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नीलकंठ-गुलशन नन्दा भाग-22

‘और जब वह जान जाएगी तो प्रसन्नता से फूली न समाएगी।’ बेला ने मन-ही-मन यह बात सोची, पर मुँह तक न ला सकी और तेजी से चाय बनाने लगी। हुमायूं के चले जाने पर बेला बोली-‘मैं भी संग चलूँगी।’ नीलकंठ नॉवेल भाग एक से बढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- भाग-1 ‘कहाँ?’ ‘बंबई। पापा […]

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