Reasons for Small Baby Bump: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने पेट को बढ़ते देखना एक उत्साहित करने वाला समय होता है। लेकिन कई बार कुछ महिलाओं के अंदर यह चिंता का विषय बन जाता है, जब उनका पेट उन्हें कम बाहर नजर आता है। गर्भवती महिला को अपने शिशु के सही विकास के लिए चिंता होती है। पेट कम दिखने की स्थिति में गर्भवती महिला को घबराना नहीं है। गर्भावस्था में पेट का कम दिखना कई कारणों पर निर्भर करता है। यह हर बार चिंता का कारण हो जरूरी नहीं। आई इस लेख में जानते हैं, गर्भावस्था में पेट के कम दिखने के क्या कारण हो सकते हैं, कब आपको डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
महिला की शारीरिक बनावट
गर्भावस्था में पेट का नजर आना महिला के शारीरिक बनावट पर भी निर्भर करता है। हर महिला शारीरिक बनावट में अलग होती है जैसे पतली, मोटी, लंबी।
अगर आप पतली, लंबी तथा नियमित रूप से व्यायाम करने वाले हैं तो आपके पेट की मांसपेशियां अधिक मजबूत होती हैं। जिस कारण बच्चा पेट के अंदर की तरफ जगह बनता है और पेट बाहर की तरफ कम उभरा हुआ नजर आता है।
अगर आपका वजन बहुत अधिक है तो भी आपको अपने पेट के बढ़ते आकार में फर्क नजर नहीं आता।
पहली बार मां बनने पर

अगर आपकी पहली प्रेग्नेंसी है तो आपका पेट कम नजर आ सकता है, क्योंकि पहली प्रेग्नेंसी के दौरान पेट की मांसपेशियां टाइट तथा कसी हुई होती है, जिस कारण गर्भावस्था के दौरान पेट का पता देरी से चलता है। दूसरी और तीसरी प्रेगनेंसी के दौरान मांसपेशियां ढीली हो जाने के कारण पेट का पता जल्दी चलता है।
गर्भ में बच्चे की स्थिति
गर्भावस्था के दौरान गर्भ में शिशु की क्या स्थिति है, इस पर भी महिला का पेट दिखना निर्भर करता है। अगर बच्चे की स्थिति पीछे की तरफ है तो पेट कम बाहर नजर आता है। अगर बच्चे की स्थिति आगे है तो पेट अधिक बाहर नजर आता है।
गर्भ में तरल पदार्थ का स्तर
गर्भावस्था के दौरान बच्चा जिस तरल पदार्थ के अंदर रहता है उसको एमनियोटिक फ्लूइड कहते हैं। गर्भवती महिला के पेट का दिखाना इस एमनियोटिक फ्लूइड के स्तर पर भी निर्भर करता है। इसकी मात्र कम होने पर पेट कम नजर आता है। डॉक्टर इस स्थिति का पता अल्ट्रासाउंड जांच में लगाते हैं। इस स्थिति में डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
गर्भ में शिशु के बढ़ने का दर
गर्भ में भ्रूण के विकास की क्या स्थिति है, डॉक्टर इसका पता अल्ट्रासाउंड के द्वारा लगाते हैं। कई बार भ्रूण का विकास दर सामान्य से धीमा होता है, जिस कारण भी पेट कम नजर आता है।
गर्भावस्था का सही समय
कई बार महिलाएं अपने गर्भावस्था के सही समय को लेकर भ्रम में होती हैं, उन्हें अपने गर्भधारण की सही तारीख का पता नहीं होता जिस कारण वह समझ ही नहीं पाती पेट कौन से महीने से दिखना शुरू होता है। महिला अपने गर्भावस्था के सही समय का पता डॉक्टर की मदद से अल्ट्रासाउंड जांच द्वारा करवा सकती है।
कब मिले डॉक्टर से
प्रेगनेंसी के शुरुआत से दूसरी तिमाही तक हर चार हफ्ते में एक बार डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं।
सातवें महीने से नवे महीने की शुरुआत तक हर दो हफ्ते में डॉक्टर से मिलें।
आखिरी महीने में हर हफ्ते डॉक्टर से जांच करवाएं।
अगर आपके बच्चे की हलचल कम महसूस हो, पेट में अचानक तेज दर्द हो या फिर ब्लीडिंग या पानी आए तो बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टर से मिलें।
