दीपावली एक बड़ा पर्व है जो धनतेरस से शुरू होकर भाईदूज पर खत्म होता है। गेंदे के फूलों की लडिय़ां, रंगबिरंगी रंगोली, तेल के दिए और पटाखे इसकी शोभा को और बढ़ा देते हैं। दीपकों के इस त्योहार को और बेहतर बनाने के लिए आपको कुछ चीजों को पहले से प्लान करने की जरूरत है, ताकि यह पर्व और भी रंगीन बन जाए। वो कैसे? आइए जानें-

दीवारों को जब सजना हो :-  माना जाता है कि दीवाली पर घर पर रंग रोगन कराने से मां लक्ष्मी की कृपा होगी, जिससे हमारा जीवन सुख- समृद्धिशाली हो, इसलिए लोग घर में रंग करवाते हैं। सालभर घर के कई हिस्सों में सफाई नहीं की जाती है, जिससे हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। घर में नकारात्मक ऊर्जा भी सक्रिय हो जाती है। इन्ही बातों को ध्यान में रखकर दीपावली पर घर की साफ सफाई और सजावट की परंपरा है। घर में व्हाइट वॉश करवाते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है।

क्या करें :-

  • दीवाली के कुछ पहले ही रंग-रोगन का काम पूरा कर लें। इससे पैसों की बचत के साथ-साथ काम भी अच्छा होगा।
  • घर की पुताई के लिए अच्छे ब्रांड का कलर लगवाएं। इससे फिनिशिंग अच्छी आती है और कलर लंबे समय तक रहता है।
  • घर के सदस्यों की पसंद-नापसंद के अनुसार ही रंग करवाएं। पुताई से पहले घर में टूट-फूट की मरम्मत करवा लें।
  • यदि आप घर में सकारात्मकता ऊर्जा चाहते हैं तो इसके लिए आप वास्तुशास्त्र के अनुसार सफेदी करवा सकते हैं, जैसे शयन कक्ष में गुलाबी, आसमानी या हल्का हरा रंग, ड्राइंग रूम में गुलाबी, क्रीम, सफेद रंग और रसोई घर के लिए लाल, गुलाबी और नारंगी रंग शुभ माना जाता है।
  • पढऩे लिखने के कमरे में गुलाबी, हल्का हरा या आसमानी रंग की पुताई करवानी चाहिए। अपना बजट बनाने के बाद ही पुताई का सामान खरीदें। इससे अनावश्यक खर्च से बचा जा सकता है।

कुछ इस तरह करें घर की सजावट :-  दीवाली पर मात्र पेंट करवाने से ही घर की सुंदरता नहीं निखरती, जब तक कि उसको सजाया ना जाए। वैसे घर की सजावट से जुड़ी 3 चीजें अहम होती हैं जैसे- आप की पसंद, घर का साइज और आप का बजट, जिसके अनुरूप आप घर को सजा सकती हैं। जरूरी नहीं है कि सजावट में सिर्फ नई चीजें ही इस्तेमाल की जाएं, बल्कि कुछ पुरानी चीजें भी आप के घर को एकदम नया लुक दे सकती हैं।

क्या करें :-

  • दीवारों को वाल पेपर्स और सीनरी के जरिए नया लुक दें।
  • फर्नीचर के साथ आप कई क्रिएटिव एक्सपेरिमेंट कर सकते हैं, जैसे- एंटीक लुक का फर्नीचर। आप नक्काशीदार सामान के जरिए भी घर को डिफरेंट लुक दे सकते हैं।
  • कोई कलर थीम चुन लें और उसी के अनुसार घर की साजसज्जा करें। मैचिंग का विशेष ध्यान रखें।
  • घर के पायदान बदल कर नए लगाएं, सोफों के कुशन कवर बदलें, फर्नीचर को रिअरेंज करें, इनडोर प्लांट्स के गमले पेंट करें, परदों की कलर थीम बदलें।
  • घर को फूलों से सजाएं जैसे- किसी पानी भरे पॉट में किनारों पर फूल या पंखुडिय़ां बिछा कर बीचोंबीच तैरते दीये रखें।
  • बाजार से ताजे फूल खरीदें और अपने घर के हर कोने को गुलाब, सूरजमुखी और चमेली से सजाएं। अरेंजमेंट के बाद फूलों पर स्पे से पानी छिड़कते रहें ताकि फूलों की नमी बनी रहे।
  • कुछ लैम्पस खरीदें और उन पर सुंदर रंगों से कलाकारी करें। जरूरी नहीं कि दीवारों पर महंगी पेंटिंग्स लगाएं, टोकरी या परात पर डिजाइन भी इसे दीवारों पर सजाया जा सकता है।
  • दीवाली की सजावट में लाइटिंग काफी महत्वपूर्ण है, यह खूबसूरत हो लेकिन भारी- भरकम व चुभने वाले प्रकाश वाली न हों।
  • रंग-बिरंगे कंदील से भी आप अपनी बालकनी को रौशन कर सकती हैं।

 

तोहफे हों क्रिएटिव :- दीवाली आए और गिफ्ट्स का आदान-प्रदान न हो, ऐसा कैसा हो सकता है। अधिकतर लोग गिफ्ट में या तो मिठाई, चॉकलेट या फिर ड्राई फ्रूट्स देते हैं। इस बार आप ये सब न देकर अपने दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों को कुछ ऐसी चीज दें ताकि पैक खुलते ही चेहरे पर रौनक बिखर जाए।

क्या करें :-

  • सेहतमंद गिफ्ट के रूप में आप कॉस्‍मेटिक का हर्बल सामान दे सकते हैं।
  • अपने दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों की सुबह सेहतमंद बनाने के लिए हर्बल टी एक बेहतरीन गिफ्ट ऑप्शन है।
  • संगीत प्रेमियों को मधुर और मन को शांत करने वाले ध्यान और उपचार संबंधित संगीत की सीडी दे सकते हैं। मेडिटेशनल और रिलेक्‍सेशन और थेरेपीज़ की सीडीज से न सिर्फ आप तनावमुक्‍त होंगे, बल्कि यह आपके दोस्‍त का पसंदीदा गिफ्ट भी होगा।
  • आप चम्पा, लैवेंडर जैसे खुशबूदार फूलों के पौधे दे सकते हैं।
  • मोमबत्ती रखने वाले ‘होल्डर पूजा थाली, दीया थाली, डिजाइनर मोमबत्तियां, मग, डिजाइनर शीशे आदि भी आप भेंट में दे सकते हैं।
  • आप गैर-सरकारी संगठन से भी मदद ले सकते हैं, जहां विकलांग बच्चे भेंट देने के लिए खूबसूरत उपहार बनाते हैं।

घर को सजाएं रंगोली से :- त्योहार चाहे दीवाली का या फिर कोई और, रंगोली के बिना अधूरा है। रंगोली का अर्थ है रंगों के जरिये भावों की अभिव्यक्ति। पुराने वक्त में खुशियों के स्वागत के लिए घर के दरवाजे या आंगन में इसे फूलों एवं रंगों से बनाया जाता था। पहले जहां चावल या बुरादा रंगना पड़ता था वहीं आज सब कुछ रेडीमेड मिल जाता है। तभी तो आज रंगोली बनाना बहुत आसान हो गया है

क्या करें :-

  • यह जरूर देख लें कि जिस स्थान पर आप रंगोली बनाने जा रही हैं, वह समतल हो।
  • रंगोली कभी भी दरवाजे से सटकर न बनाएं, कुछ दूरी पर बनाएं ताकि  ने-जाने वालों के पैर रंगोली पर न पड़ें।
  • फर्श को अच्छी तरह धोकर सूखे कपड़े से पोंछ लें। रंगोली के लिए मनचाही आकृति चॉक से बना लें।
  • रंग के अलावा फूलों की पत्तियां या फिर कोई भी अनाज, चावल का पाउडर, रेत, लकड़ी का बुरादा भरकर रंगोली को नया रूप दे सकती हैं।
  • फ्लोटिंग रंगोली बनाने के लिए ओएचपी शीट को मनचाहे आकार में काट लें, फिर ग्लिटर और कुंदन व मोती से इसे सजाएं। फिर गहरी थाली में पानी भरकर इसे तैराएं।
  • अगर बड़ी रंगोली बनाना चाहती हैं तो बाजार में उपलब्ध स्टेंसिल लेकर उसे मल्टी कलर स्प्रे पेंट से या फिर एक ही फैमिली के अलग-अलग रंगों से डिजाइन क्रिएट कर सकते हैं।
  • सैंड की मल्टी कलर रंगोली बनाने के लिए आप इस हाथ से या फिर स्टेंसिल से बना सकते हैं। इसमें ब्राइट कलर्स का इस्तेमाल करें।
  • आप क्ले रंगोली बनाना चाहती हैं तो बाजार में तरह-तरह की किट उपलब्ध हैं। क्ले रंगोली को आप फर्श, प्लेट, लकड़ी की शीट पर बना सकती हैं।
  • क्ले रंगोली तैयार कर उसे रंग-बिरंगे मोती, कांच, नग, शंख, लेस आदि से सजाएं।  
  • बाजार में रेडीमेड स्टिकर रंगोली भी उपलब्ध हैं, जो कई डिजाइंस व आकार में मिलती हैं। इन्हें आप जहां चाहे, वहां चिपका सकते हैं।