googlenews
Mithun Rashifal 2022
Gemini Horoscope 2022

कु, घ, ड, छ आर्द्रा-4

के, हो, ह पुनर्वसु-3


ग्रह स्थिति

मासारम्भ में चंद्रमा मिथुन राशि का लग्न में, केतु तुला राशि का पंचम भाव में, शनि कुंभ राशि का नवम भाव में, बृहस्पति+मंगल मीन राशि का दशम भाव में, राहु+शुक्र मेष राशि का ग्यारहवें भाव में, सूर्य+बुध वृषभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।


8 जून से 15 जून तक

दिनांक 8, 9, 10 को परेशानियां आएंगी। आपकी सहनशीलता खत्म हो जाएगी। पति-पत्नी के आपसी मतभेद का निराकरण नहीं हो पाएगा। गुप्त शत्रुओं व प्रतिद्वन्दियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। भाइयों की बात चुभेगी। किन्तु उसकी अनदेखी करें व उनसे विशेष प्रेमभाव रखें। बच्चों को समय दें। अन्यथा वे आपसे दूर होते चले जाएंगे। 11, 12 को कुछ नया सीखेंगे। कहीं शादी, पार्टी विवाह आदि में जाने का प्रोगाम बना सकते हैं। आप जो भी कार्य करेंगे वह अपने तरीके से करेंगे, जिसका परिणाम सुखद प्राप्त होगा। 13, 14 को आपके अधिकांश कार्य समय पर व निर्विघ्न सम्पन्न हो जाएंगे, जिससे मन में प्रसन्नता का भाव विद्यमान रहेगा। 15 को स्वास्थ्य का पाया सुधरेगा। आय के नवीन साधन बनेंगे।

मिथुन राशि की शुभ-अशुभ तारीख़ें

2021शुभ तारीख़ेंसावधानी रखने योग्य अशुभ तारीख़ें
जनवरी10, 11, 12, 16, 17, 20, 213, 4, 5, 13, 14, 23, 24, 31
फरवरी6, 7, 8, 12, 13, 16, 17, 181, 9, 10, 19, 20, 27, 28
मार्च6, 7, 11, 12, 13, 16, 179, 10, 18, 19, 20, 26, 27, 28
अप्रैल2, 3, 4, 8, 9, 12, 13, 29, 305, 6, 15, 16, 23, 24
मई1, 5, 6, 9, 10, 11, 27, 282, 3, 12, 13, 20, 21, 22, 30, 31
जून1, 2, 3, 6, 7, 23, 24, 28, 29, 309, 10, 16, 17, 18, 26, 27
जुलाई3, 4, 20, 21, 22, 26, 27, 30, 316, 7, 14, 15, 23, 24
अगस्त1, 17, 18, 22, 23, 26, 27, 282, 3, 10, 11, 12, 19, 20, 29, 30, 31
सितम्बर13, 14, 18, 19, 20, 23, 247, 8, 16, 17, 26, 27
अक्टूबर10, 11, 12, 16, 17, 20, 214, 5, 6, 13, 14, 23, 24
नवम्बर7, 8, 12, 13, 16, 17, 181, 2, 9, 10, 19, 20, 21, 27, 28, 29
दिसम्बर4, 5, 9, 10, 11, 14, 15, 317, 8, 17, 18, 25, 26

मिथुन राशि का वार्षिक भविष्यफल

Mithun Rashifal 2022
मिथुन राशि

इस वर्ष देवगुरु बृहस्पति आपकी राशि से नवम व दशम भाव में भ्रमण करेगा। इस वर्ष स्वास्थ्य में उचित सुधार होगा। शरीर में नवीन ऊर्जा का संचार होगा। कुछ विशेष कार्य करने की प्रेरणा मन में रहेगी। व्यापारिक व कार्यक्षेत्र में इस साल आप उन्नति के साथ-साथ सफलता भी प्राप्त करेंगे। इस वर्ष उच्चाधिकारी वर्ग व राजनीतिक महत्त्व के लोगों से भी आपके सम्पर्क व सम्बन्ध बनेंगे। इस वर्ष शनि की ढैय्या का प्रभाव भी आपकी राशि पर रहेगा। अतः 29 अप्रैल तक स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रह सकते हैं। उदर विकार, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों में लापरवाही के परिणाम घातक हो सकते हैं। नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण करवाते रहें।
इस वर्ष नवम व दशम स्थान में देवगुरु ब्रहस्पति की स्थिति के फलस्वरूप आपको किसी पुरस्कार से सम्मानित किया जा सकता है। पारिवारिक सुख-शांति व समृद्धि की दृष्टि से यह साल अच्छा रहेगा। परिवार के सदस्यों में एक दूसरे के प्रति प्रेम व सामंजस्य का भाव विद्यमान रहेगा। इस साल भागदौड़ व दौड़धूप अधिक रहेगी। शनि का परिभ्रमण इस वर्ष आठवें व नवमें भाव में रहेगा। अतः 29 अप्रैल तक शत्रुओं और षड्यंत्रों से परेशानी रहेगी। व्यापार में जल्दबाजी में लिए गए निर्णय भी गलत साबित होंगे। अपरिचित व अजनबी व्यक्तियों पर विश्वास हानि का कारण बन सकता है। अगर आप सरकारी नौकरी में हैं तो आपको एक-एक कदम सोच-सोच कर रखना चाहिए। मिथुन राशि के जातक बुद्धिमान होते हैं। अपनी चतुराई, बुद्धिमता व वाक चातुर्य की सहायता से आप बड़े से बड़ा काम चुटकियों में निपटा लेंगे। पति-पत्नी में यदा-कदा वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। संतान की शिक्षा व करियर आपकी चिंता का कारण रहेगा। हालांकि इन सबके बीच घर के वरिष्ठ सदस्यों का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
इस साल गोचरवश राहु द्वादश व एकादश स्थान में स्थित रहेंगे। जो कि आर्थिक कश्मकश व खींचतान को दिखा रहे हैं। पैसा आने से पहले जाने का रास्ता भी तैयार रहेगा। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें अन्यथा ऋण लेने की भी नौबत आ सकती है। संतान की गतिविधि, उसकी हरकतों व सौहवत पर पूरी नजर रखें। 4 जून से 23 अक्टूबर, 2022 के मध्य भाग्येश शनि वक्र स्थिति में चलायमान रहकर उन्नति में बाधक बन सकते हैं। इस कालखण्ड (समय विशेष) में क्रोध व वाणी पर काबू रखें अन्यथा बना बनाया खेल बिगड़ सकता है। भागीदार व पार्टनर कर्मचारी पर निगाह रखें, अन्यथा बना बनाया खेल बिगड़ सकता है, यह भी पता करें कि कहीं आपकी व्यावसायिक गोपनीयता भंग तो नहीं हो रही है। अगर आप किसी दुर्व्यसन या बुरी आदत के शिकार हैं तो उसे छोड़ने का प्रयास करें। 12 जुलाई के बाद शनि वापस आठवें स्थान में आकर कार्यक्षेत्र में परेशानियों का कारण बन सकता है। सम्पति सम्बन्धी मसले आपको बातचीत व आपसी सहमति से हल करने का प्रयास करना चाहिए। कानूनी पचड़ों से आपको दूर रहने का प्रयास करना चाहिए। बच्चों पर अध्ययन के लिए दबाव नहीं बनाएं। रिश्तेदार अपने मतलब तक या स्वार्थ तक आपके साथ रहेंगे, जैसे ही उनका काम समाप्त हुआ, वैसे ही आपसे कतराना शुरू कर देंगे।

मिथुन राशि कैसी रहेगी 2022 में आपकी सेहत?

इस साल दीर्घकालिक बीमारियों से सावधानी की आवश्यकता है। जुलाई से नवम्बर के मध्य गुरु के वक्रत्व काल में उदर विकार, बदहजमी पाचनतंत्र के रोग जैसी बीमारियों का प्रकोप रहेगा। भारी भोजन करने से या बाहर का खाना खाने से पेट खराब हो सकता है। जून से अक्टूबर के मध्य शनि वक्र स्थिति में चलायमान रहेंगे। इस दरम्यान किसी शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के योग बने हुए हैं। नित्य योग, प्राणायाम, शारीरिक व्यायाम, पैदल चलना, ध्यान जैसी चीजों के लिए आप तमाम व्यस्तताओं के बीच समय निकाल ही लेंगे। शनि के वक्र काल में वाहन द्वारा क्षति भी हो सकती है। सतर्क रहें।

मिथुन राशि व्यापार, व्यवसाय व धनके लिए कैसा रहेगा आने वाला साल 2022 ?

इस वर्ष आप व्यापार व कारोबार की उतरी हुई गाड़ी को पटरी पर लाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगायेंगे। मेहनत अधिक व प्रतिफल कमजोर रहेंगे। इस वर्ष कोई बड़ा काम अनुबंध या करार आपके हाथों से फिसल सकता है। व्यापार व काम-काज के विस्तार को लेकर जो योजनाएं बना रहे हैं, उनको मूर्त रूप देने का समय अब आ गया है। नौकरी में बॉस व अधिकारी आप पर पूरा दबाव बनाएंगे। लक्ष्यों को पूरा करने का दबाव बना रहेगा। व्यापार में कुछ ठोस व महत्त्वपूर्ण निर्णयों को लेने की आवश्यकता है। व्यावसायिक प्रतिद्वन्दी व प्रतिस्पर्धियों की एक-एक घटना व हरकत पर पैनी नजर रखें। उधार का व्यवहार भूल कर भी नहीं करें। हालांकि इस साल आप व्यापार व काम-काज को गंभीरता से लेंगे। इस वर्ष सम्पति के रख-रखाव पर खर्चा होगा। कर्मचारी पर ज्यादा भरोसा नहीं करें। आमदनी अठन्नी व खर्चा रुपया वाली स्थिति रहेगी। नौकरी में बॉस व अधिकारियों से अनबन हो सकती है। आप बात-बेबात ही अपने अधिकारी से उलझ पड़ेंगे। इस साल बाजार की स्थिति काफी असमंजस व अस्थिरता से भरी हुई है। अतः आर्थिक जोखिम नहीं उठाएं। निवेश से पूर्व अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर लें।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका घर-परिवार, संतान व रिश्तेदार के साथ सम्बन्ध ?

इस वर्ष आपको अपने व पराए की पहचान होगी। हालांकि इस वर्ष आपको जीवन साथी से अपार प्रेम व सहयोग मिलेगा। परंतु रिश्तेदार व कुटुम्बीजन आपसे नजरें चुरायेंगे। संतान का करियर आपकी चिंता का कारण बन सकता है। माता-पिता व घर के वरिष्ठ सदस्यों की सेवा का अवसर प्राप्त होगा। केतु अप्रैल से पांचवे स्थान में चलायमान होंगे, अतः परिवार के सदस्यों में मतभेद बढ़ सकते हैं। भाइयों से सम्पति व बटवारे सम्बन्धी विवाद भी गहरायेगा। किसी वरिष्ठ व बुजुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से विवाद आपसी सहमति से सुलझेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर अस्पताल के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं।

जानिए कैसा रहेगा 2022 में आपका विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर ?

इस वर्ष मिथुन राशि के जातकों का मन पढ़ाई में लगेगा। अपने करियर व भविष्य के प्रति फोकस करेंगे। नौकरी से सम्बन्धित इंटरव्यू, साक्षात्कार, परीक्षा आदि में सफलता के योग तो बने हुए हैं, परंतु आपको मेहनत काफी करनी पड़ेगी। सोहबत का ध्यान रखें, बुरी आदतों व खराब लोगों से दूर रहें। प्रेम-प्रसंगों से भी एक निश्चित दूरी बनाकर रखें, लक्ष्य के प्रति समर्पण व एकाग्रचित्तता ही आपको दूर तक लेकर जायेगी। काम-काज व नौकरी में लक्ष्यों को आप बड़ी सहजता व सरलता से हासिल कर लेंगे। हालांकि सहकर्मियों व बॉस से इतने सहयोग की अपेक्षा नहीं की जा सकती। फिर भी आप जमकर मेहनत करेंगे। विपरीत परिस्थितियों को भी अपने पक्ष में कर लेंगे। गायत्री मंत्र का जप करें, मेडिटेशन से भी एकाग्रचित्तता का विकास होगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपके प्रेम-प्रसंग व मित्रता सम्बन्घ ?

पंचमेव शुक्र वर्षारंभ में प्रथम स्थान में है। अतः इस वर्ष आपको प्रेम के प्रस्ताव मिलते रहेंगे। परंतु इस वर्ष अप्रैल तक शनि की ढैय्या का प्रभाव है, अतः प्रेम सम्बन्धों के उजागर होने का भी खतरा बना हुआ है। मिथुन राशि के व्यक्ति थोड़े संकोची स्वभाव के होते हैं। अतः प्रेम में भी संकोच की स्थिति रह सकती है। जहां तक मित्रों की बात है, मित्रों की संख्या बहुत ही रहेगी, क्योंकि आप मिलनसार व्यक्तित्व के धनी हैं। परंतु सच्चे मित्रों की संख्या कम ही रहेगी। बहरहाल इस वर्ष कोई पुराना मित्र मिलेगा तथा आप उसके साथ पुरानी बातें और यादें तरोताजा कर स्वयं को प्रसन्नचित्त महसूस करेंगे।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 में आपकेवाहन, खर्च व शुभ कार्य?

इस वर्ष आपको वाहन को लेकर पेरशानी रह सकती है। मंगल वाहन का कारक होकर वर्षारंभ में छठे स्थान में स्थित हैं। तथा बुध भी चतुर्थेश होकर आठवें हैं। अतः वाहन बार-बार खराब होगा। वाहन को लेकर परेशानी वर्ष पर्यंत चलती रहेगी। इस वर्ष खर्च में भी प्रबलता रहेगी। अपने खर्चों को व्यवस्थित करने के लिए ऋणग्रस्तता की स्थिति भी रह सकती है, लेकिन आपको शीघ्र ही ऋणग्रस्तता से निवृत्ति मिल सकती है।

मिथुनराशि वाले कैसे बचेहानि, कर्ज व अनहोनी से?

इस वर्ष शनि की ढैय्या के कारण धन हानि की संभावना है। लोग आपकी भावना का गलत व नाजायज फायदा उठा सकते हैं। अगर आप राजकीय सेवा में हैं, तो एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रखें, आप किसी षड्यंत्र या साजिश का हिस्सा बन सकते हैं। आपको ट्रेप किया जा सकता है, मंगल छठे स्थान में वाहन द्वारा क्षति की स्थिति भी दिखला रहा है, वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं अन्यथा कोई अनहोनी भी घटित हो सकती है। ऋणग्रस्तता की स्थिति तो रहेगी, लेकिन धीरे-धीरे ऋणग्रस्तता की स्थिति से छुटकारा मिल जायेगा।

जानिए कैसा रहेंगे 2022 मेंआपका यात्रा योग?

इस वर्ष किसी महत्त्वपूर्ण यात्रा की संभावना व स्थिति तो नहीं दिखलाई पड़ रही है, छोटी-मोटी यात्राएं वर्ष पर्यंत चलती रहेंगी, हालांकि वे यात्राएं कोई विशिष्ट
उपलब्धिपूर्ण नहीं होंगी। किसी धार्मिक स्थल की यात्रा का कार्यक्रम भी बन सकता है।

कैसे बनाये मिथुन राशिवाले 2022 को लाभकारी ?

वर्ष के शुभ प्रभावों में वृद्धि के लिए ‘संकटनाशन गणेश स्त्रोत’ का पाठ करें। ओनेक्स युक्त बुध यंत्र गले में धारण करें। तुलसी की सेवा करें, तुलसी को नित्य सींचें। हरे रंग का सुगंधित रुमाल पास में रखें।

मिथुन राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मिथुन राशि का स्वामी बुध है, अतः मिथुन राशि के जातक (व्यक्ति) विनम्र, उदार व हास्यप्रिय प्रवृत्ति के होते हैं। बुध के प्रभाव के कारण ऐसा जातक बुद्धिमान होता है। इनमें स्वाभिमान का भाव भी परिलक्षित होता है। मिथुन राशि का चिह्न स्त्री-पुरुष का जोड़ा है। अतः इस राशि के लोग विपरीत लिंगी के प्रति सहज ही आकर्षित होते हैं। ऐसा व्यक्ति शास्त्र कर्म को जानने वाला, संदेश, वचन में निपुण, बातचीत में होशियार, चतुर बुद्धि, हास्य करने वाला विनोदी व दूसरे के भावों को आसानी से समझने वाला मनुष्य होता है। सारावली तो मिथुन राशि के जातक के बारे में यहां तक कहती है-
मिथुनादिमे दृगाणे पृथत्तमाडो धनान्वितः प्रांशुः।
कितवो गुणी विलासी, नृपाप्तमानो वचस्वी स्यात्।।
अर्थात् मिथुन राशि का व्यक्ति मोटे मस्तक वाला, धनी, ऊंचा, वाचाल, धूर्त, गुणी, विलासी, राजा से सम्मान प्राप्त करने वाला और बेहतरीन वक्ता होता है।
मिथुन राशि में उत्पन्न जातक विनम्र, उदार एवं हास्य प्रवृत्ति के होते हैं तथा बुद्धिमता के भाव उनके चेहरे से परिलक्षित होते हैं। इनमें स्वाभिमान का भाव विद्यमान रहता है तथा वे भौतिक सुख-साधनों एवं धनैश्वर्य से सम्पन्न रहते हैं। वे कार्यों को अत्यन्त ही सोच-समझकर सम्पन्न करते हैं, सरकार या उच्चाधिकारी वर्ग से उनका सम्पर्क बना रहता है, संगीत एवं कला के प्रति इनकी रुचि रहती है तथा नवीन सिद्धांतों या मूल्यों का प्रतिपादन करने में समर्थ रहते हैं। इसके अतिरिक्त गणित, लेखन या संपादन के क्षेत्र में इनको सफलता प्राप्त होती है। अतः इसके प्रभाव से आपका शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम रहेगा तथा मानसिक संतुष्टि भी बनी रहेगी। अपने समस्त सांसारिक महत्त्व के कार्यों को आप बुद्धिमतापूर्वक सम्पन्न करेंगे। साथ ही जीवन में स्वपरिश्रम एवं योग्यता से आपको भौतिक सुख-संसाधनों की प्राप्ति होगी तथा धनैश्वर्य से सुसम्पन्न होकर अपना जीवन व्यतीत करेंगे।
यह द्विस्वभाव राशि है, अतः इस राशि वाले व्यक्ति प्रत्येक वस्तु के दोनों पहलुओं पर बहुत अच्छी तरह सोच-विचार कर फिर निर्णायात्मक कदम उठाते हैं। यह राशि दिवाबली मध्यम संतति और शिथिल शरीर का प्रतिनिधित्व करती है। इस राशि के व्यक्तियों को क्रोध कम आता है, प्रायः ये शान्त व गम्भीर स्वभाव के होते हैं। यदि ये क्रोधित हो जाएं, तो क्रोध शान्त होने पर पश्चाताप प्रकट करते हैं। इस राशि का चिह्न ‘गदा व वीणा सहित पुरुष-स्त्री की जोड़ी’ है। अतः इस राशि वाले व्यक्ति संगीत-वाद्य आदि कलाओं में रुचि रखते हैं।
मिथुन राशि के लोग यदि अच्छे की सोहबत में रहते हैं, तो अच्छे परिणाम देते हैं, वहीं ख़राब की सोहबत में ऐसे लोग ख़राब हो जाते हैं। नपुंसक बुध के प्रभाव से मिथुन राशि के लोगों पर संगत का असर ज़्यादा होता है। ये लोग शीघ्र ही दूसरे लोगों के प्रभाव व आकर्षण केन्द्र में आ जाते हैं, जो इनकी सबसे बड़ी कमज़ोरी है।
मित्रों के प्रति आपके मन में पूर्ण निष्ठा रहेगी तथा सरकारी कार्यों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपना सहयोग प्रदान करेंगे। आपका व्यक्तित्व आकर्षक होगा तथा वाणी में भी मधुरता रहेगी। साथ ही शांत, विनम्र एवं हास्य प्रवृत्ति के कारण अन्य जनों को प्रभावित तथा आकर्षित करने में समर्थ रहेंगे। कला एवं संगीत के प्रति आप रुचिशील रहेंगे। प्रयत्न के इस क्षेत्र में मान-प्रतिष्ठा भी प्राप्त हो सकती है। लेखन, गणित, सम्पादन या व्यापार संबंधी कार्यों में आप उन्नति प्राप्त करके समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति के रूप में स्वयं को स्थापित करने में समर्थ रहेंगे।
यदि आपका जन्म मिथुन राशि में ‘मृगशिरा नक्षत्र’ के 3, 4 चरण (का, की) अक्षरों में है, तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि‒सर्प, गण‒देव, वर्ण‒शूद्र, युज्जा‒पूर्व, हंसक‒वायु, नाड़ी‒मध्य, पाया‒सोना और वर्ग‒बिलाव है। इस नक्षत्र का प्राकृतिक स्वभाव विद्याध्ययनी और शिल्पी है। इस राशि वाले बालक बहुत ही चतुर व सुन्दर होते हैं। प्रायः ये मध्यम कद के छरहरे बदन के होते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से मितव्ययी एवं सोच-विचारकर खर्च करने वाले होते हैं। इनकी प्रगति में निरन्तर बाधाएं आती रहती हैं तथा इनका जीवन परिवर्तनमय रहता है। ‘Change is Charm of Life’ के सिद्धांत का प्रतिपादन करने वाले ये व्यक्ति प्रायः एक धंधे को छोड़कर दूसरे धंधे में हाथ डालते हुए देखे गए हैं।
यदि आपका जन्म मिथुन राशि में ‘आर्द्रा नक्षत्र’ के (कु, घ, ड, छ) अक्षरों में है, तो आपका जन्म 18 वर्ष की राहु की महादशा में हुआ है। आपकी योनि‒श्वान, गण‒मनुष्य, वर्ण‒शूद्र, युज्जा‒मध्य, हंसक‒वायु, नाड़ी‒आद्य, पाया‒चांदी का एवं प्रथम तीन चरण-बिलाव एवं अंतिम चरण-सिंह वर्ग का है। आर्द्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति क्रय-विक्रय में निपुण होते हैं। आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी रुद्र होने से इनमें संहारक शक्ति विशेष होती है।
यदि आपका जन्म मिथुन राशि के ‘पुनर्वसु नक्षत्र’ के प्रथम तीन चरणों (के, को, हा) में हुआ है, तो आपका जन्म 16 वर्ष की बृहस्पति की महादशा में हुआ है। आपकी योनि‒ मार्जार, गण‒देव, वर्ण‒शूद्र, युज्जा‒मध्य, हंसक‒वायु, नाड़ी‒आद्य, पाया‒चांदी, प्रथम दो चरण-बिलाव एवं तृतीय चरण-हिरण वर्ण का है। पुनर्वसु नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति धन एकत्रित करने में निपुण होते हैं। अपनी इन्द्रियों व इच्छाओं पर इनका विशेष नियंत्रण होता है।
आपका व्यक्तित्व भी आकर्षक होगा। फलतः अन्य लोग आपसे प्रभावित तथा आकर्षित रहेंगे। जीवन में समस्त सांसारिक सुखों का उपयोग करने में आप सफल होंगे तथा धनैश्वर्य एवं वैभव से भी सुसम्पन्न रहेंगे। आप एक विद्वान पुरुष होंगे, फलतः अपनी विद्वता से समाज में मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करेंगे।
धर्म के प्रति भी आपके मन में श्रद्धा का भाव विशेष होगा, निष्ठापूर्वक आप धार्मिक कार्यकलापों को सम्पन्न करेंगे। साथ ही अवसरानुकूल सामाजिक जनों के मध्य उदारता तथा दानशीलता के भाव का भी प्रदर्शन करेंगे, फलतः सामाजिक प्रभाव तथा प्रतिष्ठा में सतत वृद्धि होती रहेगी। मर्म के आप ज्ञाता होंगे तथा गूढ़-से-गूढ़ विषय को हल करने में समर्थ होंगे।
व्यापार के प्रति आपकी विशेष रुचि होगी, इनके द्वारा आप धनवान एवं विख्यात होंगे। संगीत एवं कला में भी आप समयानुसार अपनी रुचि का प्रदर्शन करते रहेंगे। आप सांसारिक ऐश्वर्य से युक्त होंगे तथा सामान्यतया आपका जीवन सुख एवं प्रसन्नता से युक्त ही रहेगा। इस प्रकार आप शांत, उदार, हास्य प्रवृत्ति युक्त एवं विद्वान पुरुष होंगे तथा जीवन में समस्त सुखों को अर्जित करके प्रसन्नतापूर्वक उनका उपयोग करेंगे।
बुध हरित वर्ण का है, यह हल्के रंग की किरण फेंकता है। आपका शुभ रत्न ‘पन्ना’ है तथा बुधवार आपके लिए अनुकूल परिस्थितियों का परिचायक है। बुध की और अधिक शुभता प्राप्त करने के लिए आप रत्नजड़ित बुध यंत्र भी गले में धारण करें।

मिथुन राशि वालों के लिए उपाय

मिथुन राशि में उत्पन्न व्यक्तियों को विष्णु पूजन, यज्ञ व विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। बुध का रत्न ‘पन्ना’ या ‘ओनेक्स’ धारण करें। मूंग की दाल का अत्यधिक सेवन करें। जबरजद या मरगज भी धारण किया जा सकता है। बुधवार का व्रत करना भी मिथुन राशि के लोगों के लिए लाभप्रद रहता है।

मिथुन राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि ‒ मिथुन
    1. राशि चिह्न ‒ स्त्री-पुरुष का जोड़ा, गदा व वीणा हाथ में
    2. राशि स्वामी ‒ बुध
    3. राशि तत्त्व ‒ वायु तत्त्व
    4. राशि स्वरूप ‒ द्विस्वभाव
    5. राशि दिशा ‒ पश्चिम
    6. राशि लिंग व गुण ‒ पुरुष (कुमार)
    7. राशि जाति ‒ शूद्र
    8. राशि प्रकृति व स्वभाव ‒ क्रूर स्वभाव, त्रिधातु प्रकृति
    9. राशि का अंग ‒ कन्धा
    10. अनुकूल रत्न ‒ पन्ना
    11. अनुकूल रंग ‒ हरा
    12. शुभ दिवस ‒ बुधवार
    13. अनुकूल देवता ‒ गणपति
    14. व्रत, उपवास ‒ बुधवार
    15. अनुकूल अंक ‒ 5
    16. अनुकूल तारीख़ें ‒ 5/14/23
    17. मित्र राशियां ‒ मेष, तुला, कुंभ, सिंह, कन्या
    18. शत्रु राशियां ‒ कर्क
    19. व्यक्तित्व ‒ चतुर, निडर, बुद्धिमान
    20. सकारात्मक तथ्य ‒ कुशल व्यापारी-व्यवसायी, वाक्पटु
    21. नकारात्मक तथ्य ‒ निर्मोही, आत्मकेन्द्रित, निष्ठुर

Leave a comment