हर किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता,कभी ज़मीं तो कहीं आसमां नहीं मिलता। ये शेर हर किसी के जीवन पर सटीक बैठता है। हर इंसान अपनी जि़ंदगी में किसी न किसी कमी को लेकर परेशान है। कुछ ऐसी ही कमियां हमें अपने घरों में भी दिखाई देती हैं, जिनका समाधान हम अपनी सूझ-बूझ से कर सकते हैं। आइए जानें कैसे।

अगर कमरे हों छोटे

मकान या घर एक ऐसी चीज़ है, जिसे आप रोज-रोज नहीं खरीद और बदल सकते हैं, इसलिए यदि घर में कोई कमी होती है तो सभी को चुभती है। ऐसी ही एक कमी है कमरों का छोटा होना, इसके लिए आप कई कलात्मक उपाय अपना सकती हैं। जैसे अपने कमरे के कम साइज को बढ़ाने के लिए आप मिरर का इस्तेमाल कर सकती हैं। दीवार के सहारे खड़ा एक बड़ा, फ्री-स्टैंडिंग मिरर आपके रूम स्पेस में बदलाव ला सकता है। इसके अलावा कमरे की दीवारों को व्हॉइट पेंट करके साथ ही वहां उसी कलर के पर्दे इस्तेमाल करने से भी कमरा बड़ा नज़र आता है। वैसे आप चाहें तो ट्रांसपेरेंट पर्दों का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। इसके साथ ही कमरों को बहुत ज़्यादा भरे नहीं। कुछ खाली स्पेस ज़रूर छोड़े।

धूप नहीं आती खुलकर

वैसे तो रूम में जितनी ज़्यादा नेच्यूरल लाइट आए, उतना अच्छा है, लेकिन अगर ऐसा नहीं है तो रूम में आप मल्टीपल सोर्स ऑफ लाइट, जैसे फ्लोर लैंप, टेबल लैंप, फोकस लाइट लगा सकती हैं। फ्लोर लैंप इन दिनों काफी इन भी है। रूम की सीलिंग पर पेंडेंट लाइट या फिर झूमर लगा सकते हैं। मूड और माहौल के हिसाब से कैंडल लाइट्स भी इसका एक खूबसूरत और रचनात्मक विकल्प हो सकती है। 

नीरसता रहती है छाई

मकान और घर में यही अंतर होता है। मकान में सूनापन झलकता है, जबकि घर में जीवंत एहसास। कई बार कुछ घरों में बड़ी नीरसता-सी होती है। ऐसे में इसे हरियाली के ज़रिये दूर करने का प्रयास करें। घर के अंदर इंडोर प्लांट्स व बाहर बागवानी करें। भीतर लगाए जाने वाले पौधों को कलरफुल पॉट्स में लगाएं, क्योंकि रंगों से भी नीरसता दूर होती है। ग्रीनरी के होने से रूम में ऑक्सीजन का प्रवाह होगा। कमरों में आप अपनी फोटोज़ व अपनी पसंदीदा पेंटिंग या बुक भी सजा सकते हैं। फाउंटेन भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आजकल बाज़ार में छोटेछोटे खूबसूरत फाउंटेन भी मिलते हैं, जिन्हें घर के अंदर लगाकर जीवंतता भी लाई जा सकती है और ऊर्जा भी।

फर्नीचर की फीकी चमक

एक वक्त के बाद सभी फर्नीचर के साथ ये समस्या होने लग जाती है, किंतु इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि इन्हें डिस्कार्ड कर दिया जाए। अपने इस प्रकार के फर्नीचर से ध्यान बंटाने के लिए आप फ्लोर पर ब्राइट कॉर्पेट डाल सकती हैं या फिर वॉल पर डेकोरेशन करके मेहमानों का ध्यान बंटा सकती हैं। पुराने सोफे की खोई चमक को छिपाने के लिए उस पर ढ़ेर सारे रंग-बिरंगे कुशंस रख सकती हैं।

एक ही डिजाइन से बोरियत

कई बार घर में कोई भी कमी नहीं होती, लेकिन एक ही चीज़ देखते-देखते आंखें थक जाती हैं और मन बोर होने लग जाता है। ऐसे में आप कमरे के फर्नीचर की जगह बदल कर रूम के इंटीरियर में बड़ा चेंज ला सकती हैं। समय-समय पर रूम के पर्दे बदलती रहें। चाहें तो मौसम के अनुसार पर्दों का चयन करें, जैसे गर्मियों में घर के वातावरण को कूल रखने के लिए ब्लू शेड, मॉनसून में बाहरी मौसम से कांप्लिमेंट करते ग्रीन और सर्द मौसम में धूप की आंच भीतर लाने के लिए शीयर या नेट के पर्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हर तीन-चार महीने पर पर्दों के बदलने से रूम नया-सा दिखने लग जाएगा।

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