हर रोज़ सुबह सूरज की किरणें खिड़की से कूदकर नन्हें रखरगोश की तरह जब तक राधा के बिस्तर पर अठखेलियाँ न करतीं, तब तक राधा दड़ मारे पड़ी रहती या फिर श्याम बाबू जब तक उसे जादू की झप्पी न दे दें, तब तक तो कतई नहीं उठती थी। छोटी-सी गृहस्थी में वे दोनों अपने […]
