विनीता को बाहर जाना आना पसंद नहीं था, लेकिन जब से वो टाटा पावर व विरमानी ट्रस्ट से जुड़ी हैं, उनके अंदर बहुत बदलाव आए। जब पहचान बनने लगी तो उनका हौंसला बढ़ा और उन्होंने बहुत सी उपलब्धियां हासिल की। पहले वो सेंटर इंचार्ज थी फिर कोर्डिनेटर बनी और अब सीनियर कोर्डिनेटर हैं। उनकी इसे जज्बे के लिए हमने उन्हें बनाया है गृहलक्ष्मी ऑफ द डे।
