कचरू की कनपटी गरम हो रही थी। यह क्या बातें कर रहे थे अंदर ‘लोगमन’ कि पार्टी करेंगे दो दिन बाद, कचरू को रुपया लूंस देंगे, उसकी गाय भी अच्छी है! ‘बालमती’ को क्या करेंगे ये साहब लोग? रोज उसका दूध उनके घर देकर तो आता है वह, फिर साहब का ‘पिला मन’ (बच्चे) भी […]
