही खाएं। 

दिल की धड़कनें न हो जाएं बेकाबू होली के दिन अधिक भागदौड़, थकान और तनाव लेने से हृदय की गति और रक्त चाप बढ़ने की संभावना रहती है। अधिक जोश में आकर होली न खेलें। खाने-पीने पर भी नियंत्रण रखें। अत्यधिक मीठा, तली हुई चीजें न खाएं क्योंकि इनमें बहुत ज्यादा फैट होता है। 

रंगीन मिठाइयों से परहेज करें

मिठाइयों में रंगों का प्रयोग किया जाता है जो सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है। होली के मौके पर रंगीन मिठाइयों से परहेज करें। कोशिश करें कि देखने में खूबसूरत लगने वाली मिठाइयों को कम-से -कम खाएं।

होली खेलने के बाद 

रंग खेलने के बाद स्नान करते वक्त कई बार रंग पूरी तरह से नहीं निकलता। ऐसे में परेशान होने की जरूरत नहीं। यदि कुछ बातों को ध्यान में रखा जाए, तो जल्दी ही रंग भी छूट जाएगा और त्वचा भी चमक उठेगी।

जिनकी त्वचा तैलीय है, वे रंगत और चमक को दोबारा वापस पाने के लिए पपीते का पेस्ट, नींबू का रस और मिल्क पाउडर के मिश्रण को चेहरे पर 20 मिनट तक लगाकर छोड़ दें। इसके बाद चेहरा धो लें। फर्क खुद-ब-खुद नजर आएगा।

जिनकी त्वचा शुष्क है, वे तीन से चार दिनों तक एक चम्मच शहद में आधा केले का गूदा और थोड़ा सा नमक मिला कर लगाएं। फिर इसे अच्छी तरह से धो लें। त्वचा में निखार आने के साथ-साथ रंग भी छूट जाएगा। 

कुछ बातों का ध्यान रख आप होली को और भी रंगीन बना सकते हैं और पकवानों का आनंद भी ले सकते हैं। 

– ज्योति सोही