सेक्सोलाजिस्ट मानते हैं कि मनुष्य देह मल्टिपल आर्गेज्म वाली होती है। स्त्री को प्रकृति ने पुरुष की तुलना में आर्गेज्म पर ज्यादा बार पहुंचने की क्षमता दी है । जहां एक ओर पुरुषों का आर्गेज्म महिलाओं की तुलना में अधिक भरोसेमंद होता है वहीं वह महिलाओं से कम समय के लिए भी होता है।
