Migraine Treatment: माइग्रेन सिर दर्द की वो तीव्रता है कि जिसको होता है वही इसकी तकलीफ को समझ सकता है। एक बार अगर आपको माइग्रेन का अटैक आ गया तो यह कई दिन तक आपको परेशान करता है। यहां हम आपके लिए कुछ वैकल्पिक थेरेपी लेकर आए हैं। लेकिन यहां हम आपको सलाह देते हैं कि अगर आपकी किसी तरह की मेडिसन चल रही है तो उसे छोड़कर केवल वैकल्पिक थेरेपी को न अपनाएं। कुछ भी करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लें।
योग

योग हमारी मेंटल और फिजिकल दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है। इतना ही नहीं यह आपके माइग्रेन की समस्या के लिए भी उपयोगी है। यह माइग्रेन की ड्यूरेशन और तीव्रता को कम करता है। आपको माइग्रेन की समस्या है तो आप नियमित तौर से प्राणायाम को करें। गर आपको लगता है कि आपके पास समय नहीं है तो अपनी सांस को थोड़ा गहरा लेने और छोड़ने की आदत डालें। इसके अलावा शवासन, ब्रिज पोज़ भी माइग्रेन को रोकने में सहायक हो सकते हैं। अगर आप 20 से 30 मिनट ऐसी क्रिया को करते हैं तो आप बहुत हद तक माइग्रेन पर विजय पा लेंगे।
बादाम का तेल

अगर माइग्रेन आपको बार-बार अटैक कर रहा है तो यह छोटा सा नुस्खा आपके काम आने वाला है। अगर आप रोजाना गर्म दूध के साथ आधा चम्मच बादाम के तेल का सेवन करेंगे तो से माइग्रेन के लक्षणों को कम कर सकते हैं। लेकिन अगर आपको बादाम का तेल दूध के साथ पीने में परेशानी है तो आप ड्रॉपर की मदद से इसे नाक में भी डाल सकते हैं। इसकी एक बूंद ही काफी है। बादाम फाइबर, प्रोटीन, वसा, विटामिन ई, मैंगनीज और मैग्नीशियम आदि जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। मैग्नीशियम ऑक्साइड की खुराक लेने से लगभग हर तरह के माइग्रेन को रोकने में मदद मिलती है। वहीं आप इससे सिर और तलवों की मालिश करें। माइग्रेन भी ठीक होगा और आपको नींद भी अच्छी आएगी। बादाम के तेल की तरह अगर हम गाय के दूध से घी की 2-3 बूंदें नाक में डालें तो इससे भी माइग्रेन ठीक हो सकता है।
ध्यान और लाइट म्यूजिक

आंखें बंद करके कुछ देर खामोश बैठें। आप इस समय कोई जाप भी कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ देर के लिए लाइट म्यूजिक सुनने को अपनी आदत बना लें। इससे तनाव और चिंता से राहत पाने में मदद मिल सकती है, जो आगे चलकर माइग्रेन के लक्षणों को कम करने में प्रभावी साबित होता है। ध्यान को माइंडफुलनेस भी माना जाता है। यह एक साइकोलॉजिकल प्रोसेस है। इसे करने से इंसान को वर्तमान में रहने में मदद मिलती है। इंसान आने वाले कल और बीते हुए कल के बारे में कम सोचता है। जब आप चिंता कम करते हैं तो माइग्रेन को नियंत्रित कर पाते हैं। आपके अंदर जीवन को लेकर भी एक सकारात्मक नजरिया विकसित होता है।
एक्यूप्रेशर

एक्यूप्रेशन भी माइग्रेन के लिए प्रभावी है। इस थेरेपी या उपचार में, दर्द और अन्य लक्षणों से राहत पाने के लिए नसों में रुकावट को दूर करने के लिए विशेष एक्यूपंक्चर बिंदुओं पर अंगूठे, उंगलियों और हाथों की मदद से प्रेशर डाला जाता है। इससे शरीर में एनर्जी का फ्लो आता है। सबसे बड़ी बात है कि इस थैरेपी का कोई साइड इफैक्ट नहीं है।
