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गोदान – मुंशी प्रेमचंद भाग-1

होरीराम ने दोनों बैलों को सानी-पानी देकर अपनी स्त्री धनिया से कहा-गोबर को ऊख गोड़ने भेज देना । मैं न जाने कब लौटूँ । ज़रा मेरी लाठी दे दे ।धनिया के दोनों हाथ गोबर से भरे थे । उपले पाथकर आयी थी । बोली-अरे, कुछ रस-पानी तो कर लो । ऐसी जल्दी क्या है ।होरी […]

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