Short Story in Hindi: नवरात्रियों के दिन आते ही मुझे अपनी बेटी का बचपन याद आ जाता है।ये करीब बीस साल पहले कि बात हैं, हमारे यहां कन्या भोजन नहीं होता है। पहले तो परी की ये जिद होती कि अपने यहां भी करो,मेरी सब सहेलियों को भी बुलाओ।जैसे तैसे उसको बहलाते फुसलाते।बहुत खुश होती […]
