Overview:
घर कब आओगे सॉन्ग इवेंट में सनी ने एक किस्सा साझा करते हुए बताया कि उनके भीतर एक फौजी का किरदार निभाने का बीज बचपन में ही बो दिया गया था।
Sunny Deol became Emotional at Ghar Kab Aaoge Song Event: जैसलमेर की तपती रेत और देशभक्ति के जुनून के बीच, 2 जनवरी की शाम भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक सुनहरे पन्ने की तरह दर्ज हो गई। अवसर था फिल्म ‘बॉर्डर 2‘ के आइकॉनिक गाने ‘घर कब आओगे’ के भव्य लॉन्च का। इस गाने ने डिजिटल दुनिया में कदम रखते ही तहलका मचा दिया और महज 30 मिनट के भीतर 1 मिलियन से ज्यादा व्यूज बटोर कर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। लेकिन इस रिकॉर्ड तोड़ सफलता के पीछे जो भावनाएं थीं, उन्होंने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं।
पिता धर्मेंद्र की राह पर हैं सनी देओल
मंच पर जब सनी देओल आए, तो उनके चेहरे पर फिल्म की सफलता से ज्यादा अपने पिता, दिवंगत दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की यादें तैर रही थीं। सनी ने एक बेहद निजी किस्सा साझा करते हुए बताया कि उनके भीतर एक फौजी का किरदार निभाने का बीज बचपन में ही बो दिया गया था। उन्होंने बताया, “जब मैं बहुत छोटा था, तब मैंने पापा की फिल्म ‘हकीकत’ देखी थी। उस फिल्म ने मेरे बाल-मन पर इतना गहरा असर डाला कि मैंने तभी ठान लिया था कि जब मैं एक्टर बनूंगा, तो पापा की तरह पर्दे पर देश के लिए लड़ूंगा।”
सनी ने आगे भावुक होते हुए कहा कि इसी जिद और सपने को लेकर उन्होंने सालों पहले जेपी दत्ता साहब से बात की थी। उसी चर्चा का नतीजा 1997 की फिल्म ‘बॉर्डर’ के रूप में सामने आया, जो आज हर भारतीय के दिल में बसी हुई है।
पिता को याद कर छलके सनी के आंसू
इवेंट के दौरान एक वक्त ऐसा आया जब सनी देओल शब्द खो बैठे। उन्होंने रुंधे हुए गले से कहा, “मैं ज्यादा कुछ नहीं बोल पाऊंगा, मेरा दिमाग हिला हुआ है…।” यह दर्द उस बेटे का था जिसने हाल ही में, 24 नवंबर 2025 को अपने मार्गदर्शक और पिता धर्मेंद्र को खोया है। इत्तेफाक देखिए कि एक तरफ सनी अपनी सबसे बड़ी फिल्म की तैयारी कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सिनेमाघरों में धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ अब भी चल रही है। पिता के निधन के बाद यह सनी का पहला इतना बड़ा सार्वजनिक इवेंट था, जहां वह खुद को संभाल नहीं पाए और काफी इमोशनल नजर आए।
फिल्म नहीं, सेना में भर्ती होने का एक जरिया
‘बॉर्डर’ का प्रभाव सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक सामाजिक क्रांति थी। सनी ने गर्व के साथ साझा किया कि पिछले 28 सालों में वह देश के जिस भी कोने में गए, उन्हें ऐसे अनगिनत सैनिक मिले जिन्होंने उन्हें सैल्यूट करते हुए एक ही बात कही, “सर, हमने आपकी ‘बॉर्डर’ देखकर ही सेना में भर्ती होने का फैसला किया था।” सनी के लिए यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उनकी कला ने युवाओं को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित किया।
फैंस को है वबॉर्डर 2 की रिलीज का इंतजार
अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी ‘बॉर्डर 2’ अब 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। जैसलमेर का यह इवेंट सिर्फ एक प्रमोशन नहीं था, बल्कि भारतीय सेना के अदम्य साहस और एक बेटे द्वारा अपने पिता को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि थी। ‘घर कब आओगे’ की धुन ने एक बार फिर पूरे देश को यह एहसास करा दिया है कि सीमा पर खड़े जवान आज भी हमारे इंतजार में हैं।
