श्रेया की कहानी ज्यादातर लड़कियों की कहानी है जो अपनी शादीशुदा लाइफ के लिए अपने करियर को आसानी से जाने देती हैं। लेकिन कुछ सालों बाद उन्हें एहसास होता है कि सिर्फ परिवार और घर ही सबकुछ नहीं है। लेकिन जब श्रेया को ये एहसास हुआ कि अपने अपनों के बीच उनका व्यक्तित्व खो रहा है, तो वो समय और किस्मत का बहाना न बनाकर अपने करियर को संवारने की कोशिश में जुट गई और यही वजह है कि आज हम उन्हें बना रहे हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे।
