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संतान नाशक योग के निवारण

ज्योतिषीय सिद्धांतों के अनुसार पंचम् भाव संतान सुख का प्रतिनिधित्व करता है। कारक ग्रहों में बृहस्पति को संतान का कारक ग्रह माना जाता है। संतान सुख हेतु पंचमेश एवं बृहस्पति का बलवान होना एवं पंचम् भाव पर और कारक पर शुभ ग्रहों का प्रभाव संतान सुख देता है।

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